नई दिल्ली, 16 अप्रैल, 2026- आई स्क्वायर्ड कैपिटल पोर्टफोलियो की कंपनी और भारत की अग्रणी एकीकृत स्मार्ट मीटरिंग एवं डिजिटल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग प्राइवेट लिमिटेड (पोलारिस) ने आज घोषणा की कि उसने अपनी अनुषंगी हुगली स्मार्ट मीटरिंग प्राइवेट लिमिटेड के लिए ब्रिटेन के विकास वित्त संस्थान और प्रभावी निवेशक ब्रिटिश इंटरनेशनल इनवेस्टमेंट (बिल) से 710 करोड़ रुपये (करीब 80 मिलियन डॉलर) का वित्त पोषण हासिल किया है।
इस वित्त पोषण से उसे पश्चिम बंगाल में 22 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाने में मदद मिलेगी जिससे पोलारिस के एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (एएमआई) का विस्तार होगा और भारत के व्यापक ऊर्जा परिवर्तन एजेंडा को आगे बढ़ाने में योगदान मिलेगा।
भारत का बिजली वितरण क्षेत्र एक महत्वपूर्ण परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है क्योंकि यह देश एक स्वच्छ, अधिक कुशल और डिजिटल युक्त ऊर्जा भविष्य के निर्माण की दिशा में काम कर रहा है। वितरण कंपनियां हाई एग्रिगेट टेक्निकल एवं कॉमर्शियल (एटीएंडसी) हानि, परिचालन अक्षमताओं और अक्षय ऊर्जा एकीकरण में सहायक ढांचे के आधुनिकीकरण की बढ़ती जरूरत सहित संरचनात्मक चुनौतियों का निरंतर सामना कर रही हैं।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार ने करीब 3 ट्रिलियन रुपये (35 बिलियन डॉलर) के बजट के साथ रिवैंप्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) लांच किया है। इस स्कीम का एक प्रमुख स्तंभ वर्ष 2027 तक 25 करोड़ स्मार्ट मीटरों की स्थापना के लक्ष्य के साथ देशभर में एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (एएमआई) तैयार करना है।
पोलारिस इस देश में बनी एकीकृत स्मार्ट मीटरिंग सॉल्यूशंस प्रदाता है जो स्मार्ट मीटर विनिर्माण, स्थापना, संचार इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्मों सहित एंड-टु-एंड एएमआई क्षमताएं उपलब्ध कराती है। विभिन्न राज्यों में बढ़ती उपस्थिति के साथ पोलारिस भारत के बिजली वितरण पारितंत्र के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पश्चिम बंगाल में स्मार्ट मीटर लगाए जाने से बिजली वितरण कंपनियों को व्यापक स्तर पर सटीक बिल निकालने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और उपभोक्ता के समक्ष पारदर्शिता लाने में सहयोग मिलने की संभावना है। स्मार्ट मीटरों के लगने से ग्रिड की कार्यक्षमता में सुधार
लाने, वितरण नुकसान में कमी लाने और अक्षय ऊर्जा का बिजली प्रणाली में बेहतर एकीकरण सुगम बनाने में भी मदद मिलेगी जिससे एक अधिक लचीले, विश्वसनीय और टिकाऊ वितरण नेटवर्क का निर्माण करने में सहायता मिलेगी।
इस घटनाक्रम पर विचार व्यक्त करते हुए पोलारिस के संस्थापक एवं सीईओ यशराज खेतान ने कहा, “यह वित्त पोषण भारत के लिए एक अधिक स्मार्ट, अधिक पारदर्शी और भविष्य के अनुकूल बिजली वितरण पारिस्थिकी निर्माण में मदद करने की पोलारिस की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कीर्तिमान है। इससे पश्चिम बंगाल में हमारे एएमआई की स्थापना में मजबूती मिलेगी और टेक्नोलॉजी, क्रियान्वयन क्षमता एवं व्यापक स्तर पर विनिर्माण में निवेश करने की हमारी प्रतिबद्धता को बल मिलेगा। पोलारिस में हमारी महत्वाकांक्षा मीटर स्थापना से परे जाकर एक अधिक दक्ष, जवाबदेह और वित्तीय रूप से ऐसे लचीले ग्रिड पर ध्यान देना है जो भारत की अक्षय ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं और दीर्घकालीन ऊर्जा परिवर्तन को सहयोग प्रदान कर सके।”
ब्रिटिश इंटरनेशनल इनवेस्टमेंट की प्रबंध निदेशक एवं इसकी भारत प्रमुख शिल्पा कुमार ने कहा, “हमें पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग का सहयोग करते हुए प्रसन्नता है क्योंकि भारत अपने बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत बना रहा है। स्मार्ट मीटर नुकसान घटाने, विश्वसनीयता में सुधार लाने और अक्षय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण को सुगम बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह निवेश भारत के हरित एवं ऊर्जा दक्ष भविष्य को लेकर हमारी सतत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”