
राजसमन्द। नानी बाई का मायरा कथा के तीसरे और अंतिम दिन कथा वाचक विनोद शर्मा ने कहा की जो भक्त भगवान में पूर्ण विश्वास रखता हे भगवान उसका भरोसा कभी नही तोड़ते हैं नरसिंघ जी का मायरा कथा में भी यही हुआ की भगवान ने नर्सिंग जी के धैर्य की परीक्षा ली और अंत समय में भक्त के विश्वास को पूर्ण करने के लिए समय पर अपनी लीला से सभी को चकित कर दिया। सखी ग्रुप द्वारा आयोजित कथा के समापन अवसर पर सभी श्रद्धालूओं द्वारा मायरे में भेंट दी गई। कथा के दौरान सभी भक्त गण संगीत की मस्ती में झूम उठे। अंत में आरती के साथ कथा का समापन हुआ और ठाकुर जी की मूर्ति की पदरावणी की गई। इस दौरान सखी ग्रुप की उमा मुथा, अनुराधा लड्ढा,लीला लड्ढा, चन्दा देवपुरा, मन्जू निष्कलंक, तारा इनाणी, सीता मालीवाल, कान्ता लड्ढा, अरुणा नन्दवाना, पतासी देवी, कौशल्या बापड़ोत, सुनीता लड्ढा आदि के साथ कई गणमान्य उपस्थित थे।