पहली बार हुआ ‘हैरिटेज वॉक’
बीकानेर, 15 जनवरी। शहरी क्षेत्र की तंग गलियों में पहली बार पहुंचे सैकडों देशी-विदेशी पावणो का शहरवासियों ने पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया, तो यहां की अनूठी स्वागत परम्परा, साम्प्रदायकि सौहार्द और बहुरंगी संस्कृति देखकर विदेशी भी अभिभूत हो गए और उनके मुंह से अनायास ही निकल पड़ा, ‘वाओ! इट्स ग्रेट’।
ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला रविवार को ऐतिहासिक रामपुरिया हवेलियों से पहली बार निकली ‘हैरिटेज वॉक’ के दौरान। मशक वादक और बैगपाइपर बैंड के कलाकारों ने जब स्वरलहरियां बिखेरनी शुरू की तो देशी-विदेशी पर्यटकों ने जमकर ठुमके लगाए। यहीं साफा विशेषज्ञ गोपाल बिस्सा और किशन पुरोहित की साफा बांधने की कला देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
पुलिस अधीक्षक डॉ.अमनदीप सिंह कपूर और एसबीबीजे के उपमहाप्रबंधक राकेश कौशल सहित अन्य अतिथियों ने जैसे ही फीता काटकर ‘हैरिटेज वॉक’ को रवाना किया, तो नगाड़ों और चंग की थाप पर थिरकते लोगों का कारवां आगे बढ़ा। पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम, नगर विकास न्यास और लोकायन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान् में पहली बार आयोजित ‘हैरिटेज वॉक’ ने हीरालाल सौभागमल रामपुरिया की हवेली के अवलोकन के साथ अपनी यात्रा की शुरूआत की। यहीं बीकानेरी गणगौर, साफा, पगड़ी और चंदों का प्रदर्शन किया गया। बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल और मोहता चौक व्यापार मंडल द्वारा घनश्याम लखाणी के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर पुष्प बरसाए। अनेक स्थानों पर देशी-विदेशी पर्यटकों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया गया। पहली बार ऊंटों का काफिला देखकर शहरवासियों की उत्सुकता देखते बन रही थी, तो महिलाओं ने भी घरों की छतों से हैरिटेज वॉक को निहारा।
अंदरूनी शहर के बच्चों ने विदेशी मेहमानों को देखकर ‘हैलो, हाउ आर यू’ से अभिवादन किया तो विदेशी पर्यटकों ने ‘नमस्कार’, ‘पगेलागूं सा’ और ‘खम्मा घणी सा’ कह जवाब दिया। सजे-संवेरे ऊंटों और ढोल की थाप के बीच मोहता चौक पहुंचे पर्यटकों ने यहां की मशहूर रबड़ी का स्वाद चखा और ‘डिलीसियस’ कहकर दुकानदारों की हौसला अफजाई की। यहां की पाटा संस्कृति के बारे में जानकारी पाकर वे बोले, ‘इट्स अमेजिंग’। मोहता चौक में सूरजरतन मोहता की हवेली देखने पहुंचे पर्यटकों ने यहां की नक्काशी और सोने की कलम के कार्य को कैमरों मे कैद किया।
शहर की गौरवशाली कला, संस्कृति, परम्परा और पुरावैभव देखकर पर्यटक अभिभूत हो गए। संकरी गलियों में बनी लाल दुलमेरा पत्थरों से बनी हवेलियां और इनकी नक्काशी को निहारना उनके लिए नया अनुभव था। पांच सौ से अधिक वर्ष प्राचीन भांडाशाह जैन मंदिर व लक्ष्मीनाथ मंदिर के पास पहुंचने पर श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर विकास एवं पर्यावरण समिति ने स्वागत किया। सीताराम कच्छावा के नेतृत्व में खेतेश्वर मंडल के कलाकारों ने होली की धमाल को नृत्य के साथ प्रस्तुत किया।
ऐतिहासिक हैरिटेज वॉक, शहर के विविध क्षेत्रों से गुजरती हुई बीकानेर के संस्थापक राव बीकाजी की टेकरी के पास पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक भारती नैथानी और लोकायन के गोपाल सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार जताया।
हैरिटेज वॉक के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. अमनदीप सिंह हाथ में कैमरा लिए हवेलियों, कलाकारों, दुकानों के फोटो खींचने में मशगूल रहे, वहीं उन्होंने रबड़ी, कचौरी, पकौड़ी और दूध-जलेबी का स्वाद भी चखा। उन्होंने यहां की समृद्धशाली परम्परा के बारे में पूरी उत्सुकता से साथ जानकारी ली।
हैरिटेज वॉक में नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका, पार्षद नरेश जोशी, गिरिराज जोशी, पूर्व पार्षद अरविंद किशोर आचार्य, पर्यटन अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह, मावा एसोशिएसन के हेतराम गौड़, धरणीधर पर्यावरण विकास समिति के जितेन्द्र आचार्य सहित बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक, रौबीले, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और आमजन ने भागीदारी निभाई।
mohan thanvi