बदलाव की बयार, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

*कल तक कोख में मरती थी बेटी जंहा,उसी जगह की बेटी दिव्य ने एन सी सी के राष्ट्रीय अभियान एक भारत श्रेष्ठ भारत मे भाग लेकर गौरवान्वित किया*
*बसिया की बेटी दिव्या भाटी बनी प्रेरणा*

चन्दन सिंह भाटी*
*जैसलमेर कल तक जिस गांव में बेटियों को कोख में मार दिया जाता था आज उसी गांव की लाडली ने राष्ट्रीय कैडेट कौर के दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय अभियान में भाग लेकर गौरवान्वित किया।।यह बदलाव की बयार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को न केवल सार्थक बना रही बल्कि इसे सम्बल प्रदान कर इस पिछड़े क्षेत्र में अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनी है सिहड़ार गांव के दुर्जन सिंह भाटी पूर्व सैनिक की बेटी दिव्या सिंह भाटी।।

दिव्या सिंह विद्यावाड़ी में स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा है।।एन सी सी की सैनिक है।।बचपन से दिव्या ने सेना की वर्दी का सपना देखा।।रूढ़िवादी गांव में उनके पिता दुर्जन सिंह ने बेटी का साथ दिया।।गांव में शिक्षा की माकूल व्यवस्था नही होने के कारण दिव्या को पाली जिले के विद्यावाड़ी स्कूल में शिक्षा अर्जन के लिए दाखिल करवाया।।होनहार दिव्या पढ़ाई में अवल रही है साथ ही अन्य गतिविधियों में भी निरन्तर हिस्सा लेती है।उनके पिता उनका हौसला बढ़ाते है।हर कदम पर साथ देते है।।दिव्या ने कॉलेज शिक्षा में प्रवेश के साथ एन सी सी जॉइन कर ली।।दिव्या ने बताया कि उसका सपना है कि उसके शरीर पर सेना की वर्दी हो।।उन्होंने देश सेवा का सपना देखा है।इसी सपने को पूरा करने के लिए एन सी सी में भर्ती हुई।।दिव्या बताती है उसे बड़ा दुख होता जब अपने क्षेत्र पर बेटियों को जन्मते मारने का सुनती हूँ।मै भाग्यशाली हूँ मुझे मेरे माता पिता का पूरा सहयोग मिल रहा।।में जिले की बालिकाओं के सामने एक उदाहरण बनाना चाहती हूं कि अगर हममें हौसला है तो हमे आगे बढ़ने से कोई रोक नही सकता।।दिव्या ने राजस्थान एन सी सी की तरफ से इस बार राजधानी दिल्ली में आयोजित एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान का हिस्सा बनी।।।दिव्या ने बताया कि उसके लिए यह गौरव के क्षण थे जब वो देश की राजधानी में तिरंगे के सामने सलामी ले रही थी।।

दिव्या सिंह 3 राज गर्ल्स बी एन एन सी सी जोधपुर टीम का हिस्सा है ।।अपनी टीम के साथ दिव्या दिल्ली में एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान में हिस्सा लेकर राजस्थान खासकर जैसाण का नाम रोशन किया।।दिव्या सेना में जाना चाहती है ।यह उसका सपना है जिसे पूरा करने में लगी है।इसमे उनका साथ उनके पिता दुर्जन सिंह भाटी दे रहे ।।दुर्जन सिंह बसिया जैसे पिछड़े और रूढ़िवादी क्षेत्र में आदर्र्श बन कर उभरे है।।तो दिव्या बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को सार्थक बनाक्षेत्र की बालिकाओं के लिए प्रेरणा बनी है।।

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