जिला कलेक्टर ने आखिर क्यों बना रखी है तीर्थ नगरी पुष्कर से दूरी

*अजमेर कलेक्टर बनने के बाद से अभी तक सिर्फ एक बार आये पुष्कर , जगत पिता ब्रम्हा मंदिर की प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष भी है कलेक्टर शर्मा •••*

राकेश भट्ट
अजमेर के जिला कलेक्टर और ब्रम्हा मंदिर की अस्थाई प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष श्री मान विश्व मोहन शर्मा जी ने लगता है तीर्थ नगरी पुष्कर से पूरी तरह दूरी बना रखी है । ऐसा लगने लगा है कि शायद पुष्कर तीर्थ उनके जिले में आता ही नही है । तभी तो उन्होंने इस सनातन तीर्थ से ऐसा मुहं फेर रखा है जैसे यह किसी अन्य जिले का हिस्सा हो। जिला कलेक्टर की बेरुखी का आलम तब भी था जब पुष्कर सरोवर लगातार गिरते जलस्तर के पश्चात अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहा था । हद तो यह थी कि पुष्कर सरोवर की हो रही दुर्दशा से अवगत करवाने जब तीर्थ पुरोहितो के शिष्ट मंडल जिला कलेक्टर से मिलने अजमेर पहुंचा तो उन्होंने उनसे मिलना तक मुनासिब नही समझा । इसके पश्चात हुए प्रदर्शन और पुरोहितों के गुस्से को देखते हुए एडीएम सिटी अरविंद सेंगवा ने पांच ट्यूबवेल खुदवाए जाने का आश्वासन जरूर दिया , लेकिन उन आदेशो पर भी अंत तक जिला कलेक्टर ने अपनी मोहर नही लगाई । आखिर में पालिकाध्यक्ष कमल पाठक को पालिका बोर्ड की साधारण सभा में पांच ट्यूबवेल खोदे जाने का प्रस्ताव पास करवाना पड़ा ।

वो तो शुक्र है भगवान का की ट्यूबवेल खोदे जाने से पूर्व ही उन्होंने सुन ली और बारिश की ऐसी झड़ी लगाई की एक के बाद एक हुई बरसात के चलते सरोवर के जलस्तर ने बीते कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया । वर्तमान में सरोवर का जलस्तर 25 फीट के लगभग है जो यह दर्शाता है कि इसे ना किसी सरकारी मदद की दरकार है और ना ही किसी अधिकारी के रहमो करम की जरूरत । वैसे भी पुष्कर तीर्थ इस धरती का एकमात्र ऐसा तीर्थ है जो सतयुग से लेकर आज घोर कलियुग तक ना सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाये हुए है बल्कि इसकी पवित्रता और मर्यादा भी बचाये हुए है । ताज्जुब इसी बात का है कि जिला कलेक्टर ने जब जरूरत थी तब भी पुष्कर की सुध नही ली और अब अथाह पानी आ जाने के बाद भी आकर देखना जरूरी नही समझा ।

खास बात यह है कि अपने सात महीनो के कार्यकाल के दौरान शर्मा जी ने उस ब्रम्हा मंदिर का दौरा करके एक बैठक करना भी मुनासिब नही समझा जिसकी प्रबंध कमेटी के वे स्वयं अध्यक्ष है । सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वो कौनसी वजह है जिसके चलते जिला कलेक्टर शर्मा पुष्कर आना ही नही चाहते । आखिर क्यों उन्होंने पुष्कर से दूरी बना रखी है । में तो यही चाहता हूं कि वे समय निकालकर यहां जरूर आये और देखे अभी भी इस तीर्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को विकास की बहुत दरकार है । आज भी यहां सड़को में गड्डे है , बस स्टैंड का हाल बेहाल है , मुख्य बाजार अतिक्रमण की भेंट चढ़ा हुआ है । रोडवेज बसे समय पर चलती नही है । बार बार सीवरेज सिस्टम फेल होने से नागरिक परेशान है । समस्याये अनेक है । यदि जिलाधीश महोदय समय निकालकर इच्छा शक्ति दिखाए तो इनका समाधान जरूर हो सकता है । ठीक वैसे ही जैसे तत्कालीन जिला कलेक्टर गौरव गोयल व्यक्तिगत तौर पर शामिल होकर हर समस्या के प्रति सकारात्मक सोच दर्शाया करते थे •••••

*राकेश भट्ट*
*प्रधान संपादक*
*पॉवर ऑफ नेशन*
*मो 9828170160*

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