स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स, बीएसडीयू के 3 छात्रों ने हासिल वर्चुअल इंटर्नशिप

जयुपर, 29 जुलाई, 2020ः / हाल के दौर में कोविड-19 ने दुनियाभर में कारोबारी और आर्थिक परिदृश्य को बुरी तरह प्रभावित करने के साथ-साथ शैक्षिक जगत के बुनियादी ढांचे और कामकाज के तौर-तरीकों पर भी प्रतिकूल असर डाला है। बदले हुए माहौल में अब शैक्षिक जगत में उन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है जिनमें शिक्षा के जरिए व्यवसाय और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो सके। वर्चुअल इंटर्नशिप भी ऐसी ही एक नई प्रक्रिया है, जिसे कई कंपनियों ने तलाशना शुरू कर दिया है । इसी सिलसिले में देश के एक मात्र कौशल विकास संगठन भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू), जयपुर ने अपने छात्रों को नए अवसर प्रदान करने के लिए वर्चुअल इंटर्नशिप को अपनाया है।

भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट प्रो. अचिंत्य चौधरी कहते हैं, ‘‘बीएसडीयू में हमारी कोशिश यही है कि हम कौशल प्रशिक्षण की पेशकश करने में सबसे आगे और सर्वश्रेष्ठ बने रहें। इस दिशा में हम विद्यार्थियों को न सिर्फ औद्योगिक अनुभव मुहैया कराने का प्रयत्न करते हैं, बल्कि उनमें इस तरह के गुण भी विकसित करने का प्रयास करते हैं, ताकि वे अपनी आजीविका जुटा सकें। बीएसडीयू ने हमेशा अपने छात्रों को गहरा और समृद्ध ज्ञान प्रदान किया है और इस तरह वे उद्योग में आने वाले नए इच्छुक उम्मीदवारों के सामने अनूठी विरासत को प्रस्तुत करते हैं। भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी ने वर्तमान पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना की है। यह वो पीढ़ी है, जिसे अपनी दिलचस्पी और अपनी पसंद के कॅरियर अवसर का चुनाव करना बखूबी आता है।‘‘

प्रो. अचिंत्य चौधरी ने आगे कहा, ‘‘जब कभी व्यावहारिक औद्योगिक अनुभव की बात आती है, तो हमारे छात्र उद्योग में सबसे अच्छे साबित होते हैं। अपने भारतीय और स्विस प्रशिक्षकों की मदद से स्विस ड्यूल सिस्टम ऑफ एजुकेशन के पाठ्यक्रम और प्रारूप पर आधारित कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से हमने अपने छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सपोजर प्रदान का प्रयास किया है। इस समय में जब ऑनलाइन प्रशिक्षण लोकप्रियता हासिल कर रहा है, तो हमने महसूस किया कि कुछ कंपनियों ने वर्चुअल इंटर्नशिप भी शुरू की है और इस तरह विद्यार्थियों को अपने घर के सुरक्षित माहौल में काम करते हुए बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलता है। हाल ही बीएसडीयू के स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स के 3 विद्यार्थियों को अमेरिकी स्टार्ट-अप इंटेलेक्टा आईएनसी में वर्चुअल ट्रेनिंग के लिए चुना गया है।‘‘

इस तरह 3 छात्रों को अमेरिकी स्टार्ट-अप इंटेलेक्टा आईएनसी में वर्चुअल ट्रेनिंग का मौका मिला है।

इन छात्रों के नाम इस प्रकार हैंः-

ऽ मानव कौशिक

ऽ तनीषा खंडेलवाल

ऽ कृष्णा पुरोहित

ये छात्र डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर टेक्नोलॉजीज में इंटर्नशिप हासिल करेंगे, जहाँ वे लाइव यूएस प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे और इस दौरान उन्हें स्टाइपेंड भी मिलेगा।
इंटेलेक्टा आईएनसी, यूएसए के फाउंडर श्री रवि गुप्ता कहते हैं, ‘‘इंटेलेक्टा आईएनसी काबिल, गंभीर और अपने लक्ष्य को लेकर केंद्रित रहने वाले विद्यार्थियों को नई रोमांचक तकनीकों और उद्योग केंद्रित कौशल सीखने का अवसर प्रदान करने में विश्वास रखता है।‘‘
‘‘वर्तमान दौर में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के कारण हमने डिजिटल इंटर्नशिप का विकल्प चुना है, ताकि इंटर्न को स्वास्थ्य को खतरे में डाले बिना ओर अनुभव की गुणवत्ता से समझौता किए बिना दूरस्थ रूप से उन्हें बेहतर तरीके से सीखने के ऐसे अवसर दिए जा सकें, जो उन्हें रियल-लाइफ-इन-पर्सन इंटर्नशिप में हासिल होते।‘‘
‘‘हमारा लक्ष्य छात्रों को ऐसा ज्ञान और कौशल प्रदान करना है जिसकी जरूरत इंटेलेक्टा आईएनसी को अपनी वर्तमान अमेरिकी परियोजनाओं के लिए है और उम्मीद है कि यह इंटर्नशिप अनुभव कॅरियर के महत्वपूर्ण अवसरों के साथ उम्मीदवारों की मदद करेगा।‘‘
बीएसडीयू के स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स के प्रिंसिपल डॉ. रवि गोयल ने कहा, ‘‘हमारे छात्रों के प्रति कॉर्पोरेट जगत ने जो विश्वास जताया है, उसके लिए मैं अपनी ओर से उनका आभार प्रकट करना चाहता हूं। उनके भरोसे के कारण ही वर्तमान महामारी के दौर में भी बीएसडीयू का स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स कॉर्पोरेट दुनिया के लिए पसंदीदा कैम्पस बन पाया है।‘‘

भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के बारे मेंः
2016 में स्थापित भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) भारत का पहला अनूठा कौशल विकास विश्वविद्यालय है, जिसे भारतीय युवाओं की प्रतिभाओं के विकास के लिए अवसर, स्थान और गुंजाइश बनाकर कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता पैदा करने की दृष्टि से उन्हें वैश्विक स्तर पर फिट बनाने के लिए कायम किया गया था। डॉ. राजेंद्र के जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी के नेतृत्व और विचार प्रक्रिया के तहत नौकरी प्रशिक्षण और शिक्षा के लिए बीएसडीयू ने ‘स्विस-ड्यूल-सिस्टम’ स्विट्जरलैंड की तर्ज पर इसे स्थापित किया है। बीएसडीयू राजेंद्र उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत एक शिक्षा उपक्रम है और राजेंद्र और उर्सुला जोशी (आरयूजे) समूह ने इस विश्वविद्यालय को 2022 तक 36 कौशल स्कूलों को स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
विचार, कौशल विकास की स्विस प्रणाली को भारत में लाने का था, इस तरह भारत में आधुनिक कौशल विकास के जनक डॉ. राजेंद्र जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी ने 2006 में स्विट्जरलैंड के विलेन में ’राजेंद्र एंड उर्सुला जोशी फाउंडेशन’ का गठन करते हुए इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। बीएसडीयू का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली कौशल शिक्षा को बढ़ावा देना और सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा और स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और विभिन्न कौशल के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए पोस्ट-डॉक्टरेट की डिग्री देते देते हुए ज्ञान की उन्नति और प्रसार करना है।

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