‘‘प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मिलेगा अवसर’’

जैन समाज की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

बीकानेर। जैन महासभा द्वारा रविवार को आशीर्वाद भवन में जैन समाज की प्रतिभाओं का सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईएएस अभिषेक सुराणा थे व अध्यक्षता महापौर नारायण चौपड़ा ने की। कार्यक्रम की विधिवत् शुरूआत मुख्य अतिथियों द्वारा भगवान महावीर स्वामी के चित्र के आगे दीप प्रज्ज्वलित करके हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ नमस्कार महामंत्र के उच्चारण व महिला मण्डल द्वारा मंगलाचरण के संगान से किया गया। कार्यक्रम के दौरान जैन महासभा, बीकानेर के अध्यक्ष जयचन्दलाल डागा ने स्वागत भाषण में सम्बोधित करते हुए कहा कि लगातार तीन वर्षों से जैन समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया जा रहा है। समाज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए यह सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस तरह के सम्मान समारोह से प्रतिभाओं को प्रेरणा मिलती है। जैन समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च स्थान प्राप्त हो यह हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सिविल सविर्सेज के लिए कोचिंग की व्यवस्था भी की जा सकती है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईएएस अभिषेक सुराणा ने कहा कि जैन समाज अल्पसंख्यक होते हुए भी प्रतिभाओं के मामले में अग्रणी है। अभी युवा वर्ग शिक्षा के क्षेत्र में समाज का नाम रोशन कर रहे है लेकिन वह उचित मार्गदर्शन के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। उन्होंने परिजनों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों का मार्गदर्शक बने ताकि वे अपने भविष्य के लिए प्रेेरित हो। इससे समाज का नाम रोशन होगा। सुराणा ने कहा कि जैन समाज को हर क्षेत्र जैसे शिक्षा, राजनैतिक, खेलकूद, कला-संस्कृति, गायन आदि में आगे बढ़ने की जरूरत है। समाज के विद्यार्थी किसी भी विषय में कमजोर नहीं है बस उन्हें उचित मार्गदर्शन की जरूरत है। उन्होंने व्यायाम प्रतिदिदिन करने की आवश्यकता पर बल दिया। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जैन समाज का युवा जो भी बनेगा, जो भी करेगा वह हमेशा सर्वश्रेष्ठ होगा। युवावर्ग को जीवन में हमेशा सबसे पहले लक्ष्य निर्धारण करना चाहिए और इसमें उनके परिजनों को सहयोग होना बहुत जरूरी है।अभिषेक सुराणा ने कहा कि सबसे बड़ी आवश्यकता है कि पढ़ने की आदत डालें, कम से कम वर्ष में 10 पुस्तकें अवश्य पढ़ें। कुछ करने के लिए जनून होना आवश्यक है।
अध्यक्षता करते हुए महापौर नारायण चौपड़ा ने कहा कि जैन समाज की प्रतिभाओं का सम्मान करने से युवा विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। आज ’’कॅरियर काउंसिलिंग’’ की आवश्यकता जैन समाज के युवावर्ग को देनी बहुत जरूरी हो गई है। इससे विद्यार्थियों में बौद्धिक विकास होगा जिससे छात्रवर्ग आजकल के व्हाट्सअप युनिवर्सिटी, इन्टरनेट युनिवर्सिटी से बाहर निकल सकता है। महापौर चौपड़ा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जैन समाज के विद्यार्थी सीए बनकर भी वह अपना व्यवसाय ही संभालते है। अपनी शिक्षा केवल मात्र व्यापार और गृहस्थी के अलावा अन्य कोई उपयोग नहीं लेते। जैन समाज को अब आगे बढ़कर राजनैतिक, प्रशासनिक स्तर पर आगे आना होगा।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पूर्व महामंत्री जैन लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि जैन महासभा का लक्ष्य है कि जैन समाज की प्रतिभाओं को खोज कर आगे बढ़ाया जाए। छाजेड़ ने कहा कि जैन समाज में प्रतिभाओं की कमी नहीं है न ही शिक्षा की। जैन समाज में आज करीब 80 प्रतिशत लोग उच्च शिक्षित है लेकिन फिर भी आज जैन समाज आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसका कारण है प्रतिभाओं को उचित मार्ग दर्शन न मिलना। समाज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में जैन समाज के भामाशाहों को आगे आना होगा। जिससे समाज की प्रतिभाओं का व्यक्तित्व विकास किया जा सके। प्रतिभाओं से छाजेड़ ने कहा कि अपने जीवन का लक्ष्य ऊंचा तय करें जिसका जितना बड़ा लक्ष्य होगा वो उतना ही आगे बढ़ेगा।
संयोजक डॉ. पी.सी. तातेड़ ने बताया कि सम्मान समारोह के लिए जैन समाज के 143 आवेदन प्राप्त किये है। जिसमें निर्णायक कमेटी ने 135 फार्म का ही सलेक्शन किया गया। इन प्रतिभाओं में 10वीं, 12वीं, ग्रेज्यूएट, पोस्ट ग्रेज्यूएट, सी.ए., डॉक्टर, वकील के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक व अन्य गतिविधियों में भी श्रेष्ठतम रहने वाले जैन समाज के प्रतिभाओं का चयन किया गया।
पूर्व अध्यक्ष विजय कोचर ने जैन महासभा की गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि जैन महासभा सामाजिक क्षेत्र में अनेक कार्य करवाती रहती है। महावीर कल्याणक, सामुहिक क्षमापना समारोह, 21 व्यंजन सीमा, तप अभिनन्दन, प्रतिभा सम्मारोह जैसे अनेक सामाजिक कार्यों में महासभा हमेशा अग्रणी रही है। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि सामाजिक, शिक्षा आदि क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की सहायता जैन महासभा करने के लिए हमेशा तैयार रहेगी। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह से प्रतिभाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि आईएएस अभिषेक सुराणा को जैन पताका, माला, साफा, शॉल, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में अमरचन्द सोनी, इन्द्रमल सुराणा, पारसमल छाजेड़, प्रो. टी.के. जैन, बच्छराज कोठारी, चम्पकमल सुराणा, बसन्त नौलखा, विनोद बाफना, रूपश्री सिपानी, ममता रांका, सुमन छाजेड़, कविता चौपड़ा, प्रीति डागा, सत्येन्द्र बैद, निर्मल दस्साणी, निर्मल धारीवाल, जतन संचेती, कन्हैयालाल बोथरा, मूलचन्द डागा, सुरेन्द्र बद्धानी, जतन संचेती, कन्हैयालाल रामपुरिया, विनीत बोथरा आदि समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान सम्मानित अतिथियों द्वारा जैन समाज की 135 प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह, पताका व माला पहनाकर सम्मान किया गया। प्रतिभाओं को उनके परिजनों के साथ मंच पर आमंत्रित करके सम्मानित करने से प्रतिभाओं का सीना गर्व से फूल रहा था। आभार ज्ञापन संजय कोचर ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन जैन लूणकरण छाजेड़ ने किया।

जतनलाल दूगड़
महामंत्री

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