अजमेर के पत्रकारों-साहित्यकारों की लेखन विधाएं

भाग चौदह
श्री आर. डी. कुवेरा
श्री आर. डी. कुवेरा अजमेर के वरिष्ठतम पत्रकार हैं। उनका जन्म 19 सितम्बर 1933 को किशनगढ़ में स्वगीय श्री रतनलाल कुवेरा के घर हुआ। सन् 1974 में उन्होंने साप्ताहिक लगन एक्सप्रेस व जिला कांग्रेस कमेटी के मुखपत्र कांग्रेस समाचार का संपादन किया। सन् 1975 से 81 तक दैनिक नवज्योति के लिए पूरे राजस्थान का भ्रमण कर अनेक स्थानों पर संवाददाता व एजेंट नियुक्त किए। अजमेर नगर सुधार न्यास के भूतपूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री माणकचंद सोगानी के साथ न्यास के लिए जनसंपर्क प्रभारी का कार्य किया। उन्होंने जयपुर में कांग्रेस शताब्दी समारोह के अवसर पर स्वर्गीय श्री मथुरादास माथुर के साथ विशाल प्रदर्शनी का संयोजन किया और एक्जीबीशन एट ए ग्लांस का संपादन किया।
सन् 1985 से 2009 तक दैनिक आधुनिक राजस्थान के बीकानेर व जयपुर ब्यूरो प्रमुख रहे। वे संत श्री रामचंद्र डोंगरे, श्री रामसुखदास महाराज व श्री मुरारी बापू के अजमेर व सलेमाबाद में आयोजित प्रवचन कार्यक्रमों के मीडिया प्रभारी भी रहे हैं। इसी प्रकार सामाजिक क्षेत्र में मग ब्राह्मण समाज के वैवाहिक परिचय सम्मेलनों के मीडिया प्रभारी और अखिल भारतीय सर्वोदय सम्मेलन में मीडिया व वालेंटियर सेवा के संयुक्त संयोजक रहे हैं। वर्तमान वे राज्य सरकार के अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार हैं और राजस्थान पत्रकार निदेशिका, मासिक पत्रिका स्वतंत्र जैन चिंतन व अजयमेरु टाइम्स पाक्षिक के संपादकीय सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं। वे जयपुर में पिंक सिटी प्रेस क्लब के संस्थापक सदस्य हैं और राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ में अनेक पदों रहे हैं। हाल ही दैनिक नवज्योति के प्रधान संपादक श्री दीनबंधु चौधरी के जीवन पर आधारित गौरव ग्रंथ के लिए तथ्य संकलन, प्रबंधन, संपादन व प्रकाशन में अहम भूमिका निभाई है। पुस्तक के जयपुर में हुए विमोचन समारोह में आपको मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सम्मानित किया। आज तकरीबन 87 साल की उम्र में भी लेखन कार्य जारी रखे हुए हैं। विभिन्न विषयों पर लिखित पुस्तकों व डायरेक्ट्रीज का संकलन करने का पुराना शौक है, इस कारण उनके पास पुस्तकों का भंडार है।
उनके जीवन की सफलता का दूसरा पहलु ये है कि उनके प्रयासों से ही आज उनके दोनों सुपुत्र प्रतिष्ठित फर्म कुवेरा काड्र्स एंड गिफ्ट व न्यू कुवेरा गिफ्ट आइटम्स का संचालन कर रहे हैं।
एक सफल पत्रकार के साथ कुशल व्यवसायी के जीवन में कितने दिलचस्प रंग रहे हैं, जरा उन पर भी नजर डाल लेते हैं:-
सन् 1953 में मैट्रिक पास करने के तुरंत बाद उन्होंने इंडियन इंश्योरेंस कंपनी में एजेंट का कार्य शुरू किया। इसके बाद किशनगढ़ में न्यू सुमेर टॉकीज के मैनेजर रहे। बाद में जोधपुर के जॉर्ज टॉकीज सर्किट की ओर से फिल्म प्रतिनिधि के रूप में काम किया। इसी प्रकार मैसर्स हुकमचंद संचेती एंड संस के विक्रय प्रतिनिधि के रूप में भी काम किया। सन् 1958 में टेरिटोरियल आर्मी के प्रशिक्षण शिविर में सर्वश्रेष्ठ केडेट का पुरस्कार प्राप्त किया। उन्होंने सेना प्रमुख की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट भी हासिल है। उन्होंने 1959 में 105 इन्फेंट्री बटालियन में रह कर नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लिया। इसके बाद किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयनारायण व्यास के संपर्क में आए। उन्हीं के आदेश पर उन्हें शिक्षा विभाग में क्लर्क की नौकरी करने का मौका मिला। बाद में ग्रेड बदलवा कर ब्यावर के सनातन धर्म हायर सेकंडरी स्कूल और पटेल हायर सेकंडरी स्कूल में शिक्षण कार्य किया। तकरीबन 12 वर्ष तक सरकारी नौकरी करने के बाद उन्होंने निजी व्यवसाय शुरू कर दिया और अजमेर में बुक सेंटर के नाम से दुकान खोली एवं लाइब्रेरी सप्लाई व प्रकाशन का कार्य शुरू किया। वे अजमेर गांधी शांति प्रतिष्ठान के कार्यालय प्रभारी और श्री गोकुलभाई भट्ट के शराबबंदी आंदोलन के कार्यालय प्रभारी भी रहे हैं। दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने ब्यावर में स्वर्गीय श्री घनश्याम जी से कत्थक का विधिवत दो साल प्रशिक्षण लिया है और प्रदेश के अनेक स्थानों पर लोकनृत्य सहित कई सांस्कृतिक प्रदर्शन किए हैं।
-तेजवानी गिरधर
7742067000

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