बीकानेर 10 जुलाई, 2017। जिले के समस्त पीएचसी-सीएचसी व जिला अस्पताल में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया गया। गर्भवतियों की गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांचे की गई और आवश्यकतानुसार सलाह व उपचार दिए गए। प्रतिमाह 9 तारीख को मनाया जाने वाला अभियान इस बार अवकाश होने के कारण 10 को मनाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनके सुरक्षित प्रसव के प्रबंधन की कवायद की गई। मातृ व शिशु मृत्युदर में कमी लाने विशेषकर एनीमिया की जांच कर एनेमिक महिलाओं को आवश्यकतानुसार आयरन की गोलियां, आयरन सुक्रोज इंजेक्शन व ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सलाह दी गई। बीसीएमओ, बीपीएम व बीएएफ द्वारा अभियान का निरीक्षण किया गया। कोलायत बीसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा ने पीएचसी दियातरा व गड़ियाला में जांच के लिए आई गर्भवतियों को स्वास्थ्य शिक्षा भी दी।
जिला अस्पताल में डॉ. साक्षी अग्रवाल, डॉ. सविता परमार व डॉ. विजयलक्ष्मी व्यास ने 90 गर्भवतियों की प्रसव पूर्व जांचे कर सुरक्षित प्रसव हेतु सलाह दी। डीपीएम सुशील कुमार ने बताया कि अभियान के तहत शहरी क्षेत्र में 335, खण्ड बीकानेर में 318, श्रीडूंगरगढ़ में 310, नोखा में 480, कोलायत में 349 व खाजूवाला में 85 गर्भवतियों की जांचे हुई।
निजी गायनेकोलोजिस्ट ने निभाई प्रभावी भूमिका
आरसीएचओ डॉ. रमेश गुप्ता ने बताया कि निजी गायनेकोलोजिस्ट डॉ. दीप्ति वहल ने सीएचसी गजनेर में, डॉ. गीतिका जैन ने सीएचसी नोखा में, डॉ. स्वाति बिन्नानी ने यूपीएचसी न. 5 (जिन्ना रोड़) में, डॉ. मंजू जोशी ने सीएचसी डूंगरगढ़ में, डॉ. रानू शर्मा ने पीएचसी बिग्गा में, डॉ. रेखा श्रीवास्तव ने यूपीएचसी बीछवाल औद्योगिक क्षेत्र में, डॉ. सूरत चलाना ने यूपीएचसी तिलकनगर में, डॉ. नीता कपूर ने यूपीएचसी न. 1 (अणचाबाई डिस्पेंसरी) में, डॉ. एस.एन. हर्ष ने पीएचसी बम्बलू में, डॉ वीणा श्रीवास्तव ने यूपीएचसी न. 4 (विवेक नगर, एम.एस. कॉलेज के सामने) में, डॉ. मघु आर्य ने सीएचसी नापासर में, डॉ. इति माथुर ने सीएचसी खाजुवाला में, डॉ. मीनाक्षी ने गोम्बर यूपीएचसी भुजिया बाजार में व डॉ. रूपम कालरा ने रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र डिस्पेंसरी न 7 में पूरे जोश के साथ अपनी सेवाएं दी। जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुशील कुमार ने सभी निजी प्रसूति रोग विशेषज्ञों को सुरक्षित मातृत्व में उनके योगदान के लिए आभार जताया। उन्होंने बताया कि सुरक्षित मातृत्व के लिये प्रारम्भ की गयी विभिन्न नवाचार गतिविधियों सहित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के आयोजन से गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान विशेषरूप से जटिल खतरों वाली संभावित गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबल मिल रहा है और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने में प्रभावी कदम सिद्ध हो रहा है।
– मोहन थानवी