अमेरिकन एक्सप्रेस ने व्यावसायिक क्षमताओं का निर्माण करने और नए अवसरों तक पहुंचने के लिए अति लघु उद्यमियों और कारीगरों की ओर हाथ बढ़ाया

नई दिल्ली, अक्टूबर, 2026- अमेरिकन एक्सप्रेस भारत में 7,500 से अधिक अति लघु उद्यमियों और कारीगरों के व्यावसायिक कौशल को मजबूत करने, डिजिटल क्षमताओं का निर्माण करने और नए बाजार में अवसरों का लाभ उठाने के लिए संसाधनों तक पहुंच सुलभ कराने में मदद के लिहाज से डिजाइन कार्यक्रमों में सहयोग प्रदान कर रहा है।

पिछले तीन वर्षों में इस कंपनी ने एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज़, ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान और मन देशी फाउंडेशन सहित गैर लाभकारी संगठनों के साथ पूरे दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और महाराष्ट्र में साझीदारी की है जिसके लिए फंडिंग इसके भारतीय निगमित सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) अनुदान से की जाएगी। प्रत्येक पहल उन समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है जिन्हें कंपनी सेवाएं देती हैं और इसका ध्यान व्यवहारिक प्रशिक्षण, प्रासंगिक संसाधनों एवं बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर है।

अमेरिकन एक्सप्रेस इंडिया के कंट्री मैनेजर संजय खन्ना ने कहा, “अति लघु उद्यमी और कारीगर अपने स्थानीय समुदायों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और सही कौशल, डिजिटल क्षमताएं और संपर्क हासिल होने पर उनके लिए नए अवसरों के द्वार खुल सकते हैं। इन समुदायों को समझने वाले गैर लाभकारी संगठनों के साथ काम करके हम उद्यमियों के व्यवसाय मजबूत करने, नए बाजारों में पहुंचने और भविष्य का निर्माण करने के लिहाज से व्यवहारिक क्षमताओं के निर्माण में उनकी मदद कर रहे हैं।”

व्यावसायिक क्षमताओं का निर्माण एवं संसाधनों तक पहुंच में सुधार- अति लघु उद्यमियों के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमा कैसे करें, यह जानना उतना ही महत्वपूर्ण हो सकता है जितना कि अपने व्यवसाय को मजबूत बनाने के लिए जरूरी कौशल विकसित करना। पूरे दिल्ली एनसीआर में, एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेज़ अति लघु उद्यमियों को व्यावसायिक कौशल विकसित करने और सरकारी कार्यक्रमों एवं योजनाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर रही है। उद्यमियों को पात्रता मानदंडों के अधीन उपलब्ध संसाधनों के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता है। साथ ही उन्हें उद्यमिता, उत्पाद की गुणवत्ता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है।

पारंपरिक शिल्प का समकालीन बाजार के अवसरों से जुड़ाव- कारीगरों के लिए व्यापक बाजारों तक पहुंचने का अर्थ है पीढ़ियों से चले आ रहे शिल्प ज्ञान और उपभोक्ता की बदलती प्राथमिकताओं, उत्पाद की जरूरतों और व्यापार करने के नए तरीकों के बीच संतुलन बनाना।

राजस्थान के बाड़मेर में, ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान (जीवीसीएस) ने कारीगरों को ऐसे कार्यक्रमों के जरिए जोड़ा है जिनमें पारंपरिक शिल्प कौशल को समकालीन डिजाइन और व्यावसायिक क्षमताओं के साथ मिलाया गया है। कढ़ाई, एप्लिक वर्क और अजरख प्रिंटिंग जैसी विभिन्न शिल्प विधाओं में काम करने वाले कारीगरों को समकालीन डिजाइन, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता, उद्यमिता, मूल्य निर्धारण, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार के लिए तैयार होने के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाता है।

राजस्थान के बाड़मेर जिले की रहने वालीं एप्लिक और कटवर्क कारीगर मोहिनी देवी वर्षों से इन पारंपरिक शिल्पकलाओं का काम कर रही हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें डिजाइन, उद्यमिता और वित्तीय साक्षरता का प्रशिक्षण मिला।

मोहिनी देवी का कहना है, “एप्लिक और कटवर्क महज शिल्प नहीं हैं। ये मेरी पहचान और हमारे परिवार की विरासत हैं। इस प्रोजेक्ट ने मुझे सिखाया कि कैसे अपनी परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए ऐसे उत्पाद बनाए जाएं जो आज के ग्राहकों को पसंद आएं। अब मैं ग्राहकों के ऑर्डर और बिक्री संभालती हूं जिससे मेरी आमदनी बढ़ी है। इससे मुझे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने और मेरे बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिली है।”

डिजिटल कॉमर्स के लिए क्षमता निर्माण – उद्यमी जिनका व्यवसाय पारंपरिक रूप से अपने स्थानीय समुदाय के ग्राहकों पर निर्भर रहा है, उनके लिए डिजिटल कॉमर्स में शामिल होने का मतलब केवल अपने उत्पादों को ऑनलाइन उपलब्ध कराना भर नहीं है।

महाराष्ट्र में, मन देशी फाउंडेशन ने अति लघु उद्यमियों को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) से जुड़ने में मदद की है। उद्यमियों को डिजिटल कॉमर्स के लिए तैयार करने के उद्देश्य से उन्हें उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, व्यावसायिक आवश्यकताओं और वित्तीय तैयारी के संबंध में प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाता है।

मन देशी फाउंडेशन की संस्थापक चेतना सिन्हा ने कहा, “कई अति लघु उद्यमियों के लिए अपने स्थानीय बाजार से बाहर कारोबार का विस्तार करना एक बड़ा कदम लग सकता है। डिजिटल कॉमर्स नई संभावनाएं पैदा कर सकता है, लेकिन इनका पूरा लाभ उठाने के लिए उद्यमियों को सही कौशल  और सहयोग की भी जरूरत होती है। इस कार्यक्रम के जरिए हम उद्यमियों को उत्पाद की प्रस्तुति और पैकेजिंग से लेकर वित्तीय और डिजिटल तैयारियों तक, हर पहलू को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं ताकि वे नए बाजार के अवसरों में अधिक आत्मविश्वास के साथ हिस्सा ले सकें।

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