नई दिल्ली। गांधी नगर में पांच साल की मासूम बच्ची से रेप के मामले में दूसरे आरोपी के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। दूसरे संदिग्ध आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की एक टीम बिहार रवाना हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक दूसरे आरोपी का नाम प्रदीप है। वहीं दिल्ली लाने के बाद आरोपी मनोज अपने पहले के दिए बयान से पलट गया है। उसका कहना है कि रेप करने वाला प्रदीप था, वह केवल वहां पर मौजूद था। इस घटना से एक बार फिर से लोगों का गुस्सा उफान पर है। रविवार दोपहर को भारी सुरक्षाबल के बीच महिलाओं की भीड़ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दस जनपथ स्थित आवास की ओर जाने में कामयाब रही। महिलाएं दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं।
इंडिया गेट पर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बेरिकेटिंग तोड़ आगे बढ़ गए। प्रदर्शनकारियों को संभालने में दिल्ली पुलिस के पसीने छूट रहे है। दिल्ली प्रदेश बीजेपी, महिलाओं के लिए काम करने वाले संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता सोनिया गांधी के आवास की तरफ बढ़ रहे है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हजारों की तादात में पुलिस को सोनिया गांधी के आवास समेत वीवीआईपी इलाके में तैनात कर दिया गया है।
इस बीच, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने इस पूरी घटना पर अफसोस जताया है। पीएम ने कहा है कि इस घटना ने उन्हें विचलित कर दिया है। उन्होंने समाज से इस तरह की वारदातों पर विराम लगाने के लिए चौकन्ना रहने की अपील की है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने इस घटना के बाद दिल्ली सरकार, दिल्ली के उपराज्यपाल, दिल्ली पुलिस कमिश्नर को बदलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक यह नहीं होगा, तब तक तस्वीर बदलने वाली नहीं है। उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार से लोगों का विश्वास उठ चुका है।
पुलिस मामले की जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह दूसरा शख्स कौन है, वारदात में शामिल शख्स का नाम प्रदीप ही है या कुछ और, वारदात वाली शाम वह मनोज के घर खुद आया था या मनोज ने उसे इसी मकसद से अपने घर बुलाया था। वारदात में किसी दूसरे शख्स का नाम आने की बात पर डीसीपी प्रभाकर का कहना है मनोज को हिरासत में लेने के बाद उससे विस्तार से पूछताछ के बाद ही इस सच्चाई का पता चल पाएगा कि वारदात में कोई दूसरा चेहरा भी शामिल था या नहीं। पुलिस की कई टीम मामले से जुड़े हर पहलुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मनोज को रविवार को कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा। उसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट में पेश करने से पूर्व उसका मेडिकल कराया जाएगा। पुलिस अधिकारी का कहना है कि उसके सीमेन की जांच की जाएगी। वहीं, इस घिनौनी हरकत के बाद प्रदर्शनकारियों के रूख को देखते हुए शनिवार रात को डीसीपी, पूर्वी जिला के कार्यालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अस्पताल में एसीपी बीएस अहलावत द्वारा युवती को थप्पड़ मारने के बाबत गृह मंत्रालय व पुलिस मुख्यालय में एसीपी की भूमिका को लेकर मंत्रणा शुरू हो गई है। सूत्र बताते हैं कि गृह मंत्रालय से जल्द ही उनके बर्खास्तगी के भी आदेश जारी हो सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक मनोज के खिलाफ औरई में भी पहले से ही पैसे हड़पने का मामला दर्ज है। गांववालों के मुताबिक वह आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है जिसने अपनी पत्नी से भी शादी से पहले जबरदस्ती की थी। लेकिन पंचायत के दबाव के बाद उसको महिला से शादी करनी पड़ी थी।
इसके अलावा दो साल पहले भरथुआ के राजेंद्र साह ने औराई थाना में मनोज व उसके परिजनों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। राजेंद्र की पत्नी पवित्र देवी बताती हैं कि परिजनों के साथ मिलकर मनोज ने दिल्ली वाले उनके घर को गिरा दिया था। 10 हजार रुपये हड़प लिए। भरथुआ में उनके पति व पुत्र कामोद का सिर फोड़ दिया था।
इसके अलावा तीन वर्ष पहले दिल्ली में ही मनोज ने भरथुआ निवासी शिवशंकर राय के पुत्र उत्तम कुमार के गले पर चाकू से वार कर दिया था। उसके गले में आज भी जख्म है। इस मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई। मनोज ने चौथी क्लास में ही स्कूली पढ़ाई छोड़ दी थी।
मनोज के पिता बिंदेश्वर साह पिछले 20 साल से दिल्ली में सपरिवार रह रहे हैं। सीलमपुर के कौशिकपुरी, गली नंबर एक में धर्म सिंह के मकान में वह किरायेदार हैं। चार पुत्रियों व दो पुत्रों में मनोज सबसे बड़ा है। दिल्ली में वह कपड़ों की रंगाई का काम करता था। गांव में मनोज के दादा धीरा साह व दादी महासुंदर देवी रहती हैं।
लोग-बाग मनोज को भूलने की बात कह रहे और वह जन्म-जन्मांतर उसे ही पति रूप में पाने की हसरत पाले हुए। मनोज ने ऐसा किया होगा, उसे यकीन नहीं। अर्चना कहती है, ‘जो खुद मेरा श्रृंगार करता था, अपने हाथों सजाता-संवारता था, वह ऐसा नहीं कर सकता।’
मनोज की सास बताती हैं कि सगाई के एक माह बाद अर्चना ने अचानक शादी से इन्कार कर दिया। शादी तो रूक गई, लेकिन मनोज के साथ मोबाइल पर उसका संपर्क बना रहा। साल भर बाद कहीं और शादी तय हुई, लेकिन तब तक अर्चना का दिल मनोज पर आ चुका था। स्थानीय दुर्गा मंदिर में दोनों की शादी हो गई।
26 जनवरी, 2012 को मनोज की शादी हुई थी। शादी के बाद पत्नी अर्चना को लेकर वह दिल्ली चला गया था। अगस्त, 2012 में वह अपने गांव भरथुआ लौटा, जहां पत्नी को छोड़कर वह दिल्ली लौट गया। होली में वह अर्चना को भरथुआ से लेकर ससुराल चिकनौटा आया था। पत्नी को बाद में आने को कहकर वह दिल्ली चला गया। अर्चना दिल्ली जाने की तैयार कर रही थी कि तभी मनोज चिकनौटा पहुंच गया।