आईईएसए ने राजस्थान की रणनीतिक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स नीति को सराहा

दूरदर्शी नेतृत्व और तीव्र औद्योगिक गति की तारीफ की

जयपुर, मई 2026: राजस्थान सरकार की दूरदर्शी सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स नीति की पहल और आज जयपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई उच्च स्तरीय बातचीत की आईईएसए (इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन) ने सराहना की है। 400 से ज्यादा सदस्यों वाली आईईएसए भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे बड़ी औद्योगिक संस्था है।

श्री अश्विनी वैष्णव, माननीय केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार; माननीय मुख्यमंत्री, राजस्थान; माननीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री, राजस्थान; और मुख्य सचिव, राजस्थान – की उपस्थिति व सक्रिय भागीदारी के लिए आईईएसए बहुत-बहुत धन्यवाद करती है। केंद्र का नज़रिया और राज्य की तीव्र कार्यवाही दोनों मिलकर यह दर्शाते हैं कि सरकारें भारत को डिज़ाइन-आधारित हाई-टैक् मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केन्द्र बनाने के लिए कितनी प्रतिबद्ध हैं। आज नेताओं और उद्योग के स्टेकहोल्डरों के बीच सीधी, उच्च स्तरीय बातचीत एक सहयोगी, निवेशकों के अनुकूल ईकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पल है।

आईईएसए के अध्यक्ष श्री अशोक चांडक ने कहा, ’’यह देखना बहुत प्रेरणादायक है कि एक के बाद एक राज्य देश की ऐतिहासिक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स यात्रा में उत्साह से शामिल हो रहे हैं। राजस्थान की नई लॉन्च की गई सेमीकंडक्टर नीति एक अहम मील का पत्थर है जो देश के सामूहिक मिशन में ज़बरदस्त तेज़ी लाएगी। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और मज़बूत ईएसडीएम (इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और मैन्युफ़ैक्चरिंग) रणनीति से प्रेरित होकर, भारत ने पहले ही शानदार उपलब्धियां हासिल कर ली हैं। जो एक विज़न के तौर पर शुरू हुआ था, वह अब तेज़ी से बढ़ती हकीकत बन गया है, जिसमें हर कोई शामिल होने के लिए उत्साहित है।’’

’’राजस्थान एकदम शून्य से शुरू नहीं कर रहा है; राज्य में कई नई इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकाईयां पहले से ही पूरी तरह से कार्यरत हैं, जिसमें भिवाड़ी में भारत की पहली एसएमई (लघु व मध्यम उद्यम) की अगुआई वाली सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और टैस्टिंग फैसिलिटीज़ भी शामिल हैं। खास बात यह है कि जोधपुर-पाली-मारवाड़ ज़ोन को एक समर्पित सेमीकंडक्टर कॉरिडोर के तौर पर बनाना, सैंड से सिलिकॉन और फिर सिस्टम्स की ओर बढ़ने के कोर सेक्टर की सोच को पूरी तरह से दर्शाता है। यह पूरी नीति संरचना यह सुनिश्चित करती है कि उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, डार्क फैक्ट्रियों और एआई-असिस्टेड चिप डिज़ाइन की अगली लहर को राजस्थान में एक फलता-फूलता, सस्टेनेबल ’घर’ मिले,’’ श्री चांडक ने कहा।

आईईएसए राजस्थान सरकार, रीको (RIICO)] इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), और उद्योग जगत एवं सरकार से जुड़े सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई देती है जिन्होंने इस उच्च स्तरीय बातचीत को सफल बनाने में योगदान दिया।

ग्लोबल इंडस्ट्री लीडरों के लिए आमंत्रणः 

आईईएसए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स, सेमीकंडक्टर फैबलेस डिज़ाइन हाउसिस, ओएसएटी/एटीएमपी प्रदाताओं और ईकोसिस्टम स्टार्टअप्स को राजस्थान सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रोग्रेसिव इंसेंटिव्स, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में छूट, स्टैम्प ड्यूटी में रियायतें, स्किलिंग इंसेंटिव्स और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस का ज़ोरदार फ़ायदा उठाने के लिए आमंत्रित व प्रोत्साहित करती है।

इंडस्ट्री की सबसे बड़ी संस्था के तौर पर, आईईएसए अपनी कोशिशों को बढ़ाने, राज्य प्राधिकरणों और रीको के साथ मिलकर काम करने, और राजस्थान व पूरे भारत में ईएसडीएम सेक्टर की वृद्धि को सुपरचार्ज करने तथा रणनीतिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए अपने सदस्य नेटवर्क को जुटाने के अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराती है।

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