आज ग्राम पंचायत सुमेरा में पोषण पखवाड़ा के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व मुखिया गुड़िया कुमारी उर्फ ने किया, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा दीदी, जीविका दीदी एवं ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। अपने संबोधन में गुड़िया जी ने कहा कि “स्वस्थ शरीर ही एक मजबूत समाज की नींव है” और सभी ग्रामीणों को पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिससे भारत सरकार का जो लक्ष्य हैं 2030 तक पंचायत को स्वस्थ्य पंचायत बनाने का वो पूरा हो सके। वर्ष 2026 के पोषण अभियान की थीम “बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना” को ध्यान में रखते हुए मुखिया जी द्वारा पंचायत के सभी ग्रामीण से भी अनुरोध किए है बच्चों को शारीरिक खेल से भी जोड़े ताकि बच्चे मोबाइल से दूर रह सकेंगे। वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिला समन्वय सी3 संस्था निलेश कुमार ने बताया कि कुपोषण से निपटने के लिए हमें एनीमिया पर नियंत्रण करना होगा इसके लिए हमें अपने घरों में पोषण वाटिका लगाना जरूरी हैं। एनीमिया का सबसे बड़ा कारण जंक फूड हैं अगर हम सब को इस से बचना है तो श्री अन्न ( मोटे अनाज) को खाने में नियमित रूप से लेना होगा। महिला पर्यवेक्षिका कृष्णा कुमारी ने बताया कि एईएस से बचाव के लिए हम सबको अपने अपने क्षेत्र में लगातार जागरूकता कार्यक्रम करते करने की जरूरत है ताकि किसी भी बच्चे की मृत्यु एईएस के वजह से ना हो। इस अवसर पर पोषण से संबंधित प्रदर्शनी, जागरूकता रैली सहित कई गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ी।
गांव के लोगों ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता जताई। इस कार्यक्रम में पंचायत के सीएचऒ, सभी सेविका, आशा, जीविका दीदी एवं ग्रामीण आदि उपस्थित रहे।