’’सत्य की ही सदा जीत होती है’’

06बाडमेर 04.01.2017
मारवाड़ माटी के लक्ष्मण महाराज गुलेच्छा ग्राउण्ड में चल रहे नौ दिवसीय देवी भागवत कथा में कहा मनुष्य को दो आवरण है। एक बाहिय आवरण व दुसरा भीतरी आवरण। कई लोग जो बाहर से फकीर की तरफ या पागल की तरह दिखते है पर वो भीतर से बड़े दिव्य होतेहै। हम उनका तिरस्कार कर देते है और दोष के भागी हो जाते है। हमें प्रत्येक प्राणी में नारायण स्वरूप देखना चाहिये। ना जाने किस वेष में नारायण मिल जाय। आज पावन प्रसंग में राजा हरीषचन्द्र की कथा कही। जिन्होनें पूरा जीवन सत्य पर रखा। उनके जीवन में अनेकों कष्ट आए। परीक्षाऐं दी। पर सत्य को नहीं छोड़ा। अंत में विजय सत्य की हुई। इस दिव्य प्रसंग की बड़ी सुन्दर झांकी सजाई गई। जब रोहिताष को सर्प डसने पर राणी विलाप प्रसंग पर श्रोताओं की आंखों से अश्रुधारा बह चली ।
महाराज ने कहा कि ये देवी भागवत एक विलक्षण ग्रन्थ है और ग्रन्थ हमको सुनने व मनन करने को मिल जाते है पर देवी भागवत दुलर्भ से ही सुनने को मिलती है। कथा संयोजक दुर्गाषंकर ने कहा छः जनवरी से चार दिवस भक्त चरित्र नरसी का माहेरा का भव्य कथा लक्ष्मणदास महाराज के मुखारविन्द से इसी पांडाल में मय झांकी के साथ होगी।

दुर्गाषंकर शर्मा
कथा आयोजक

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