केजरीवाल समर्थकों पर लाठीचार्ज, कई हिरासत में

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे व इंडिया अगेंस्ट करप्शन के समर्थकों ने जंतर-मंतर पर लगी बैरिकेंडिंग को तोड़ दिया है। बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद अरविंद केजरीवाल समर्थकों के साथ संसद, सेना भवन की तरफ बढ़ रहे हैं। केजरीवाल के कई समर्थक संसद के चारों तरफ पहुंच गए हैं। इस दौरान पुलिस ने केजरीवाल समर्थकों पर पानी की बौछार व लाठीचार्ज भी किया। इस दौरान कई समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

वहीं, दूसरी तरफ तमाम सुरक्षा बंदोबस्त को धता बताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और बीजेपी के मुख्यालय को घेर लिया। समर्थक पीएमओ के सामने सड़क पर लेट गए हैं। पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोंक-झोंक हो रही है। कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। हजारे समर्थकों ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए साउथ ब्लॉक स्थित पीएमओ और अशोक रोड स्थित बीजेपी कार्यालय को घेरा है।

समर्थकों ने प्रधानमंत्री, सोनिया गाधी के घर की तरफ जाने वालों रास्तों को सील किए जाने के बाद अपनी रणनीति बदली है। इससे पहले घेराव करने की कोशिश कर रहे अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर छोड़ दिया था। केजरीवाल और उनके साथियों को मंदिर मार्ग थाने के बाहर उनके समर्थकों ने जबरन पुलिस की गाड़ी से उतार लिया। गाड़ी से उतरने के बाद ये लोग जंतर-मंतर पहुंचे।

अरविंद केजरीवाल ने रिहा होने के बाद सरकार और बीजेपी दोनों पर निशाना साधते हुए कहा है कि क्या इस देश में शातिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं है? पुलिस क्या कोयला चोरों की सुरक्षा के लिए है? क्या इस देश के भ्रष्ट नेता पुलिस वालों को तनख्वाह देते हैं या जनता उन्हें देती है? बीजेपी और काग्रेस-दोनों इस देश को लूट रही हैं।

इस बीच, अरविंद के सहयोगी कुमार विश्वास ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने अरविंद को पटका और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। वहीं, मनीष सिसोदिया ने पुलिस पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाया है। मनीष ने कहा है कि पुलिस ने उनके साथ खराब बर्ताव किया है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से कहा है कि रविवार को किसी भी मेट्रो स्टेशन को बंद करने की जरूरत नहीं है। पहले खबर आई थी कि दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशन रविवार सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहेंगे। इससे पहले रविवार की सुबह 6 बजे सोनिया गाधी, मनमोहन सिंह के घर का घेराव करने पहुंचे केजरीवाल और उनके साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कुमार विश्वास और मनीष सिसोदिया को काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाधी और अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय को प्रधानमंत्री निवास के बाहर से हिरासत में लिया गया।

हिरासत में लिए जाने पर कुमार विश्वास ने कहा कि उन्होंने धारा-144 के तहत कोई कानून नहीं तोड़ा है। लेकिन काग्रेस सरकार उनके लोकतात्रिक अधिकारों को कुचलना चाहती है। वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्हें हिरासत में लिया जाना तानाशाही है। वहीं, हिरासत में लिए जाने से पहले अरविंद केजरीवाल दिल्ली पुलिस से यह पूछते रहे कि उन्होंने कौन सा कानून तोड़ा है। उन्होंने कहा कि हम यहा शातिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, संजय सिंह ने दिल्ली स्थित बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के आवास का घेराव करने की कोशिश की। लेकिन उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। नितिन गडकरी 10 दिनों के लिए विदेश में हैं। प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने शनिवार देर रात से ही नई दिल्ली पुलिस जिले में धारा 144 लागू कर दी थी।

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