जयपुर, 29 मई (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस इन्द्रसेन इसराणी के निधन से सिन्धी जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। पूर्व न्यायाधिपति इन्द्रसेन इसराणी ने वर्ष 1982 से 1984 तक सिन्धी अकादमी के अध्यक्ष पद पर रहते हुये अकादमी की योजनाओं को एक नई दिशा दी। अकादमी प्रशासक एवं जयपुर संभागीय आयुक्त श्री के0सी0वर्मा एवं सचिव श्री संजय झाला ने श्री इसराणी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुये श्री इसराणी को विलक्षण प्रतिभा का धनी बताया। श्री इसरानी को अकादमी द्वारा अपने सर्वोच्च सम्मान ’’सिन्धुरत्न’’ की उपाधि से भी अंलकृत किया जा चुका है। उन्होंने अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में राजस्थान में ही नहीं अपितु भारतवर्ष में अकादमी का नाम रोशन किया। सिन्धी भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति एवं सिन्धियत के विकास के लिये उनके द्वारा किये गयेे प्रयासों के लिये उन्हें सदैव याद किया जाता रहेगा।
अकादमी कार्यालय में सचिव व कर्मचारियों द्वारा दी गई शोकाभिव्यक्ति में अकादमी के पूर्व अध्यक्ष स्व0श्री इन्द्रसेन इसराणी को दो मिनिट की मौन श्रद्धाजंलि अर्पित की गई तथा परमपिता परमात्मा से उनकी आत्मा की शान्ति के लिये प्रार्थना की गई। अकादमी के पूर्व अध्यक्षों सर्वश्री भगवान अटलानी, डा0लाल थदानी, मोहनलाल वाधवानी, चन्दीराम राघानी, प्रकाश टेकवानी, नरेश चंदनानी, हरीश राजानी आदि ने भी श्री इसरानी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक प्रकट किया।
(संजय झाला)
सचिव