अपनी तरह का देश का पहला ऑनलाइन स्कूल होगा साइबोर्ड स्कूल, एआई के जरिए होगा छात्रों का शैक्षणिक आकलन

नई दिल्ली, फरवरी 2021: देश में अपनी तरह के पहले और अत्याधुनिक तकनीकों से लैस ऑनलाइन स्कूल की शुरुआत हुई है। साइबोर्ड स्कूल के नाम से शुरू हुआ यह स्कूल देश के दो आन्ट्रप्रनर और विज़नरीज़- रजत सिंघल, सह-संस्थापक और सीईओ और कुणाल सिंघल, सह-संस्थापक और सीटीओ की दूरदर्शी कल्पना का परिणाम है। इस स्कूल की मुख्य विशेषताओं में हाइब्रिड लर्निंग मॉडल शामिल है, जिसके अंतर्गत ऑनलाइन कक्षाओं के अलावा प्रत्येक वर्ष में 30 दिनों का फिजिकल कैंप और शहर-स्तरीय इंटरैक्शन शामिल है।
स्कूल मार्च 2021 के अंत तक पहली से तीसरी कक्षा के लगभग 5,000 छात्रों का नामांकन और वर्ष 2025 तक भारत के K-12 मार्केट का 1% शेयर प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक K-12 एजुकेशन में व्याप्त कमियों जैसे कि पर्सनलाइज्ड लर्निंग में कमी, अपेक्षित बुनियादी ढांचे और अच्छे शिक्षकों की कमी, सीमित छात्र-शिक्षक बातचीत और ट्यूशनों पर बढ़ती निर्भरता को दूर करके अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे, विशेषज्ञ संकाय सदस्यों, किसी भी भौगोलिक बाधाओं के परे छात्रों को भविष्य की शिक्षा प्रदान करना है।
साइबोर्ड स्कूल के सह-संस्थापक श्री रजत सिंघल ने कहा, “भारत दुनिया की सबसे बड़ी शैक्षणिक प्रणालियों में से एक है। अनुमान है कि वर्ष 2025 तक ऑनलाइन K-12 सेगमेंट की मौजूदगी $ 1.6 बिलियन से बढ़कर 4.3 बिलियन यानी लगभग 3.7 गुना अधिक हो जाएगा होगा। कोविड-19 महामारी ने डिजिटलीकरण के महत्व को रेखांकित किया गया है और एजुकेशन सेक्टर भी इस से अलग नहीं है। हम हर किसी तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे अपने प्रयास में इस नई यात्रा की शुरुआत को लेकर खासा उत्साहित हैं। एक हाइब्रिड मॉडल के माध्यम से, अत्याधुनिक तकनीक का के जरिए साइबोर्ड स्कूल पारंपरिक शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों को खत्म करेगा।”
साइबोर्ड स्कूल शुरुआत में पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के साथ शुरू होगा। स्कूल एडाप्टिव लर्निंग को बढ़ावा देगा ताकि बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत हो और उनके लिए अतिरिक्त ट्यूशन की आवश्यकता समाप्त हो जाए। छात्रों के फेशियल रिकोग्नैजेशन और बॉडी लैंग्वेज की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा। स्कूल एक मासिक शुल्क मॉडल पर आधारित है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हर छात्र पर रखी जाएगी नजर: साइबोर्ड स्कूल की प्रबंधन टीम में मेंटर, टेक्नोप्रिन्योर, करिक्यूलम और कोंटेंट डेवलपमेंट एक्सपर्ट और अनुभवी एडमिनिस्ट्रेटर शामिल हैं। प्रत्येक मास्टर टीचर एक समय में लगभग 1,000 छात्रों को पढ़ाएंगे, जबकि प्लेटफ़ॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उपकरण का उपयोग माता-पिता के सपोर्ट को कम करने और बच्चों के बीच अनुशासन बनाए रखने में मदद करेंगे। इसके अलावा, हर 40 छात्रों के लिए प्रत्येक मास्टर टीचर्स के नीचे एक असिस्टेंट टीचर होंगे जो विद्यार्थियों के डाउट क्लियर करेंगे। प्रत्येक बच्चे को अपने डाउट पर चर्चा के लिए टाइम स्लॉट दिया जाएगा और उनके शीर्ष तीन प्रश्नों का हल मास्टर टीचर द्वारा दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य डाउट को असिस्टेंट टीचर/कोर्डिनेटर क्लियर करेंगे। बच्चों ने क्या सीखा इसके आकलन के लिए दैनिक, साप्ताहिक और मासिक आकलन की एक श्रृंखला नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। अगर जरूरत पड़ेगी तो बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अतिरिक्त कक्षाओं की भी व्यवस्था की जाएगी। एसएमई की 3-स्तरीय संरचना, मास्टर सबजेक्ट टीचर और असिस्टेंट टीचर के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) संचालित आकलन हर बच्चे पर समुचित और व्यक्तिगत ध्यान दिया जा रहा है यह सुनिश्चित करेगा।
एक क्लिक पर कहीं से भी पढ़ पाएंगे छात्र : साइबोर्ड 100% ऑनलाइन स्कूल है। इसके वर्चुअल क्लास से जुडने के लिए आपको बस एक कंप्यूटर या एक टैबलेट या एक स्मार्ट फोन और एक इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता है और आप कहीं से भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। शिक्षक रिमोटली काम करते हैं और करिक्यूलम को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुरूप इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह आपके सीखने की सभी जरूरतों के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन है।
स्कूल की स्थापना श्री रजत सिंघल और कुणाल सिंघल द्वारा की गई है। सीए रजत सिंघल एक सीरियल आन्ट्रप्रनर हैं और उनके पास एजुकेशन, फाइनांस, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट क्षेत्र का लंबा अनुभव है। वहीं, कुणाल सिंघल वर्तमान में ईज़ी ईआरपी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (EAZY ERP Technologies Pvt. Ltd) के प्रबंध निदेशक की ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं, जहां उनका उद्देश्य उत्पादों को जोड़ने और विकसित करने के लिए तकनीकी स्टार्टअप का समर्थन करना है। श्री सिंघल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, सीआईआई जैसे विभिन्न उद्योग मंचों से भी जुड़े रहे हैं।

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