मुंबई, सितंबर 2022: पर्यावरण के अनुकूल विनिर्माण को बढ़ावा देने के टाटा समूह के संकल्प के अनुसार टाटा मोटर्स और टाटा पावर ने एक बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत टाटा मोटर्स के पुणे में स्थित कमर्शियल वेहिकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में टाटा पावर 4 एमडब्ल्यूपी क्षमता की ऑन-साइट सोलर परियोजना विकसित करेगी। लचीले और टिकाऊ भविष्य के निर्माण की ओर महत्वपूर्ण कदम के रूप में इस परियोजना में 5.8 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की जाने की उम्मीद है, जिससे 10 लाख टन से ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। यह 16 लाख से ज़्यादा सागौन के पेड़ लगाने और उनके जीवन भर के बराबर होगा।
टाटा मोटर्स के कमर्शियल वेहिकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के प्लांट हेड श्री. आलोक कुमार सिंग ने कहा, “नेट ज़ीरो एमिशन (शुन्य उत्सर्जन) के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम ग्रीनहाऊस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए लगातार प्रयासशील हैं। हमारे कारोबार की वृद्धि पर्यावरण के अनुकूल हो इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए हम अलग-अलग तरीकों और बिज़नेस मॉडल्स को खोज रहे हैं। वित्त वर्ष 2022 में हमारे पुणे सीवी प्लांट से नवीकरणीय ऊर्जा का कुल योगदान 32% था। इस समझौते के साथ हम 100% नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को हासिल करने के हमारे लक्ष्यों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए हमारी प्रतिबद्धता को मज़बूत कर रहे हैं।”
वित्त वर्ष 2022 तक टाटा मोटर्स ने पैसेंजर और कमर्शियल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी सहित अपने पुणे प्लांट में 15 एमडब्ल्यूपी सोलर परियोजना तैनात की है जिसमें 21 मिलियन केडब्ल्यूएच नवीकरणीय बिजली पैदा होती है। नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा कर पाने के लिए, अगले कुछ सालों में पुणे प्लांट की सोलर क्षमता को बढ़ाने की कंपनी की योजना है।
टाटा पावर के सोलर रूफटॉप के चीफ श्री. शिवराम बिक्किना ने कहा, “टाटा पावर को पुणे में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में 4 एमडब्ल्यूपी बिजली परियोजना के ज़रिए हरित ऊर्जा उपयोग को बढ़ाने में टाटा मोटर्स के साथ सहयोग करते हुए ख़ुशी हो रही है। हमारे सभी साझेदारों के परिसंचालनों को हरित और टिकाऊ बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने और शुद्ध ऊर्जा समाधानों का निर्माण करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।”
आरई100 का एक हस्ताक्षरकर्ता होने के नाते, टाटा मोटर्स 100% नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने संचालन में उपयोग की जाने वाली अक्षय ऊर्जा के अनुपात में लगातार वृद्धि करके इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में उन्होंने कई कदम उठाए हैं। वित्त वर्ष 2022 में, कंपनी ने 92.39 मिलियन केडब्ल्यूएच नवीकरणीय बिजली का निर्माण किया, जो उनकी कुल बिजली खपत का 19.4% है, जिससे कार्बन डाय ऑक्साइड के 72992 मेट्रिक टन उत्सर्जन को टाला गया और 27.37 करोड़ रुपयों की वित्तीय बचत की गयी।
टाटा पावर ने आज तक कई बड़े सोलर रूफटॉप समाधान बनाए हैं। एक ही स्थान पर स्थित, दुनिया का एक सबसे बड़ा रूफटॉप – राधास्वामी सत्संग बीस (आरएसएसबी), अमृतसर -16 मेगावाट, कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा – 2.67 मेगावाट, विश्व का एक सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संचालित क्रिकेट स्टेडियम मुंबई में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया – 820.8 केडब्ल्यूपी, डेल बंगलौर में 120 केडब्ल्यू के सोलर वर्टिकल फार्म का अनूठा इंस्टालेशन, नेल्लोर में टाटा केमिकल्स में 1.4 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर आदि कई बड़ी परियोजनाएं उन्होंने बनायी हैं। इसके अलावा, लोगों को सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा बचत के लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए टाटा पावर देश भर में घरों के छतों पर सोलर इंस्टालेशन का एक व्यापक कार्यक्रम भी चला रही है।