अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के अधीन काम करने वाले आइएएस उनसे भी ज्यादा अमीर हैं। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय के निर्देश पर आइएएस अफसरों द्वारा दिए गए संपत्ति ब्योरे से यह बात सामने आई है। दूसरी ओर, रविवार को दिए एक भाषण में मोदी की ‘भारत पहले’ टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने चुटकी लेते हुए कि देश के शेष हिस्से के बारे में बात करने से पहले भाजपा नेता को अपने राज्य गुजरात में दिखाना चाहिए कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं।
ब्योरे के मुताबिक, सूबे के शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव आइपी गौतम की माली हैसियत अपने मुख्यमंत्री से पांच गुना ज्यादा है। नौ और अधिकारी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति मोदी से ज्यादा है। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कुल संपत्ति करीब 70 लाख रुपये है, जिसमें 33 लाख का मकान और 45 ग्राम वजनी सोने की चार अंगूठियां शामिल है। वहीं, शहरी विकास एवं गृह निर्माण विभाग के प्रधान सचिव आइपी गौतम साढे़ तीन करोड़ से भी अधिक के मालिक हैं। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव महेश्वर साहू ढाई करोड़ तो उनके कनिष्ठ अधिकारी प्रधान सचिव विपुल मित्रा पौने तीन करोड़ के मालिक हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के कैलासनाथन सवा करोड़ के आसामी हैं। 1984 बैच के पीके तनेजा एक करोड़ तीस हजार, 1980 बैच के एचके दास एक करोड़ 20 लाख, अहमदाबाद नगर निगम के आयुक्त गुरुप्रसाद महापात्र 60 लाख के आसामी हैं।
वहीं नरेंद्र मोदी की भारत पहले टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि देश के शेष हिस्से के बारे में बात करने से पहले भाजपा नेता को अपने राज्य गुजरात में दिखाना चाहिए कि वह धर्मनिरपेक्ष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कानून का चक्र धीरे-धीरे घूमता है लेकिन कठोर होता है। मोदी के बयान पर सिब्बल से जब टिप्पणी करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा, ‘धर्मनिरपेक्षता एक मानसिकता है। हम सभी चाहते हैं कि भारत पहले रहे। यह हमारा सपना है। धर्मनिरपेक्षता जीने का अंदाज है जिसे बदलने की क्षमता मोदी में नहीं है। भारत के बारे में वह बात करें इससे पहले उन्हें इसका प्रदर्शन गुजरात में करने दें।’ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये भारतीय अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने रविवार को कहा था, ‘धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा बिल्कुल सरल है-भारत पहले। आप जो भी करें, आप जहां भी काम करें, हर नागरिक के लिए भारत शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए।’ मोदी की इस टिप्पणी पर कि यदि कोई सरकार जनता की अच्छी सेवा करती है तो जनता उसकी गलतियों को माफ कर देती है, जाने माने वकील सिब्बल ने कहा कि कानून का चक्र भले ही धीरे-धीरे घूमता है लेकिन वह बहुत कठोर होता है। कानून हमेशा उन्हें पकड़ेगा जो जनता से माफी चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के बाद मोदी को मानवाधिकार उल्लंघन के मुद्दे पर अमेरिका ने वीजा देने से इन्कार कर दिया था। पिछले हफ्ते वार्टन इंडिया इकोनॉमिक फोरम ने अपने प्रतिष्ठित वार्षिक आयोजन में पेंसिल्वानिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों और छात्रों के एक वर्ग के विरोध के बाद मोदी के मुख्य भाषण कार्यक्रम को रद कर दिया था।