*33 प्रतिशत स्टाफ को बुलाने का निर्णय वापस लिया राज्य सरकार ने*
CM ने VC के माध्यम से की पत्रकारों से बात
*अमित टंडन*
जयपुर। सोमवार 20 अप्रैल से लागू होने वाले मोडिफाइड लॉक डाउन में राज्य सरकार ने पुनः संशोधन करके दोबारा नए आदेश जारी किए हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पत्रकारों से रूबरू होकर यह जानकारी दी।
गहलोत ने कहा कि राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों औऱ बढ़ते खतरे को देखते हुए मोडिफाइड लॉक डाउन में कुछ बदलाव किए गए हैं। पहले यह तय किया गया था कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों व जयपुर में सचिवालय स्टाफ में से बारी बारी अलग अलग दिन 33 फीसदी स्टाफ को बुला कर दफ्तरों में काम शुरू किया जाएगा। मगर, राज्य में कोरोना मरीजों की तेजी से बढ़ती रफ्तार व बढ़ते खतरे को देखते हुए निर्णय में संशोधन किया गया है।
नए फैसले के मुताबिक अब राज्य भर में सरकारी कार्यालयों (विभागों) और जयपुर में सचिवालय में केवल सचिव-उपसचिव तथा विभाग अध्यक्ष ही दफ्तर आएंगे। उनके साथ केवल उनका निजी स्टाफ ही कार्य पर आएगा। शेष स्टाफ के लिए फिलहाल लॉक डाउन पूर्ववत लागू रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 33 फीसदी स्टाफ को 20 अप्रैल से दफ्तरों में बुला कर कार्य शुरू करने का फैसला टाल दिया गया है। इस पर बाद में विचार किया जाएगा।
गहलोत ने कहा कि राज्य के बहुत से लोग बाहर फंसे हैं, यहां भी बाह्य लोग फंसे हुए हैं। सभी लोग घर ना पहुंच पाने से अवसाद में हैं। आर्थिक संकट आ गया है, मगर फिर भी कोरोना से लड़ने ने धन की कमी नही आने दी जाएगी।
गहलोत ने कहा कि वे फिर से प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर राज्य को विशेष अनुदान दिए जाने की मांग रख रहे हैं।