जैसलमेर मनरेगा बनी वरदान ,बावन हजार से अधिक श्रमिकों को मिला रोजगार

जैसलमेर काेराेना वैश्विक महामारी के बीच से पूरा देश ही नहीं विश्व जूझ रहा है। हर कोई घरों में बंद है। जो लोग बाहरी मजदूरी पर गए हुए थे, वो भी इस संकट के बीच घर पहुंच गए। ऐसे में जोब कार्ड धारी श्रमिकों को
नरेगा के तहत रोजगार दिया जा रहा है, इसके लिए जैसलमेर जिले में वर्तमान में 52931 लोगों को रोजगार मिल रहा है। । नरेगा के तहत अब इन्हें 220 रुपए के हिसाब से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। ऐसे में इस कोरोना संकट में मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्र के उन गरीब लोगों के लिए वरदान बनी हुई है, जो काम नहीं
मिलने से घर पर बैठे थे। पंचायतीराज विभाग ने ऐसे प्रवासी मजदूरों से भी अपील की है कि जिन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है, वे ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर रोजगार के लिए आवेदन करें, उन्हें मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।
जैसलमेर जिले में वर्तमान में 3 पंचायत समिति क्षेत्रों के 138 ग्राम पंचायतों में 1944 काम चल रहे है। फिलहाल पूर्व की ग्राम पंचायत अनुसार ही नरेगा, आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास ,अपना खेत अपना काम , नाड़ी खुदाई, ग्रेवल सड़क सहित अन्य सार्वजनिक काम हो रहे है। ऐसे में उन्हें रोजगार भी पूर्व पंचायत ही देगी।

368 प्रवासी परिवार को रोजगार
जिला परिषद जैसलमेर द्वारा 368 प्रवासी परिवारों को उनकी मांग पर रोजगार उपलब्ध कराया गया हैं ,अब तक 562 प्रवासी परिवारों ने रोजगार के लिये पंजीयन कराया ,इसके विरुद्ध 551 परिवारों को जॉबकार्ड उपलब्ध कराये गए हैं,2249 प्रवासी परिवारों का पूर्व में पंजीयन हो रखा हे ,226 परिवार व्यापारी वर्ग तथा सक्षम होने के कारन जॉब कार्ड बनाने के इच्छुक नहीं हैं ,सरकार की ओर से बाहरी राज्यों से घर आए ऐसे प्रवासी मजदूरों से ज्यादा से ज्यादा अपील की है कि वे बाहर से घर आ गए, लेकिन रोजगार की तलाश में खाली बैठे है। वे ग्राम पंचायत से मनरेगा के तहत रोजगार की मांग करें। आवेदन भर कर दें, ताकि रोजगार उपलब्ध करवाया जा सके।

कोरोना गाइड लाइन की पालना
नरेगा कार्य स्थलों पर राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण कल में जारी गाइड लाइन की पालनार्थ सोसाल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा हैं ,श्रमिक को व्यक्तिगत चौकड़ी बनाकर सप्ताह भर की टास्क दी जा रही हैं ,मेट हजारी चौकड़ी पर जेक व्ही मस्कट कार्य स्थलों पर अनिवार्य कर दिए ,कार्यस्थल पर सेनेटाइजर रखे गए हैं ,समय समय पर हाथ धुलाई जाते हें,नरेगा कार्यो का नियमित निरीक्षण विकास ,अधिकारी तकनीतिक सहायको ,अभियंताओं और खुद सी ई ओ द्वारा किया जा रहा हैं
मनरेगा कोरोना संकट में रोजगार दिलाने के लिए वरदान बनी हुई है।प्रधानमंत्री आवास योजना ,अपना खेत अपना काम ,ग्रेवल सड़क, आवास योजना, नाड़ी खुदाई ,खरंजा। सहित कई तरह के काम मनरेगा के तहत चल रहा है। इसमें जैसलमेर के 52931 हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। सरकार की ओर से बढ़ी मजदूरी की दर से इन्हें भुगतान किया जा रहा है। -ओमप्रकाश ,सीईओ,जिला परिषद जैसलमेर

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