जियोन ने फलोदी, राजस्थान में 10 MW/20 MWh बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली चालू की

परियोजना राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरणग्रिड स्थिरता और कुशल ऊर्जा प्रबंधन को सुदृढ़ करेगी।

मुंबई, 16 सितंबर 2026: काबरा एक्सट्रूशनटेक्निक लिमिटेड के फ्यूचर टेक्नोलॉजीज़ डिवीजनजियोन ने राजस्थान के फलोदी में अपनी 10 MW/20 MWh बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बी.ई.एस.एस.परियोजना चालू कर दी है। इस परियोजना का कमीशनिंग ऊर्जा भंडारण अवसंरचना को मजबूत करने और बिजली ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा के अधिक कुशल एकीकरण को सक्षम बनाने की दिशा में एक और कदम है।

बी.ई.एस.एस. परियोजना को लागू तकनीकी विशिष्टताओंप्रदर्शन आवश्यकताओं और परियोजना दायित्वों के अनुरूप डिजाइन,निष्पादितपरीक्षण और कमीशन किया गया है। परियोजना में बी.ई.एस.एस. कंटेनरपावर कन्वर्ज़न सिस्टमएनर्जी मैनेजमेंट सिस्टमफैक्टरी एक्सेप्टेंस टेस्टिंगप्री-कमीशनिंगकमीशनिंग और साइट एक्सेप्टेंस टेस्टिंग शामिल हैं।

10 MW की विद्युत क्षमता और 20 MWh की ऊर्जा भंडारण क्षमता के साथयह प्रणाली कुशल ऊर्जा प्रबंधन को सहयोग देनेग्रिड स्थिरता में सुधार करने तथा विद्युत नेटवर्क में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी एकीकरण को सुगम बनाने के लिए डिजाइन की गई है। परियोजना को राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड की आवश्यकताओं के अंतर्गत लागू किया जा रहा है।

यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा और हरित ऊर्जा तक पहुंच के लिए राजस्थान के विकसित होते नीतिगत ढांचे के अनुरूप भी है।

बैटरी ऊर्जा भंडारण का पर्यावरणीय प्रभाव विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण हो जाता हैजब प्रणाली को नवीकरणीय ऊर्जा से चार्ज किया जाता है। नीति फ्रंटियर टेक हब के अनुसारइस पैमाने की एक बी.ई.एस.एस. नवीकरणीय ऊर्जा से चार्ज किए जाने पर 10–15 वर्ष के परिचालन जीवनचक्र में लगभग 1,00,000 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की बचत में योगदान दे सकती है। यह स्वच्छ और अधिक लचीले ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में भारत के व्यापक परिवर्तन को समर्थन देने में ऊर्जा भंडारण की क्षमता को रेखांकित करता है।

कमीशनिंग पर टिप्पणी करते हुएजियोन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आनंद काबरा ने कहाफलोदी में हमारी 10 MW/20 MWh बी.ई.एस.एस. परियोजना का सफल कमीशनिंगअधिक लचीले और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए तैयार विद्युत पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ऊर्जा भंडारणनवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और मांग के बीच संतुलन बनानेग्रिड स्थिरता में सुधार करने तथा स्वच्छ ऊर्जा के अधिक उपयोग को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और दीर्घकालिक स्थिरता को जोड़ने वाली परियोजनाओं के माध्यम से राजस्थान के बढ़ते नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य में योगदान देकर हमें प्रसन्नता है।

यह कमीशनिंग भारत के नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तन में बी.ई.एस.एस. अवसंरचना के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करती हैविशेष रूप से ऐसे समय में जब देश सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन का विस्तार कर रहा है तथा ऊर्जा उत्पादन की अनियमिततापीक मांग और ग्रिड लचीलेपन के प्रबंधन के लिए विश्वसनीय समाधानों की आवश्यकता है।

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