*शिक्षा मंत्री का स्तीफा सरकार की हार या रणनीति*

हीरालाल नाहर

दिल्ली में जंतर-मंतर पर काकरोच पार्टी का धरना प्रदर्शन आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार ने समझदारी भरा फैसला लिया।केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के स्तीफे पर काकरोच पार्टी संस्थापक अभीजीत दीपके ने कहा कि *झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए*।यह बयान दीपके का घमंड ही लगता है।

*शेर भी झुकता है।शेर के झुकने का मतलब है कि वह  शिकार पर हमला करने वाला है।* शेर का झुकना कायरता नहीं है। धनुष से तीर छूटने से पहले प्रत्यंचा खींचने धनुष भी  झुकता है।
 प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल में कठोर और बड़े फैसले लिए हैं। चाहे धारा 370 का हो, तीन तलाक़, किसान आंदोलन,राम मंदिर हर बार सरकार ने अपने फैसले से पीछे नहीं हटी इस बार धर्मेंद्र प्रधान का स्तीफे को मोदी सरकार की समझदारी भरी रणनीति है।
 सरकार और देश की जनता भी यह जान चुकी है कि यह आंदोलन केवल छात्रों का आंदोलन नहीं है विपक्षी और विदेशी फंडिंग इस आंदोलन में पर्दे के पीछे रहकर सरकार को अस्थिर करना चाह रहे थें।
 प्रधान के स्तीफे के बाद छात्रों की आड़ में , विपक्षी  सहित देश विरोधी लोगों की योजना को झटका लगा है। सरकार ने विपक्ष के मुद्दे को फ्लाप कर दिया है ।
लेकिन ऐसे लोगों का आंदोलन प्रधान के स्तीफे के बाद भी रूकने वाला नहीं है।अब ये आंदोलनजीवी और कोई नया मुद्दा लेकर आंदोलन की तैयारी करेंगे। प्रधान के स्तीफे को अपनी जीत मानकर ये अभी और भी मंत्रियों के यहां तक कि प्रधानमंत्री का इस्तीफा भी मांग सकते हैं ।
 शिक्षा मंत्री बदलने से पाठ्यक्रम में बदलाव की या सरकार की योजना नहीं बदल जाएगी।
आने वाले नए मंत्री और भी अधिक जोश और जुनून से सरकार की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। यह तय है।
    पूर्व में ही गृहमंत्री अमित शाह देश हित में सरकार के कठोर फैसले लागू करने का संकेत दे चुके है। बड़े फैसले लागू करने के लिए सरकार अभी बैठे बिठाए में विपक्ष को कोई मुद्दा हाथ नहीं लगने देना चाहती थी।
   प्रधान का स्तीफा , शिकार पर हमले के लिए शेर के झुकने के समान ही है। स्तीफे को अपनी जीत मानने वाले नौसिखिया , राजनीति के चाणक्य धुरंधर मोदी और अमित शाह की चाल अब देखेंगे तो चकरा जाएंगे। विश्वास नहीं हो तो गुजरात में छात्र आंदोलन से  देश भर चर्चित होने वाले हार्दिक पटेल, जिग्नेश मेवाणी, अल्पेश ठाकोर गुजरात में समाचारो में भी सिमट गए हैं।
*हीरालाल नाहर पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक* 
*9929686902*
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