जल शक्ति अभियान केन्द्र व राज्य सरकार के सामूहिक प्रयास से सफल होगा

बीकानेर,17 जुलाई। केन्द्र सरकार में महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त सचिव एवं नोडल अधिकारी जल शक्ति अभियान एल.के.मीना ने कहा कि जल शक्ति अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि यह पांच पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगा जिसमें जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन, पारंपरिक और अन्य जल निकायों का नवीकरण, पानी का पुनरू उपयोग और संरचनाओं के पुनर्भरण, वाटरशेड विकास और गहन वनीकरण के कार्य शामिल है।
मीना बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम एवं जल शक्ति अभियान से जुड़े अधिकारियों के साथ जिले में जल शक्ति अभियान को लेकर तैयारी बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अभियान केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के साथ-साथ जन प्रतिनिधियों के सहयोग से सफल होगा। अभियान राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न स्कीमों में तालमेल बिठाकर धरातल पर काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अहम मुद्दे में सभी जन प्रतिनिधियों,एनजीओ व भामाशाह को सकारात्मक भागीदारी के लिए जोड़ा जाए। गांव व शहर में सभी लोगों को इस मुहिम से जोड़ें, ताकि अधिक से अधिक जल का संरक्षण हो सके। उन्होंने कहा कि देश में 2030 तक सभी को पीने योग्य पानी मिले,इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत सितंबर माह तक विशेष प्लान के तहत जल संरक्षण की दिशा में कार्य किए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए जल का संरक्षण हो सके। उन्होंने कहा कि गांवों में व्यर्थ में बहने वाले पानी की रोकथाम के लिए कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में इस संदर्भ में प्रचारित करें कि पानी को व्यर्थ बहने देने से हम अपने आपका ही नुकसान कर रहे हैं। सभी का दायित्व बनता है कि व्यर्थ में बहने वाले पानी को रोके और पानी का इस्तेमाल भी समूचित ढंग से करें।
जल को बचाना समय की मांग
मीना ने कहा कि जल को बचाना आज के समय की बड़ी महत्वपूर्ण मांग है। हमारे पास सीमित मात्रा में जल उपलब्ध है। जल का अधिक दोहन करने से हमारे सामने विकट परिस्थिति आ सकती है। सभी को अपने आचरण में जल संरक्षण के ध्येय को धारण करना चाहिए। इस महत्वपूर्ण जल आंदोलन को सभी अधिकारी व जन प्रतिनिधि एकजुट होकर जन आंदोलन में तबदील करें, ताकि इस धरा पर अधिक से अधिक जल संरक्षण किया जा सके। जो भी ग्राम पंचायतें जल संरक्षण की दिशा में कार्य करते हुए वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम व अन्य क्रिया कलाप करेगी, उन सभी को विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। जितने भी पुराने बोरवैल खराब हो चुके हैं, उन सब की सूची सभी पंचायतों से ली जाए।
बैठक में जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बताया कि जिले के नोखा,कोलायत,बीकानेर और श्रीडूंगरगढ़ ब्लाॅक को जलशक्ति अभियान में कवर किया जायेगा। उन्होंने इन ब्लाॅक मेें भूमिगत जल की उपलब्धता,भौगोलिक स्थिति,वर्षा का औसत तथा परम्परागत जलस्त्रों,वन क्षेत्र आदि की जानकारी दी। उन्हांेने बताया कि जिले में वर्षां का जल संचय करने के लिए तालाब,जोहड़,कुण्ड,टांका व डिग्गी आदि की परम्परागत विधियां है। उन्हांेने बताया कि पूर्व में भवनों पर वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम लगाए गए थे। यह सिस्टम व्यक्तिगत घरों और सरकारी,ग्राम पंचायत भवनों में लगाया गया था।
जिला कलक्टर ने अधिकारियों से कहा कि गांवों में पानी की निकासी की समस्या बनी रहती है। इसके लिए ग्रामीणों को सोखता गड्डे बनाने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रत्येक ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक पौधा रोपण हो इसके लिए सभी जन प्रतिनिधियों को जोड़ा जाए। जल शक्ति अभियान को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य हमें करना है। एक बार इस्तेमाल हुए पानी को दूसरे कार्यों में इस्तेमाल हो इसके बारे में भी लोगों को समझाना है।
प्रत्येक ब्लाॅक का एक तालाब माॅडल तालाब बने-
जिला कलक्टर ने कहा कि जिले में ऐसे तालाब चिन्हीत करें,जिनमें बरसात का पानी नहीं पहुंचता है। ऐसे तालाबों की आगोर में उगी झांडियों और अवरोधों को हटाने काम इस अभियान में शामिल करें। उन्होंने कहा कि जिन तालाबों के आगोर में जल स्तर ऊंचा है,वहां हैण्डपम्प लगाए। उन्होंने विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी पंचायत समिति क्षेत्र के वर्तमान तालाबों में से एक को माॅडल तालाब के रूप में विकसित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्कीम में माॅडल तालाब विकसित किया जा सकता है। इन तालाबों की आगोर को साफ-सुथरा बनाते हुए पानी आवक में बाधा बने अवरोध हटाए जाए।
जल शक्ति पुरस्कार से नवाजा जायेगा
गौतम ने कहा कि जो ग्राम पंचायत,भामाशाह जल संरक्षण में बेहत्तर कार्य करेगा,उसे जल शक्ति पुरस्कार से नवाजा जायेगा। उन्होंने कहा कि वे एनजीओ और व्यक्ति जिन्होंने ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में जल शक्ति अभियान में श्रेष्ठ कार्य किया है,उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा। इन संस्थाओं को यह बताना होगा कि उन्होंने जल संचय के क्षेत्र में क्या कार्य किया है। उन्होंने उप खण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर,उन्हंे इस अभियान से जोड़ा जाए।
बैठक में वाटरशेड के अधीक्षण अभियन्ता भागीरथ बिश्नाई ने जल शक्ति अभियान की प्रगति से अवगत करवाया। इस अवसर पर केन्द्र सरकार के उद्योग मंत्रालय के निदेशक उदय सिंह मीना,जल आयोग मंे उप निदेशक धर्मेन्द्र कुमार, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी,उपखण्ड अधिकारी कैलाश चंद्र शर्मा,उपखण्ड अधिकारी नोखा रमेश देव,विकास अधिकारी नोखा तबस्सुम सहित विकास अधिकारी उपस्थित थे।
हाॅकर्स यूनियन जल शक्ति अभियान में निभाएगा भागीदारी-बैठक के बाद बीकानेर हाॅकर्स यूनियन ने जल शक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए जलशक्ति अभियान के नोडल अधिकारी से मिला और उन्होंने अभियान से जुड़ने की इच्छा जताई। उन्होंने इसके लिए जल बचत के पेम्पलेट व बैनर का विमोचन भी करवाया। हाॅकर्स यूनियन के पदाधिकारी पुखराज स्वामी,बोलेन्द्र सिंह,हनुमान गहलोत व सिराजुद्दीन कोहरी ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर गजेन्द्र सिंह सांखला भी उपस्थित थे।

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जिला कलक्टर अभाव-अभियोग सुनने अपने कोर्ट परिसर पहुंचे
बीकानेर,17 जुलाई। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में उनसे मिलने पहुंचे लोगों के अभाव-अभियोग सुने। आमतौर पर जिला कलक्टर अपने कक्ष में ही आमजन की परिवेदनओं को सुनते है,लेकिन मिलने वालों की भीड़ को देखकर उन्होंने अपने कक्ष के बारह बने कोर्ट परिसर में आकर अभाव अभियोग सुने।
जिला कलक्टर ने उनसे मिलने पहुंचे युवा,बुजुर्ग और महिलाओं के ज्ञापन को पढ़ा और उनकी परिवेदना को धैर्य से सुना। उन्होंने सभी को आवश्वत किया कि उनके आवेदन पर आवश्यक रूप से कार्यवाही होगी,जिसकी जानकारी आप सभी को दी जायेगी।

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