राजसमंद । आँखा तीज के पावन अवसर पर भिक्षु बोधि स्थल पर वर्षीतप का पारणा श्रद्धा , भक्ति एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ । श्रीमती मंजू कावड़िया एवं श्री पारस चोरडिया ने वर्षीतप जैसी महान तप-साधना पूर्ण कर विधिवत पारणा किया । यह अवसर धैर्य , संयम, श्रद्धा एवं आत्मशुद्धि का प्रतीक बनकर उपस्थित जनसमूह के लिए प्रेरणादायी रहा।
कार्यक्रम आचार्य श्री महाश्रमण जी के आज्ञानुवर्ती मुनि संजय कुमार जी, मुनि प्रकाश कुमार जी एवं मुनि सिद्धप्रज्ञ जी के पावन सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। मुनि प्रकाश कुमार जी ने सुमधुर गीत के माध्यम से प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए, वहीं मुनि सिद्धप्रज्ञ जी ने आँखा तीज के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे अक्षय कर्म का विशेष दिवस बताया। मुनि संजय कुमार जी ने भी श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
इस अवसर पर तपस्वी बहनों श्रीमती मंजू कावड़िया, श्रीमती पारस देवी चोरडिया एवं संगीता बोहरा ने अपने श्रद्धा-सिक्त विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मुंबई, चेन्नई, दिवेर, रेलमगरा, धोइंदा, आकोला, राजनगर, कांकरोली सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और तपस्या की अनुमोदना करते हुए धर्म आराधना का लाभ प्राप्त किया।
अंत में सभी श्रद्धालुओं ने तपस्वियों के उज्ज्वल भविष्य, आरोग्य एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं ।