गहलोत का बयान लव जिहादियों के हौसले बुलंद करने वाला-देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
जयपुर, 20 नवम्बर।
मध्यप्रदेश सरकार की ओर से लव जिहाद के खिलाफ कानून लाए जाने की चर्चाओं के बीच अब राजस्थान में भी लव जिहाद के विरूद्ध कानून बनाने की मांग जोर पकडती जा रही है। लव जिहाद पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आई प्रतिक्रिया को गैर-जिम्मेदारना करार देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देनवानी ने कहा कि प्रदेश में लव जिहाद से पीडित लडकियों को कानून बनाकर न्याय दिलाने के बजाए गहलोत अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आ रहे हैं। वे इधर-उधर की बात करना छोड मप्र की तर्ज पर प्रदेश में भी लव जिहाद के खिलाफ धर्म स्वतंत्र्य कानून लाएं, नहीं तो आगामी विधानसभा चुनाव में परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
देवनानी ने कहा कि लव जिहाद पर गहलोत का रूख गैर जिम्मेदारना एवं इस प्रकार के विचारों को प्रश्रय देने वाला है। गहलोत कह रहे हैं कि लव जिहाद बीजेपी द्वारा गढा गया वह शब्द है जो राष्ट्रीय एवं सामुदायिक समरसता को छिन्न भिन्न करता है। वे यह भी कहा कि शादी एक व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है जो कानून उसे व्यक्ति को पूर्णता प्रदान करता है। वोटों के लिए इस कदर तुष्टिकरण एवं भेदभाव की नीति का खुले में दामन थामना कोई मुख्यमंत्री से सीखे। पिछले सत्तर सालों से देश में राष्ट्रीय एवं सामुदायिक समरसता बिगाडने वाली कांग्रेस के नेता आज सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मूलमंत्र पर काम करने वाली भाजपा पर अंगुली उठा रहे हैं। प्रदेश की प्रमुख समस्या लव जिहाद पर ब्रेक लगाने के बजाए प्रदेश के मुखिया द्वारा दाएं बाएं की बात करना निश्चित रूप से लव जिहाद को प्रश्रय देने वालों के हौसले बुलंद करने वाले है।
पूर्व शिक्षा मंत्री देवनानी ने कहा कि एक दशक पहले केरल और उसके बाद कर्नाटक में लव जिहाद के मामले सामने आए। अब राजस्थान यहां तक की अपने गृह क्षेत्र जोधपुर में भी काफी संख्या में लव जिहाद के मामले सामने आए हैं जो गहलोात को शायद दिखाई नहीं पड रहे है? भोली-भाली गैर लडकियों को पहले झूठे प्रेम जाल में फंसाना, ब्लैकमेल कर उन पर शादी करने का दबाव बनाना और धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर किये जाने वाले प्रदेश के मामले भी मुख्यमंत्री को दिखाई नहीं पड रहे? अगर ऐसा ही है तो गहलोत ने वो कौनसा राजनीतिक चश्मा पहन रखा है जो ये गंभीर मामले सामने होते हुए भी दिखाई नहीं पड रहे। मुख्यमंत्री के साथ उनके पास गृहमंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार होने के बाद भी भोली भाली बेटियों को लव जिहाद के कुचक्र में फंसाने का षडयंत्र जारी रहना और उन्हें देखकर भी अनदेखा करना निश्चित रूप से निंदनीय है।
देवनानी ने कहा कि सवा दशक से हिंदू और ईसाइयों धर्म से जुडे सामाजिक संगठनों की ओर से समय समय पर लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग उठती रही है। इस पर विचार करते हुए मध्यप्रदेश सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून ला सकती है तो राजस्थान सरकार के सामने ऐसी कौनसी मजबूरी है जो वह कानून नहीं ला पा रही है। देवनानी ने गहलोत से अनर्गल बातें करना छोड आगामी विधानसभा सत्र में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने की मांग की है।

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