आईबीएम और योटा ने भारतीय उद्यमों के लिए एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की योजना की घोषणा की

बेंगलुरु, 07 मई, 2026: आईबीएम और योटा डेटा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (“योटा”) ने आज भारत में एंटरप्राइजेज और सरकारी संगठनों के लिए एक एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने हेतु रणनीतिक साझेदारी करने की योजना की घोषणा की। प्रस्तावित प्लेटफॉर्म को आईबीएम  watsonx Orchestrate का उपयोग करते हुए विकसित किया जाएगा और योटा के शक्ति क्लाउड पर डिप्लॉय किया जाएगा, ताकि संगठन डेटा रेजिडेंसी, सिक्योरिटी और रेगुलेटरी कंप्लायंस से जुड़ी बदलती आवश्यकताओं को पूरा करते हुए एआई अपनाने की प्रक्रिया को बड़े स्तर पर आगे बढ़ा सकें।

जैसे-जैसे  एंटरप्राइजेज एआई के प्रयोग से आगे बढ़कर उसका वास्तविक उपयोग करने लगी हैं, वैसे-वैसे ऐसे प्लेटफॉर्म की जरूरत बढ़ रही है जो अलग-अलग विभागों में एआई आधारित काम को आसान और सुरक्षित तरीके से संभाल सके। यह प्रस्तावित प्लेटफॉर्म संगठनों को आईटी सर्विस, एचआर, फाइनेंस, खरीद प्रक्रिया और कस्टमर सपोर्ट जैसे विभागों में एआई एजेंट्स को इस्तेमाल और संभालने में मदद करेगा।

इस सहयोग के तहत, आईबीएम  और योटा की योजना है कि आईबीएम  सॉवरेन कोरको भी योटा के शक्ति क्लाउड पर उपलब्ध कराया जाए। आईबीएम  सॉवरेन कोर, जो अब व्यापक रूप से उपलब्ध है, एक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है, जिसे संगठनों को सुरक्षित और एआई-रेडी सॉवरेन वातावरण तैयार करने में मदद करने के लिए बनाया गया है। यह डेटा, ऑपरेशन्स, टेक्नोलॉजी और एआई से जुड़े कामों में लगातार कंप्लायंस मॉनिटरिंग, बेहतर कंट्रोल और सुरक्षित एआई संचालन सुनिश्चित करता है। इन दोनों समाधानों का उद्देश्य भारतीय संगठनों को बड़े स्तर पर एजेंटिक एआई अपनाने के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद आधार उपलब्ध कराना है, बिना कंप्लायंस और कंट्रोल से समझौता किए।

योटा डेटा सर्विसेज के सह-संस्थापक, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, सुनील गुप्ता ने कहा, “भारत में एआई इनोवेशन सॉवरेनिटी, सिक्योरिटी और परफॉर्मेंस पर आधारित होना चाहिए। आईबीएम  के साथ मिलकर हमारा इरादा है कि कंपनियों को भारत में होस्ट किए गए सुरक्षित क्लाउड पर एजेंटिक एआई की सुविधा मिले, ताकि वे अपने डेटा और कामकाज पर नियंत्रण बनाए रखते हुए भरोसे के साथ नई तकनीक अपना सकें।”

योटा का शक्ति क्लाउड भारतीय कंपनियों के लिए डिज़ाइन किया गया स्केलेबल जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई सर्विस देता है। आईबीएमwatsonx Orchestrate — एक एंटरप्राइज़ एजेंटिक एआई प्लेटफ़ॉर्म — के साथ मिलकर, प्रस्तावित सॉल्यूशन का मकसद भारतीय ऑर्गनाइज़ेशन को तेज़ी और सुरक्षा के साथ एआई अपनाने में मदद करना है, जिससे एआई-ड्रिवन ऑर्केस्ट्रेशन हो सके जो टाइम-टू-वैल्यू को तेज़ करता है और सभी फ़ंक्शन में ऑपरेशन को आसान बनाता है।

आईबीएम  सॉवरेन कोर: डिजिटल संप्रभुता को ऑपरेशनल बनाना

आईबीएम  सॉवरेन कोरडिजिटल संप्रभुता के लिए एक नया मॉडल पेश करता है, जिसमें गवर्नेंस, कंप्लायंस और कंट्रोल को शुरुआत से ही सिस्टम का हिस्सा बनाया गया है। आईबीएम  डिजिटल संप्रभुता को चार प्रमुख स्तंभों में परिभाषित करता है:

  • ऑपरेशनल सॉवरेनिटी— वातावरण कैसे संचालित होंगे, इस पर पूरा नियंत्रण
  • डेटा सॉवरेनिटी— डेटा के स्टोर होने, उपयोग होने और ट्रांसफर होने के दौरान उस पर नियंत्रण
  • टेक्नोलॉजी सॉवरेनिटी— ओपन और मॉड्यूलर आर्किटेक्चर, जिससे किसी एक वेंडर पर निर्भरता न रहे
  • एआई सॉवरेनिटी— एआई मॉडल कहां चलेंगे और उनका उपयोग कैसे नियंत्रित होगा, इस पर नियंत्रण

आईबीएम  सॉवरेन कोरएक ऐसा इंटीग्रेटेड सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है, जो कंट्रोल प्लेन, पहचान प्रबंधन, सुरक्षा, कंप्लायंस और एआई संचालन जैसी सुविधाओं को एक ही सिस्टम में उपलब्ध कराता है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में ग्राहक द्वारा संचालित कंट्रोल प्लेन, सुरक्षित पहचान और एन्क्रिप्शन, लगातार कंप्लायंस मॉनिटरिंग, पहले से उपलब्ध रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, नियंत्रित एआई संचालन और Red Hat OpenShift तथा Red Hat AI पर आधारित ओपन और मॉड्यूलर आर्किटेक्चर शामिल हैं।

योटा के शक्ति क्लाउड जो भारत आधारित और MeitY-एम्पैनल्ड इंफ्रास्ट्रक्चर है पर आईबीएम  सॉवरेन कोरको होस्ट करने की योजना के जरिए यह साझेदारी भारत की रेगुलेटरी जरूरतों के अनुरूप एक सुरक्षित और सॉवरेन डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है। इससे एंटरप्राइजेज और सरकारी संगठनों को डेटा रेज़िडेंसी नियमों का पालन करने, ऑडिट के लिए जरूरी कंप्लायंस रिकॉर्ड बनाए रखने और तय सॉवरेन सीमाओं के भीतर एआई वर्कलोड्स को सुरक्षित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।

आईबीएम  इंडिया और साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप पटेल ने कहा, “भारतीय कंपनियां एआई को सुरक्षित, नियंत्रित और नियमों के अनुरूप तरीके से अपनाने पर ध्यान दे रही हैं। योटा के सॉवरेन क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आईबीएम  की एआई क्षमताओं को जोड़कर यह सहयोग संगठनों को जिम्मेदारी के साथ बड़े स्तर पर एआई अपनाने में मदद करेगा। साथ ही, शुरुआत से ही सॉवरेनिटी, गवर्नेंस, पारदर्शिता और भरोसे को सुनिश्चित किया जाएगा।”

आईबीएम  और योटा की योजना संयुक्त रूप से गो-टू-मार्केट पहल को आगे बढ़ाने की है, जिसमें नए समाधान तैयार करना, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट विकसित करना और तकनीकी सहयोग शामिल होगा। यह पहल बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र), पब्लिक सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल-नेटिव इंडस्ट्रीज से जुड़ी संस्थाओं को ध्यान में रखकर की जाएगी।

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