क्रिकेट का इतिहास काफी पुराना है

पिछले एक सदी में 22 गज की पिच पर न जाने कितने ऐतिहासिक और चर्चित मैच खेले गए। इसमें कुछ मुकाबले हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए। ऐसा ही एक मुकाबला आयोजित हुआ था 18 फरवरी 1986 को, यह मैच इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज के बीच खेला गया था। जिसमें जीत-हार से ज्यादा मैदान में कैरेबियाई गेंदबाजों की खौफ सुर्खियों में रही। खासतौर से जब इंग्लिश बल्लेबाल माइक गेटिंग बीच मैच में लहुलुहान हो गए तो हर कोई सकते में रह गया।
साल 1986 की बात है, इंग्लिश टीम चार मैचों की वनडे सीरीज खेलने वेस्टइंडीज दौरे पर गई थी। सीरीज का पहला मैच किंग्सटन के सबीना पार्क में आयोजित किया गया। उस वक्त इंग्लैंड की टीम की कमान डेविड गोवर के हाथों में थी वहीं मेजबान टीम की अगुआई सर विवियन रिचर्ड्स कर रहे थे। रिचर्ड्स ने टॉस जीतकर मेहमान इंग्लैंड को पहले बैटिंग का न्यौता दिया। इंग्लिश टीम की तरफ ये ग्राहम गूच और राबिंनसन ओपनिंग करने आए, मगर राबिनसन चार गेंदें खेलकर बिना रन बनाए पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान गोवर भी डक आउट का शिकार बने। अब क्रीज पर थे माइक गेटिंग जोकि उस वक्त अच्छी फॉर्म में चल रहे थे। इंग्लैंड के फैंस को लगा कि गेटिंग टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकाल लेंगे मगर फिर वो हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।

दाएं हाथ के इंग्लिश बल्लेबाज माइक गेटिंग अभी 10 रन बनाकर खेल ही रहे थे कि उनका सामना हुआ कैरेबियाई गेंदबाज मॉलकम मार्शल से। मार्शल उस वक्त सबसे खतरनाक वेस्टइंडीज तेज गेंदबाज थे। इसके बावजूद गेटिंग बिना वाइजर का हेलमेट पहने मैदान में उतरे थे। तभी मार्शल की एक उछाल लेती गेंद पर हुक शॉट लगाने के चक्कर में गेंद गेटिंग की नाक में लगी। यह बॉल इतनी तेजी थी कि, नाक से बॉल टकराते ही गेटिंग के हाथ से बल्ला छूट गया, हालांकि बाद में गेंद टप्पा खाकर स्टंप में जा टकराई मगर उस वक्त विकेट की खुशी से ज्यादा मैदान में दहशत थी क्योंकि नाक में चोट लगने के बाद गेटिंग जमीन पर गिर पड़े और उसके बाद पिच पर खून ही खून बिखरा पड़ा था।

अतुल दुबे

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