सोच, सोचकर सोचिए,साथ क्या ले जाएगा ?
अरे देखते ही देखते मर जाओगे
सब यहीं रह जाएगा।
तेरा खुद का पैदा किया हुआ
तुझको जला के आएगा,
मगर प्यारे दूसरा कोई
हाथ भी नहीं लगायेगा।
ये कालचक्र है चलता ही
चलता ही जाएगा,
फिर कल कोई तेरी सम्पत्ति का
मालिक हो जाएगा।
इसीलिए कुछ कर्म कर जा ऐसे
जो दुनिया में नाम रह जाएगा,
वर्ना इस दुनिया से तेरा नाम
सदा-सदा के लिए मिट जाएगा।
तेरा धर्म और तेरा कर्म ही
सब तेरे साथ ही जाएगा,
बाकी जो कुछ भी किया है
सबका-सब यही रह जाएगा।
अरे अकेला ही आया है और
अकेला ही दुनिया से जाएगा,
न किसी को लाया है
न किसी को ले जाएगा।
ये दुनिया का चक्र है प्यारे
कोई भी न बच पाएगा,
जो जन्मा है यहां निश्चय ही
एक दिन मिट जाएगा।
गोपाल नेवार,’
गणेश’सलुवा, खड़गपुर,
पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल।
9832170390.