वो लड़की

उर्वशी
वो लड़की निर्धारित किये गए तमाम सामाजिक मापदंडों के अनुरूप ढाली गयी थी साथ ही निहायत खूबसूरत थी उससे… प्रेम किया गया उसकी गरिमा को बार बार संशय के प्रहारों से नग्न किया गया और फिर ….. एक दिन सब कुछ शांत हो गया सफेद चादर में लिपटी उसकी देह कुंठित मनोवृत्ति का निवाल Read more

बूंद-बूंद दूध बह गया देखा जो लहू लाल का

देवेन्द्रराज सुथार
– देवेन्द्रराज सुथार छाती से सारा बूंद-बूंद दूध बह गया देखा जो लहू लाल का, मन माँ का ढह गया। अब उम्र भर न सोएंगे उस माँ के दोनों नैन, सब चैन लूट ले गया इस दिल का था जो चैन…। कवियित्री अंकिता चतुर्वेदी की ये उक्त पंक्तियां गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सा Read more

देश में न्याय की उम्मीद जगाते हाल के फैसले

neelam
अभी हाल ही में भारत में कोर्ट द्वारा जिस प्रकार से फैसले दिए जा रहे हैं वो देश में निश्चित ही एक सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहे हैं। 24 साल पुराने मुम्बई बम धमाकों के लिए अबु सलेम को आजीवन कारावास का फैसला हो या 16 महीने के भीतर ही बिहार के हाई प्रोफाइल गया रोडरेज केस में आ Read more

अर्थ एवं विकास के असन्तुलन से उपजी समस्याएं

lalit-garg
पैसे के बढ़ते प्रवाह में दो तरह की स्थितियां देखने को मिल रही है। एक स्थिति में अर्थ के सर्वोच्च शिखरों पर पहुंचे कुछ लोगों ने जनसेवा एवं जन-कल्याण के लिये अपनी तिजोरियां खोल रहे हैं तो दूसरी स्थिति में जरूरत से ज्यादा अर्जित धन का बेहूदा एवं भोंडा प्रदर्शन कर रहे हैं। जहां क Read more

देखे नाक किसकी कटती है

महेन्द्र सिंह भेरूंदा
आज विश्वसमुदाय में चल रहे तनाव में रूस के टूटने के बाद भी उसने अपना दबदबा बनाये रखने में कूटनीति का इस्तेमाल किया है चीन और अमेरिका के खराब सम्बंध का उपयोग करते हुए रूस ने नई उभरती हुई ताकत चीन को साथ लेकर दोनों ने उतर कोरिया के कंधे पर बंदूक रखदी यहां रूस और चीन मिलकर इस स Read more

भारत एक गड्ढा प्रधान देश

देवेन्द्रराज सुथार
देश में विकास सड़क के गड्ढों की तरह फैलता जा रहा है। दरअसल ये छोटे-छोटे गड्ढे भारत मां पर जख्म है। ये जख्म आजादी के सत्तर साल बाद सोने वाली चिड़िया की हाल-ए-दास्तां है। हर पांच साल बाद कोई न कोई महापुरुष जीतता है और इन जख्मों को भरने की बजाय सहलाता है और नमक छिड़क कर चला जाता ह Read more

कविता

देवेन्द्रराज सुथार
– देवेंद्रराज सुथार समय के साथ सब बदल जाता है सूर्य की किरणों का तप पाकर आदमी फूल की तरह खिलता है और शाम होते होते ढल जाता है मेले में घूम हो जाने के डर से पिता पकड़ लेते है लालन की अंगुली और पांव दर्द न करे तुरंत उठा लेते है कंधों पर समय के साथ सब बदल जाता है लालन के क Read more

एक शाल तीन खुशहाल

हेमंत उपाध्याय
सुबह – सुबह भर कड़कती ठंड में एक अम्मा बंगले के बाहर काँप रही थी । घर की काम वाली बाई ने दरवाजा खोलकर देखा तो वो उससे शाल माँगने लगी ।उसने कहा -नहीं है ,आगे जाओ। उनका वार्तालाप सुनकर साहब बाहर आए और उन्होंने काम वाली की शाल मांँग कर उस अम्मा को दे दी। अम्मा दुवा Read more

रेनफेड कृषि को बढ़ावा देना जरूरी

kalyan singh
ऐसे वक्त में जब राजस्थान के जनजातीय जिले बांसवाड़ा में नवजात शिशुओं की मौत ने राज्य में कुपोषित मां और बच्चों की दयनीय स्थिति सामने ला दी है, वृक्ष-आधारित जीवन शैली और रेनफेड (वर्षा पर निर्भर) इलाकों में परंपरागत भोजन को प्रोत्साहन और संरक्षण देना प्रासंगिक हो गया है. चूँकि Read more

वसुंधरा राजे ने फिर ओम माथुर का काम लगा दिया

राजेश टंडन एडवोकेट
ईद जैसे त्योहार को छोड कर वसुंधरा राजे दो दिन तक दिल्ली में डेरा डाले बैठी रही और लोबिंग करती रही कि कहीं राजस्थान से ओमप्रकाश माथुर केन्द्रीय मंत्री ना बन जाये ,ओमप्रकाश माथुर की हर गतिविधि पर वसुंधरा राजे पैनी नजर रखती हैं कि ओम माथुर राजस्थान में कहां कहां गये ,उनसे मिलने Read more

इसलिए मंत्री नहीं बनाया माथुर व यादव को

ओम माथुर
तो नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के विस्तार में राजस्थान से ना ओम प्रकाश माथुर का नाम आया और ना भूपेंद्र सिंह यादव का। लॉटरी खुली तो जोधपुर के सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत के नाम की। सवाल यह है कि यादव और माथुर को मंत्रिमंडल में शामिल क्यों नहीं किया गया ? अगर मीडिया के लोग इनके न Read more