सिन्धी अकादमी द्वारा मासिक अदबी गोष्ठी आयोजित

साहित्यकारों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे

जयपुर, 25 फरवरी (वि.)। राजस्थान सिन्धी अकादमी द्वारा झालाना संस्थानिक क्षेत्र, जयपुर स्थित अकादमी संकुल में बुधवार, 25 फरवरी, 2026 को मासिक अदबी गोष्ठी का आयोजन किया गया।

अकादमी सचिव डॉ.रजनीष हर्ष ने बताया कि गोष्ठी की अध्यक्षता जयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.खेमचंद गोकलानी ने की। गोष्ठी में जयपुर की वरिष्ठ कवियत्री वीना करमचंदानी ने स्वरचित कवितायें ’भगवान माउ न आहे’, ’औरत जी खिल’ तथा अन्य कवितायें प्रस्तुत की। उन्होंने अपनी कविताओं में मां की महिमा एवं स्त्री के हंसने-हंसाने के आन्तरिक भावों तथा दुःख बांटनें संबंधी विषयों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। पूजा चंदवानी ने ’महाशिवरात्रिअ जी पौराणिक अहिमियत’ विषयक आलेख में महाशिवरात्रि पर्व से संबंधित अलग-2 पौराणिक कथाओं व उनके महत्व की विस्तृत विवेचना की। प्रिया ज्ञानानी ने ’विश्व कैंसर दिवस’ विषयक आलेख में कैंसर के कारणों एवं प्रारंभिक रोकथाम के उपायों पर विस्तार से विवेचन किया।

गोष्ठी में कविता सचदेव ने स्वरचित सिन्धी लघुकथा ’आसरो’ प्रस्तुत की। उन्होंने अपनी कहानी में पति की सेवा व ईश्वर में आस्था का सुन्दर निरूपण किया। डा.पूनम केसवानी ने अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में कवितायें प्रस्तुत की। उन्होंने मातृभाषा को जड़ां से जोड़ने तथा विविधता में एकता की भावना को विकसित करने वाला बताया। निवाई की योग्यता इसरानी ने ’बख़र् साहितकार कृष्ण राहीअ जो रचना संसार’ विषयक आलेख में साहित्यकार कृष्ण राही के जीवन चरित्र एवं रचना संसार को विस्तार से प्रस्तुत किया। गोष्ठी के उपरान्त फागोत्सव भी मनाया गया।

गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार रमेश रंगानी, नन्दिनी पंजवानी, डॉ.हरि जे.मंगलानी, पार्वती भागवानी, लता कृपलानी, गोपाल, वंदिता आहूजा, कविता सचदेव, नमीषा खेमनानी, हेमनदास, रिन्ने मीराजा, दयाल इसरानी, महेश किशनानी, कविता इसरानी, अशोक चैनलाल आहूजा तथा सिन्धी भाषी साहित्यकार, पत्रकार, अकादमी के पूर्व सदस्य एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन डॉ.माला कैलाश ने किया।

(डॉ.रजनीश हर्ष)
सचिव

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