लखनऊ। अखिलेश सरकार के बर्खास्त मंत्री राजाराम पांडेय का रविवार को दर्द छलक पड़ा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह अभी तक नहीं समझ पाए हैं कि उनका कसूर क्या है? मुख्यमंत्री अगर उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले बता देते तो वह अपनी सफाई भी दे देते। उन्होंने खुद को विरोधियों की साजिश का शिकार बताया और मीडिया पर भी तोहमत जड़ी। कहा कि मीडिया ने उनके बयानों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया।
सपा से नाता जोड़ने के सवाल पर पांडेय ने कहा कि वह मरते दम तक सपा और मुलायम सिंह यादव के साथ रहेंगे। वह तीस साल से सपा में हैं। मुलायम के परिवार के सदस्य की तरह हैं। वह पार्टी के हितों का ध्यान न दें यह कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर मुलायम सिंह,अखिलेश यादव और प्रो.रामगोपाल को बर्खास्तगी पार्टी हित में लगती है तो वह मान्य है।
गौरतलब है कि महिलाओं को लेकर समय-समय पर अभद्र बयानबाजी से विवादों में रहने वाले काबीना मंत्री राजाराम पांडेय को गत शनिवार को मुख्यमंत्री ने बर्खास्त कर दिया है। वह खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री थे।
पांडेय ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ में कहा था कि उनके जिले की सड़कें हेमामालिनी और माधुरी दीक्षित के गाल जितनी चिकनी बनेंगी। सड़कों की खुदाई को उन्होंने फेशियल की संज्ञा देते हुए कहा था कि जिस तरह महिलाओं की सुंदरता में फेशियल के बाद निखार आ जाता है, उसी तरह सड़कों में निखार आ जाएगा। यही नहीं कुछ महीने पहले वह सरकारी बैठक में सुल्तानपुर की महिला डीएम की सुंदरता पर भी मोहित हो गए थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से डीएम को खूबसूरत बताया।। इस पर भी खासा बवाल मचा था। महिला आयोग ने भी उन्हें नोटिस जारी किया था, लेकिन पांडेय ने यह कहते हुए अपना बचाव किया था कि किसी सुंदर महिला को सुंदर कहना कोई अपराध नहीं है।