रेलवे स्टेशन पर नशा मुक्ति शिविर-प्रदर्षनी संपन्न

अजंता ललित कला एवं समाज कल्याण समिति ने यात्रियों को बताए नशे के दुष्परिणाम
विदिषा 31 मई 2019/ विश्व तम्बाकू एवं धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था अजंता ललित कला एवं समाज कल्याण समिति द्वारा स्थानीय रेलवे स्टेशन पर नशा मुक्ति शिविर सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रेल यात्रियों तथा रेलवे स्टेषन आने-जाने वाले लोगों को तम्बाकू सेवन और धूम्रपान के अति घातक दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित संस्था के काउंसलर साइकोलॉजिस्ट भूपेंद्र सिंह ने नशे से पीड़ित नागरिकों को नशा मुक्ति के उपायों पर प्रकाष डालते हुए कहा कि नशा एक आदत नहीं बल्कि मानसिक बीमारी है, हमें इसका उपचार कराना चाहिए। शिविर में प्रसिद्ध दंत रोग चिकित्सक डॉक्टर जनार्दन सिंह जादौन ने कहा की हर 5 व्यक्तियों की मृत्यू में एक की मृत्यू का कारण तंबाकू है। धूम्रपान नहीं करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों को 20 गुना अधिक फेंफड़ों का केंसर होता है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020 तक 500000000 व्यक्ति तंबाकू सेवन-धूम्रपान से केंसर ग्रस्त होंगे, इस अति विषम स्थिति पर तत्काल नियंत्रण आवश्यक है। शिविर में विशेष रूप से उपस्थित जिला चिकित्सालय की दंत रोग चिकित्सक डॉ प्रतिभा सिंह जादौन ने तंबाकू के सेवन से होने वाली प्रारंभिक बीमारियों को केंसर का अलार्म बताया उन्होंने नशे की प्रवृत्ति को रोकने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर ऑटो चालक यूनियन के अध्यक्ष राधेचरण अहिरवार ने सभी ऑटो चालकों को नशा मुक्ति शिविर में प्रदर्शित चित्रों एवं काउंसलिंग से लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर संस्था की परामर्शदाता एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती शारदा शर्मा, कीर्ति शर्मा एवं संस्था की अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा शर्मा ने भी नशे के दुष्प्रभाव पर प्रकाष डालते हुए कहा कि समाज की जन चेतना से यह नशा मुक्ति अभियान सफल होगा। कार्यक्रम में संस्था की सामाजिक कार्यकर्ता देवकी रैकवार, हुकम सिंह कुशवाह ने विशेष सहयोग प्रदान किया। चित्रकार वेद प्रकाश शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नशा मुक्ति के प्रेरक चित्रों के साथ संस्था के परामर्श दाताओं द्वारा दिए गए परामर्श के साथ समग्र सामाजिक चेतना से समाज नशा मुक्त हो सकता है।

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