आषा भोंसले ने सौम्या के बाल काढ़े और दो चोटियां बनाई

आषाजी ने नन्ही गायिका सौम्या से कहा उनकी बड़ी बहिन लता मंगेषकरजी तथा वे स्वयं भी छोटी उम्र से गायन कर रही हैं और दोनो बहिनें चोटी बनाती हैं
स्टार प्लस टीवी शो दिल है हिन्दुस्तानी में 1-2 सितम्बर शनिवार-रविवार को प्रसारण
विदिषा 29 अगस्त 2018/लोकप्रिय टीवी चैनल स्टार प्लस पर जारी अंतर्राष्ट्रीय सिंगिंग रियलिटी शो ‘‘दिल है हिन्दुस्तानी‘‘ के अंतर्गत 1-2 सितम्बर शनिवार-रविवार को रात्रि 8 बजे प्रसारित होने वाले शो में स्थानीय ट्रिनिटी कॉन्वेन्ट स्कूल की कक्षा 8 की होनहार छात्रा तथा सुप्रसिद्ध नन्हीं गायिका सौम्या शर्मा एक बार फिर अपनी चमत्कारी गायन का जादू बिखेरेंगी। इस बार वे विष्व विख्यात संगीत विभूति आषा भोंसलेजी के साथ गायन करती दिखाई देंगी। आषाजी सौम्या के गायन से इतनी अधिक प्रभावित हुईं कि उसे लाड़-प्यार करते हुए अपने पास मंच पर बुलाया और स्वयं के हाथों से उसके बाल काढ़ कर दो चोटियां बनाईं। आषाजी ने नन्ही गायिका सौम्या से कहा कि उनकी बड़ी बहिन लता मंगेषकरजी तथा वे स्वयं भी सौम्या की भांति छोटी उम्र से गायन कर रही हैं और दोनो बहिनें चोटी बनाती है, क्योंकि यह भारतीय परम्परा के अनुरूप है। आषाजी ने सौम्या को वरदानी शुभाषीर्वाद देते हुए उसके गायन की सार्वजनिक मंच पर भूरि-भूरि प्रषंसा की। इसके पूर्व सौम्या ने फिल्म जगत के सुविख्यात गायक बेनी दयाल के साथ अपने गायन की प्रस्तुतियां दीं।
स्मरणीय है कि सौम्या इसके पूर्व सुप्रसिद्ध वरिष्ठ संगीतकार उदित नारायण तथा उनके गायक सुपुत्र आदित्य नारायण, मीकासिंह, कुमार सानु, सुखविन्दर सिंह तथा शान के साथ गायन कर स्पर्धा में उच्च स्तर पर चयनित हो चुकी हैं। अन्य गायन विभूतियों के साथ भी उनका गायन का यह क्रम सितम्बर माह में आगे भी जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि विष्व भर के बड़े-बड़े दिग्गज सिंगरों को पीछे छोड़कर सौम्या ने टॉप-मोस्ट रैंक में अपना विषेष स्थान बनाया है। उसकी जन्मजात चमत्कारी विषिष्ट प्रतिभा तथा दर्षक जनता-जनार्दन से प्राप्त हो रहे आषीर्वाद से वह इस खास मुकाम पर पहुंची है। दिल है हिन्दुस्तानी शो के जज देष की सुप्रसिद्ध गायिका सुनिधि चौहान, सुविख्यात म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम दा तथा नम्बर 1 रैपर सिंगर बादषाह हैं। राघव तथा मुक्ति जैसी कलाधर्मी हस्तियां मंच की समन्वयक हैं। संगीत जगत की ये ही विभूतियां सौम्या की प्रतिभा का आंकलन कर रही हैं। इन्हीं विभूतियों ने सौम्या को गोल्डन डिष तथा ‘‘दिल‘‘ की अत्याकर्षक प्रतिकृतियां विजयवरण के स्वरूप अपने कर कमलों से प्रदान कीं हैं।
विष्व स्तरीय स्पर्धा
इस विष्व स्तरीय ओपन-टू-ऑल अर्थात् सभी आयु वर्ग के प्रतियोगियों के लिए एक साथ आयोजित स्पर्धा में विष्व के अनेक देषों के लाखों प्रतियोगियों ने भाग लिया, जिनके प्रारंभिक ऑडिषन्स उनके देषों में ही हुए और उनमें चयनित हजारों प्रतियोगियों में से मेघा ऑडिषन में अनंतिम चयन कर चयनित प्रतियोगियों को फाइनल मेघा ऑडिषन हेतु भारत बुलाया गया। इस प्रकार सौम्या ने ना केवल भारत, अपितु अन्य विभिन्न देषों के चयनित प्रतियोगियों के साथ भी कड़ी स्पर्धा कर उच्च स्थान प्राप्त कर अपने स्कूल, नगर तथा प्रदेष-देष का नाम रोषन किया है।

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