जैसलमेर साइलेंट जॉन हो किला परिसर ,प्रेशर हॉर्न पे रोक लगे ,किला परिसर से पार्किंग हटे

चंदन सिंह भाटी
जैसलमेर विश्व विख्यात जैसलमेर का किला बढ़ते प्रदर्शन और पर्यटकों वाहनों की आवाजाही के चलते अपना अस्तित्व खोता जा रहा हैं ,यूनेस्को हेरिटेज में शामिल दुनिआ का एकमात्र लिविंग फोर्ट हैं जंहा आज भी पांच हजार से अधिक लोग निवास करते हैं ,जिसके कारन किले का अस्तित्व बचा हुआ हैं,देखरेख और सरंक्षण के आभाव में किला अपना मूल स्वरुप खोता जा रहा हैं ,पर्यटकों की बढ़ती आवक के साथ किला परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ती जा रही हैं ,पुरातत्व विभाग के नियमो की खुले आम धज्जियाँ उड़ाती हैं मगर पुरातत्व विभाग इस और ध्यान नहीं दे रहा ,किला परिसर में तिपाहियाँ वाहनों की आवाजाही सबसे बड़ी परेशानी का कारन हैं दिन भर तिपाहियाँ रिक्शो की आवाजाही और इस पर लगे प्रेशर होरनो के ध्वनि प्रदर्शन से भी किला देखने आने वाले पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता हैं ,पुरातत्व विभाग ,नगर परिषद और जिला प्रशासन को चाजिये की किला परिसर को प्रेशर हॉर्न निषेध क्षेत्र घोषित करने के साथ दिन भर तिपहिया वाहनों की आवाजाही पे रोक लगाकर दिन में दो तिपहिया वाहनों को ही निचे से असहाय ,वृद्ध व्यक्तियों को लाने ले जाने के लिए अधिकृत करे,किला के निचली प्रोल के बाहर बने अस्थायी टेक्सी स्टेण्ड को तत्काल प्रभाव से हटा लिया जाए साथ ही किले में प्रवेश करते ही पार्किंग स्थल बनाया हुआ हे उसे हटाकर किला परिसर के मूलस्वरूप को बहाल किया जा सकता हैं ,साथ ही इस पार्किंग स्थल को विकसित कर यहाँ जैसलमेर के इतिहास को लेकर पैनोरमा स्थापित किया जा सकता हे या इस स्थान पर जैसलमेर के संस्थापक महारावल जैसलमेर की प्रतिमा स्थापित की जा सकती हैं.

Street scene with walking tourist and cows laying on the street, Jaisalmer, Rajasthan State, India.
इसी तरह किले के भीतर किये गए अतिक्रमणो को भी हटाकर किले का मूल स्वरुप बहाल किया जा सकता हैं ,प्रति वर्ष करीब पांच से सात लाख पर्यटक किला देखने आते हैं ,मगर किले की खूबसूरती बढ़ती संकड़ी गलियों में निरंतर अतिक्रमण बढ़ने से भी किला परिसर बदरंग हो रहा हैं ,किला परिसर में सीवरेज व्यवस्था नहीं हैं ,साथ किला परिसर में होटलो के बढ़ते जाल ने भी किले की खूबसूरती को प्रभावित किया हैं किले की पारम्परिक निर्माण शैली के विरुद्ध होटल व्यवसायी मनमर्जी से निर्माण करा किले को कमजोर कर रहे हैं ,जबकि किले में बिना पुरातत्व विभाग की स्वीकृति के निर्माण नहीं हो सकता ,मगर अवैध रूप से निर्माण कार्य जारी हैं ,इसकी और कोई ध्यान नहीं दे रहा,जैसलमेर का प्रमुख पर्यटन स्थल किला अपनी दुर्दशा पर आंसू भा रहा हैं ,कई स्थानों पर परकोटे और किले की दीवारे जर्जर हो गयी हैं मगर इन्हे दुरुस्त करने कोई आगे नहीं आ रहा,पुरातत्व विभाग को आगे आकर किले की सुध लेनी चाहिए,अनावश्यक गैर जरुरी गतिविधियों पर अंकुश लगा किले के मूल स्वरुप को बदरंग होने से बचाना चाहिए , किले के नीचे पार्किंग स्थल को सव्यवस्थित करने की कार्यवाही नगर परिषद को करनी चाहिए , किले के द्वितीय प्रवेश द्वार से पहले रियासतकालीन जेल हे ,जंहा पहले प्राथमिक विद्यालय भी चलता था ,अब उसे शिफ्ट क्र लिया कहनी और ,इस जेल परिसर को भी विकसित क्र म्युसियम स्थापित करना चाहिए ,किले के भीतर मनचाहे अतिक्रमण कर रखे हैं इन अतिक्रमणो को भी हटाना चाहिए ताकि किले का मूलस्वरूप पर्यटक देख सके ,किले की दीवारों तक को अतिकर्मियो ने ढक लिया ,

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