ग्रामीणों ने दी चेतावनी यदि नहीं हुई समस्या समाधान तो करेंगे उग्र आंदोलन
जहां एक और देश के प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी हर गांव को सड़कों से जोड़ने की बात करते हुए सड़कों को सही करवाने एवं ग्रामीणों को लाभ पहुंचाने हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं भी संचालित कर रखी है और समय-समय पर निर्देश भी जारी किए जाते हैं किंतु इसका असर भिंडर पंचायत समिति के अधिकारियों पर नहीं दिखाई दे रहा है और कई पात्र व्यक्ति इन लाभों से वंचित है l मोड़ी से भटेवर मार्ग पर यदि किसी डिलीवरी वाली महिला को किसी वाहन से ले जाया जाए तो रास्ते में ही डिलीवरी हो जाएगी यह बात कहते हुए पंचायती राज विभाग से संबंधित योजनाओं से विभिन्न लाभ नहीं मिलने , खाद्य सुरक्षा सूची में त्रुटि तथा शौचालय प्रोत्साहन राशि समय पर नहीं मिलने सहित कई आरोप भिंडर पंचायत समिति की मोड़ी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि और अधिकारियों पर लगाए हैं l उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर चार पहिया वाहन के साथ-साथ दुपहिया वाहन चालकों को भी इस मार्ग से सफर तय करने में काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है क्योंकि इस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ चुके हैं और पूरी रोड खस्ताहाल है l ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मार्ग पर विगत 15 सालों से डामरीकरण नहीं किया गया है l आज मोड़ी के ग्रामीण और महिलाएं जनप्रतिनिधियों और पंचायत समिति से जुड़े अधिकारियों के लापरवाह पूर्ण रवैया से आक्रोशित हो गए और चक्का जाम कर दिया बाद में ओवरलोडिंग संचालित वाहनो के ठेकेदारों द्वारा आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए l इस मार्ग पर चलने वाले ओवरलोडिंग वाहनों को बंद करवाने एवं रोड दुरुस्त कराने को लेकर के कई बार ग्रामीणों ने विकास अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि को लिखित में रिपोर्ट दे करके अवगत कराया किंतु समस्या का कोई हल नहीं निकला l लगातार और लोडिंग वाहनों के संचालित होने से यह रोड पूर्णतया खस्ताहाल हो गया है जिस पर बड़े बड़े गड्ढे हैं जहां से चलना भी मुश्किल होता है ऐसे में अभी ओवरलोडिंग डंपरों के द्वारा दिन एवं रात्रि में मिट्टी का अवैध खनन कर ले जाया जा रहा है जिस से लेकर ग्रामीण एकत्रित हुए और विकास अधिकारी और खेरोदा थाना पर दूरभाष से बात कर कार्रवाई की मांग की किंतु विकास अधिकारी द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं पा कर ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया और ओवरलोडिंग लोडिंग एक गाड़ी भी रुकवा कर खड़ा कर दिया और पंचायत और पंचायत समिति के अधिकारियों के विरुद्ध हाय हाय के नारेबाजी करने लगे इस दौरान ओवरलोडिंग संचालित डंपरों के कंपनी के ठेकेदारों को भी मौके पर आना पड़ा और ग्रामीणों से समझाइ की l ग्रामीण रोड को सही कराने के बाद ही मानने व विकास अधिकारी को मौके पर बुलाने की बात पर अडिग रहें बाद में कंपनी के ठेकेदारों द्वारा इस मार्ग पर वाहन नहीं चलाने व रोड सही करवाने की प्रयास करने की बात कहने पर ग्रामीण शांत हुए और मामला शांत हुआ किंतु ग्रामीणों ने बताया कि यदि इसी तरह जनप्रतिनिधियों और पंचायत समिति के अधिकारियों की उदासीनता चलते रहे तो बहुत जल्द उग्र आंदोलन का प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी इस दौरान ग्रामीणों के साथ में काफी महिलाएं भी उपस्थित थे l इस पूरे मामले में सरपंच एवं सचिव भी नदारद रहे हैं जबकि पूरे घटना क्रम में उपसरपंच मुकेश जाट ग्रामीणों के साथ उपस्थित थे इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 सालों से इस मार्ग पर डामरीकरण नहीं किया गया है इस बारे में दर्जनों बार pwd पंचायत प्रशासन और विकास अधिकारी को लिखित में प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया जा चुका है लेकिन इस समस्या की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया आलम यह है कि यहां सनातन ओवरलोडिंग वाहन चल रहे हैं जिससे किसी बच्चे के चपेट में आने का भी भय बना रहता है साथ में मिट्टी इतने उड़ रही है कि खाना के सही तरीके से नहीं खा पा रहे हैं इसको लेकर के जब सरपंच को अवगत कराया तो उसने कोई ध्यान नहीं दिया जिस पर ग्रामीणों ने विकास अधिकारी को भी दूरभाष से वार्ता की किंतु विकास अधिकारी के द्वारा भी संतोषजनक जवाब नहीं देने पर ग्रामीणों द्वारा चक्का जाम करने का कदम उठाना पड़ा l इस पूरे घटना क्रम में कोई भी जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा जिससे भी कई सवाल ग्रामीणों के मन में उठना वाजिब ही लगता है lइस बारे में जब विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह राजावत से पूछा गया तो उन्होंने मामला जानकारी में नहीं होने की बात कह कर टाल दिया l