NSDC और MoHUA ने 1.06 लाख कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को स्किल-अपस्किल करने के लिए प्रोजेक्ट NIPUN लॉन्च किया

नई दिल्ली : भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अन्तर्गत नोडल एजेंसी, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने आज NIPUN- नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोमोटिंग अपस्किलिंग ऑफ़ कंस्ट्रक्शन वर्कर्स प्रोजेक्ट की घोषणा की। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य 1.06 लाख कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को नए स्किलिंग और अपस्किलिंग कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित करना और उन्हें विदेशों में अवसर प्रदान करना है। इस प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को तीन भागों में विभाजित किया गया है – निर्माण स्थलों पर रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) के माध्यम से प्रशिक्षण, प्लम्बिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर एसएससी के माध्यम से प्रशिक्षण और इन्डस्ट्रीज़/बिल्डर्स/कॉन्ट्रैक्टर्स के माध्यम से इन्टरनेशनल प्लेसमेंट।

MoHUA के साथ को-ब्रांडेड आरपीएल सर्टिफिकेट के तहत इन्डस्ट्री एसोसिएशन्स के माध्यम से 80,000 कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को ऑन-साइट कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जबकि 14,000 उम्मीदवारों को स्किल काउंसिल (एसएससी) के माध्यम से नए कौशल प्राप्त होंगे। ये पाठ्यक्रम नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के साथ संरेखित हैं। इन पाठ्यक्रमों को मान्यता प्राप्त और संबद्ध प्रशिक्षण केंद्रों में प्रदान किया जाएगा। एनएसडीसी का लक्ष्य सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य जीसीसी देशों जैसे बाहर के देशों में कम से कम 12,000 लोगों को प्लेस करना है।

NIPUN प्रोजेक्ट को MoHUA के तत्वावधान में संचालित किया जाएगा। यह संबंधित मंत्रालयों को एक साथ आने की सुविधा और सहयोग भी देगा। इस बीच, एनएसडीसी प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और उम्मीदवार ट्रैकिंग के पूरे एग्ज़ीक्यूशन के लिए जिम्मेदार होगा। यह ट्रेनीज़ को कौशल बीमा (2 लाख रुपये के कवरेज के साथ 3 साल का एक्सीडेंटल बीमा), कैशलेस लेनदेन और भीम ऐप जैसे डिजिटल कौशल, उद्यमिता के बारे में ओरिएंटेशन, और ईपीएफ और BOCW सुविधाएं प्रदान करेगा। प्रोजेक्ट की देखरेख और निगरानी के लिए अतिरिक्त एडिशनल सेक्रेटरी-कम-मिशन डायरेक्टर, DAY-NULM की अध्यक्षता में एनएसडीसी और MoHUA दोनों के सदस्यों के साथ एक प्रोजक्ट कमेटी का गठन किया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री हरदीप सिंह पूरी, एमओएचयूए और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा: आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के रूपांतरक प्रभाव ने शहरी निवासियों, विशेषकर युवाओं को अपस्किलिंग और रोजगार के अवसर प्रदान करके शहरों में बसने वाले गरीब परिवारों की जीवन को उन्नति की नई दिशा दिखाई है। साथ ही शहरी श्रमिकों को स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार के अवसर प्रदान कर उनमे उद्यमशीलता की भावना को प्रोत्साहित किया है। यह पहल निर्माण श्रमिकों की क्षमताओं को बढ़ाकर और उनके कौशल में विविधता लाएगी, जिससे वह भविष्य में निर्माण उद्योग में अपने लिए बेहतर रोजगार के अवसर तलाशने में सक्षम हो पाएंगे।

एनएसडीसी और एमओएचयूए के बीच साझेदारी की सराहना करते हुए, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के सचिव, श्री राजेश अग्रवाल ने कहा, “निर्माण उद्योग 2022 तक सबसे बड़ा नियोक्ता बनने की ओर अग्रसर है और हम प्रौद्योगिकी पर निर्भरता को नजरअंदाज नहीं सकते हैं। मुझे विश्वास है कि एनएसडीसी और एमओएचयूए की यह संयुक्त परियोजना, हमारे सभी हितधारकों के साथ-साथ, निर्माण श्रमिकों को अच्छी नौकरियों के अवसर, बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित कार्य तकनीकों की जानकारी प्रदान करेगी, जिससे वह भी आत्मानिर्भर भारत के पथ प्रदर्शक बनकर, अपना योगदान दे पाएंगे। भारत को यदि समूचे विश्व के लिए एक कौशल केंद्र बनाना है, तो इनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।”

कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री 2022 तक सबसे बड़ा इम्पलॉयर बनने की ओर अग्रसर है और अगले 10 वर्षों में 45 मिलियन अतिरिक्त कुशल वर्कर्स की आवश्यकता है। इस मिशन को पूरा करने के लिए, नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) और कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CREDAI) इंडस्ट्री पार्टनर्स के रूप में प्रोजेक्ट NIPUN में शामिल हो गए हैं और एसएससी के सहयोग से कंस्ट्रक्शन सेक्टर में एस्पिरेशनल वैल्यू के ट्रेनिंग जॉब रोल्स की पहचान करेंगे।

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