मंडी हाउस के पास शनिवार देर रात चलती डीटीसी की क्लस्टर बस में कंडक्टर द्वारा छेड़खानी की शिकार हुई 16 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक कहानी सामने आई है। किशोरी की मां की मृत्यु हो जाने के बाद उसका मौसेरा भाई ही उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। पिता से शिकायत करने पर वह भी उसकी नहीं सुनता था और उलटे डांट डपट कर किशोरी को चुप रहने की हिदायत देता था। मामला प्रकाश में आने के बाद किशोरी के बयान के आधार पर ख्याला थाना पुलिस ने उसके भाई के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर उसे सोमवार को गिरफ्तार कर लिया।
किशोरी को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश करने पर उसने बयान में आरोप लगाया है कि छोटी उम्र में मां की मृत्यु के बाद उसके मौसेरे भाई ने करीब तीन साल पहले उसके साथ पहली बार दुष्कर्म किया था। इसके बाद से वह डरा धमका लगातार बहन को हवस का शिकार बना रहा था और छेड़छाड़ कर रहा था। हालात से तंग आकर वह उसी दौरान घर से भाग गई थी और ढाई साल गैर सरकारी संस्था ‘प्रयास’ में रही थी। तीन महीने पूर्व वह ‘प्रयास’ से वापस घर लौटी थी। 13 दिन पहले भी उसके भाई ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। और घटना से एक दिन पूर्व शुक्रवार को भी उसे हवस का शिकार बनाया था। कुछ महीने पूर्व जब किशोरी ने अपनी सौतेली मां से आपबीती बताई थी तो वह इस घिनौनी हरकत को जानने के बाद घर छोड़ भाग गई थी। तब इसके पिता ने तीसरी शादी कर ली थी। दूसरी सौतेली मां किशोरी को काफी परेशान करने लगी थी तभी शनिवार की रात उसने कहासुनी के बाद रात करीब 9.30 बजे घर से भाग कर ख्याला बस स्टैंड पर आ गई थी और लाजपत नगर में अनाथ आश्रम में रहने के मकसद से यहां आ रही थी। तभी उसके अकेला पाकर रूट नंबर 410 की क्लस्टर सेवा की बस में सवार रंजीत सिंह नाम के दूसरे इसी रूट के क्लस्टर बस के कंडक्टर ने शराब के नशे में छेड़छाड़ व अश्लील हरकत शुरू कर दी थी। यह घटना मंडी हाउस के फिक्की ऑडिटोरियम के पास हुई थी। पिकेट पर बस के चालक ने जब रास्ता पूछने के लिए बस रोकी तभी बस में अकेली किशोरी को देखकर पुलिस कर्मियों ने उससे पूछताछ के बाद रंजीत को दबोच लिया था।
