सिंधी भाषा दिवस पर किया पैदल मार्च, आयोजनों का कैलंडर घोषित

बीकानेर । सिंधी भाषा दिवस पर सुबह 7 बजे गोल मार्केट जेएनवीसी से शहीद हेमू कालानी सर्किल तक भारतीय सिन्धु सभा महानगर के सेवकों ने सिंधी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जनजागृति मार्च किया। समाज के वयोवृद्ध मनुमल सदारंगानी के सान्निध्य एवं हासानंद मंघवानी व युवा हस्ताक्षर टीकम पारवानी के नेतृत्व में मार्च में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए । शहीद हेमू कालानी सर्किल पर सभी ने सिंधी भाषा साहित्य के संवर्धन के लिए संकल्प लिया और वर्ष पर्यंत कार्यक्रमों का आयोजन बीकानेर के विभिन्न क्षेत्रों और जिले के श्री डूंगरगढ़ सहित तहसीलों में करने का कैलेंडर घोषित किया गया। मनुमल जी ने कहा कि सिंधी भाषा का भारत में दो लिपियों अरबी सिंधी व देवनागरी सिंधी के साथ संविधान की आठवीं सूची में शामिल होना गौरव की बात है जिसे बनाए रखना है। सिंधु सभा के श्याम आहूजा व किशन सदारंगानी ने कहा कि स्थानीय कैलेंडर के तहत पहले 3 महीनों में जिले की एक तहसील में और शहर के दो क्षेत्रों में सिंधी भाषा साहित्य के कार्यक्रम रखे जाएंगे। जिनमें युवक युवतियां प्रतिभागी रहेंगे । इस अवसर पर सिंधी अक्षर ज्ञान के लिए एक चित्र का अनावरण भी किया गया । इस अवसर पर सिंधी साहित्यकार मोहन थानवी ने मुख्य वक्ता के रूप में सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने के संघर्ष को रेखांकित करते हुए आव्हान किया की आने वाले समय में सिंधी भाषा में प्रतियोगी परीक्षाओं को उत्तीर्ण कर उच्च पदों पर सेवाएं दी जा सके इसके लिए समाज की संस्थाओं द्वारा भी सिंधी भाषा के कोचिंग क्लासेस लगाने के प्रयास करना जरूरी है। इसी सोच के तहत एक जनजाग्रति अभियान चलाया जाएगा। जिसमें बीकानेर से साया हो रहे एकमात्र मासिक सुजागु सिंधी के संपादक देवीचंद खत्री की सेवाओं से समाज लाभान्वित होगा। अंत में तेजप्रकाश वलीरमानी ने आभार ज्ञापित किया और कहा कि सभी सेवक युवा पीढ़ी को भारतीय सिंधु सभा के नेतृत्व में सिंधी भाषा संस्कृति से रूबरू कराने के लिए कृत संकल्पित हैं।

-✍️ श्याम आहूजा

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