रेलवेे सदैव अपने यात्रियों को बेहतर सेवा देने के लिए कटिबद्ध है। रेलवे द्वारा महिलाओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिये सदैव कार्य किये जाते है। इसके लिये महिलाओं की रेल यात्रा सुगम बनाने के लिये ट्रेनो तथा स्टेषनों पर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त रेलवे पर महिला सषक्तिकरण के लिये भी अनेक कार्य रेलवे द्वारा किये जा रहे हैं।
महिला यात्रियों की रेल यात्रा सुगम हो, इसके लिये रेलवे द्वारा महिलाओं के लिये निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध है-
महिला कोच- लम्बी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में महिलाओं के लिए एक अलग अनारक्षित डिब्बा लगा होता है, जो गार्ड के केबिन से जुड़ा होता है।
लोअर बर्थ का कोटा- सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में सभी आरक्षित श्रेणियों में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ 45 वर्ष या अधिक आयु की महिला यात्रियों के लिए तथा गर्भवती महिलाओं (चिकित्सक के प्रमाण पत्र के साथ) के लिए शयनयान श्रेणी के प्रत्येक डिब्बें में 07 लोअर बर्थ का तथा थर्ड एसी/सैकण्ड एसी के प्रत्येक डिब्बें में 04 लोअर बर्थ का संयुक्त कोटा होता है। राजधानी/दुरंतो या पूर्णतया वातानुकूलित एक्सप्रेस ट्रेनों में सैकण्ड एसी में 04 तथा थर्ड एसी में 05 सीट का यह कोटा आवंटित है।
महिला कोटा- गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन में थर्ड एसी श्रेणी में 06 बर्थ का पृथक कोटा महिलाओं के लिए दिया गया है, जिसमेें आयु का कोई बंधन नहीं है। इस कोटे का उपयोग केवल महिला यात्रियों द्वारा किया जायेगा जो अकेले या महिला समूह में यात्रा कर रही हैं। आरक्षण सुविधा वाली गाड़ियों में मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों के शयनयान श्रेणी में 06 बर्थ का कोटा महिलाओं के लिए चिन्हित किया गया है।
महिला कोटा का आवंटन- वर्तमान में महिलाओं के लिए कोटे की सीटों के उपयोग में संषोधन किये गये है। प्रथम आरक्षण चार्ट बनने तक इस कोटे में सिर्फ अकेली महिला या महिलाओं के समूह का आरक्षण होगा। प्रथम आरक्षण चार्ट के तैयार होते समय अप्रयुक्त महिला कोटे के सीटों को पहले महिला वेटिंग यात्रियों को दिया जायेगा। तत्पष्चात् बची हुई महिला कोटे की बर्थ वरिष्ठ नागरिकों को दी जायेगी। प्रथम आरक्षण चार्ट बनने के बाद अकेली महिला यात्रियों को बर्थ आवंटन के पश्चात् भी यदि महिला कोटे की बर्थ बचती है, तो कार्यरत टिकट चैकिंग स्टाफ इन बर्थों को आरएसी ;त्।ब्द्ध कन्फर्म टिकटों पर अन्य महिला/वरिष्ठ नागरिकों को आवंटित कर सकेगा। इसके लिए उन्हें आरक्षण चार्ट में आवष्यक प्रविष्ठियॉ करनी होगी।
किराये में रियायत- वरिष्ठ नागरिक महिला यात्रियों की आयु 58 वर्ष या अधिक होने पर सभी मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों के मूल किराये में 50 प्रतिषत की रियायत का प्रावधान है। यात्रा के दौरान महिला यात्री को अपनी आयु का निर्धारित प्रमाण पत्र साथ रखना होगा।
आरक्षण केन्द्र पर- सभी महत्वपूर्ण स्टेषनों पर आरक्षण कार्यालय में महिलाओं के लिए पृथक लाइन की व्यवस्था होती है, जिसमें कोई महिला वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, विदेषी पर्यटकों के साथ अपना टिकट आरक्षित करवा सकती है।
अन्य सुविधाएं – महत्वपूर्ण स्टेषनों पर महिलाओं के लिए पृथक महिला प्रतीक्षा कक्ष की व्यवस्था होती है, जहॉ महिलाओं के साथ 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे गाड़ी के आगमन/प्रस्थान के समय प्रतीक्षा कर सकते है। इसके साथ ही स्टेषनो पर स्थापित किये गये बेबी फीडिंग कॉर्नर में महिला अपने षिषुओं को स्तनपान करवा सकती है। उत्तर पष्चिम रेलवे पर 27 बेबी फीडिंग कॉर्नर अजमेर, उदयपुर सिटी, राणा प्रतापनगर, मावली ज., भीलवाडा, बिजयनगर, ब्यावर, मारवाड ज., रानी, फालना, जवाई बांध, पिण्डवाडा, आबूरोड, बीकानेर, सूरतगढ, हनुमानगढ, श्रीगंगानगर, रतनगढ़, चूरू, जयपुर, अलवर, रेवाड़ी, नीम का थाना, जोधपुर, भगत की कोठी, जैसलमेर तथा फलौदी में स्थापित किये गये हैं।
इसके साथ ही स्टेषनों पर महिलाओं को प्लेटफार्म पर आने जाने में कठिनाई न हो, इसके लिये लिफ्ट तथा एस्केलेटर लगाये गये है। उत्तर पष्चिम रेलवे के 30 एस्केलेटर तथा 15 लिफ्ट कार्यरत है।
स्वच्छता- महिलाओं को बेहतर स्वच्छता सुविधा प्रदान करने के उद्देष्य से प्रमुख स्टेषनों अजमेर, उदयपुर, आबूरोड, बीकानेर, लालगढ, सूरतगढ, हनुमानगढ, श्रीगंगानगर, चूरू, सादुलपुर, जयपुर, गांधीनगर जयपुर, दुर्गापुरा, फुलेरा, जोधपुर, बाडमेर, जैसलमेर, नागौर व पाली मारवाड पर सेनेटरी नैपकीन वेडिंग मषीन तथा इन्सीनरेटर मषीन लगाये जा रहे है।
महिला सुरक्षा- स्टेषनों तथा रेलगाड़ी में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल सुरक्षा बल हेल्पलाइन संख्या 182 उपलब्ध कराई गई हैं। आपातकाल में महिला यात्री इन नम्बरों पर डायल कर सहायता प्राप्त कर सकती है। बेहतर सुरक्षा के लिए स्टेषनों एवं गाड़ियों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जा रहे है। उत्तर पष्चिम रेलवे पर 11 स्टेषनों पर वाडियों सर्विसलांस हेतु कैमरे लगा दिये गये है तथा 8 स्टेषनों पर यह कार्य प्रगति पर है।
महिला सषक्तिकरण- महिला सषक्तिकरण की दिषा में पहल करते हुए उत्तर पष्चिम रेेलवे का गांधीनगर जयपुर स्टेषन सम्पूर्ण भारतीय रेल में पहला गैर उपनगरीय स्टेषन बना है, जो पूर्णतया महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है। यहाँ सभी पदों पर स्टेषन मास्टर से कांटेवाला, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, टिकट संग्राहक से रेल सुरक्षा बल की कमान महिलाओं द्वारा संभाली जा रही है।
इसके साथ ही उत्तर पष्चिम रेलवे पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये रेलवे सुरक्षा बल में महिला बटालियनों की स्थापना की गई है। वर्तमान में उत्तर पष्चिम रेलवे पर 80 महिला सुरक्षाकर्मी कार्यरत है।
महिला सषक्तिकरण को बढावा देने के लिये उत्तर पष्चिम रेलवे पर महिला कर्मचारी सभी जगह पर कार्यरत है। उत्तर पष्चिम रेलवे पर चारो मण्डलो, मुख्यालय, कारखाने तथा भण्डार डिपो व सुरक्षा बल में कुल 2640 महिला रेलकर्मी कार्यरत है। रेलवे द्वारा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुविधाएं प्रदान की जाती है, जिनमें महिलाओं के लिये पृथक लंच रूम, सेनेटरी नैपकीन वेडिंग मषीन तथा इन्सीनरेटर मषीन, कार्यरत महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल क्रेच की सुविधा प्रदान की गई है।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उत्तर पष्चिम रेलवे पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिये अनेक कार्यक्रमों का आयोजन सभी मण्डलों में किया जा रहा है। उत्तर पष्चिम रेलवे पर कार्यरत महिला रेलकर्मियों के साथ-साथ सभी महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिये जागरूकता रैलियॉ, क्विज प्रतियोगिताएं, सेमीनार, परिचर्चा, पेटिंग प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटकों का मंचन, शार्ट फिल्म का प्रदर्षन करने के साथ-साथ स्वास्थ्य चैकअप कैम्प का आयोजन किया जा रहा है।
वरि. जन सम्पर्क अधिकारी
उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर
नोटः- उत्तर पष्चिम रेलवे का आप फेसबुक एवं ट्वीटर पेज /NWRailways पर भी अवलोकन कर सकते है।