ईर्ष्या ही है जीवन को नारकीय बनाने की जन्मदात्री पार्ट 3

j k garg
जो वस्तु वर्तमान में आपके पास में नहीं है किन्तु वे वस्तुएं दूसरों के पास हों तब आत्मचिंतन करके उन वस्तुओं की आवश्यकता के बारे में सोचें और उनमें से नितांत जरूरी चीजों को ही प्राप्त करने के लिये सकारात्मक सोच के साथ पुरी निष्ठा के साथ कोशिश करें।

ईर्ष्या से छुटकारा पाने के लिये मित्रों, स्वजनों, पास पड़ोसियों , सहकर्मियों एवं अधिकारियों की उपलब्धियों की खुले दिल से उनके सामने उनकी प्रशंसा करें और उनका उत्साह वर्धन करें, ऐसा करने से जहाँ उनसे आपके पारस्परिक रिश्तें मजबूत और मधुर बनेगे जिससे आपके मन में उपजा ईर्ष्या का जहरीला पोधा स्वत: ही धीमे धीमे नष्ट हो जायेगा किन्तु अगर आप ऐसा नहीं करेगें जलन ईर्ष्या की ज्वाला आपके मन में मजबूत बनती जायेगी एवं अन्तोग्वा यह भावना ज्वालामुखी बन कर आपकी खुशियों को खत्म कर देगी और आप नकारात्मकता के नरग में गिरते जायेगें | खुद को खुश रखने और दूसरों को भी खुशी देने के लिये अपने भीतर मौजूद प्रेम को बिना हिचक व्यक्त करना शुरू करें | में आपका सम्मान करता हूँ, आपसे स्नेह करता हूँ, आपका आभारी हूँ जैसे शब्दों का प्रयोग जरुर करें , अपने सहयोगियों आत्मीयजनों को धन्यवाद देना नहीं भूलें |

डा. जे. के. गर्ग

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