शराबखोरी के विरुद्ध संगठित मातृशक्ति की जीत

विश्व की गम्भीर समस्याओं में प्रमुख है शराब का बढ़ता प्रचलन और उससे होने वाली अकाल मौतंे। सरकार भी विवेक से काम नहीं ले रही है। शराबबन्दी का नारा देती है, नशे की बुराइयों से लोगों को आगाह भी करती है और शराब का उत्पादन भी बढ़ा रही है। राजस्व प्राप्ति के लिए जनता की … Read more

अमर अटल मरा नहीं

था महान वो शख्स जो, खुद से कभी हारा नहीं, क्या बिगाड़ा मौत ने, अमर अटल मरा नहीं, है सदा ही साथ उसकी, वाणी के तीखे स्वर, सत्य के लिए जो लड़ा, कभी वो झुका नहीं, इस लोक के नियम को भी आज उसने पूरा किया, जिसने जीवन में कभी कोई नियम तोडा नहीं, है … Read more

निराशा का अंधेरा: आशा का उजाला

सफल एवं सार्थक जीवन जीने के लिये हमें ऐसी तैयारी करनी होगी जहां हमारा हर कर्म एवं सोच हमें नया आयाम दे, नया वेग दे और नया क्षितिज दे। यूं कहा जा सकता है कि जहां जीवन में बदलाव का ऐसा प्राणवान और जीवंत पल हमारे हाथ में होगा, जिससे हम एक दिव्य, भव्य और … Read more

विदेशों में ही क्यों बढ़ रही है हिन्दी की ताकत

भारत एक है, संविधान एक है। लोकसभा एक है। सेना एक है। मुद्रा एक है। राष्ट्रीय ध्वज एक है। लेकिन इन सबके अतिरिक्त बहुत कुछ और है जो भी एक होना चाहिए। बात चाहे राष्ट्र भाषा हो या राष्ट्र गान या राष्ट्र गीत- इन सबको भी समूचे राष्ट्र में सम्मान एवं स्वीकार्यता मिलनी चाहिए। राष्ट्र … Read more

सावन की पुकार…!!

कांवड़ यात्रा पर विवाद से दुखी है खांटी खड़गपुरिया तारकेश कुमार ओझा बुलाते हैं धतुरे के वो फूल धागों की डोर बाबा धाम को जाने वाले रास्ते गंगा तट पर कांवरियों का कोलाहल बोल – बम का उद्गघोष मदद को बढ़ने वाले स्वयंसेवियों के हाथ कांवर की घंटी व घुंघरू शिविरों में मिलने वाली शिकंजी … Read more

क्या आप अपने जिद्धी और अडियल बच्चे से परेशान है ?

जानिये जिद्दी-अडियल बच्चे को समझदार बनाने के कारगार तरीके—–– जिद्दी और अडियल बच्चे किसी न किसी परिवार में होते ही हैं | उन्हें संभालना या उनका लालन पोषण उनके माता पिता के लिये गम्भीर चुनौती बन जाती है | ऐसे बच्चों से उनके देनिक कार्य यथा नहलाना, खाना खिलाना, सुलाना, पढ़ाना आदि भी अत्यधिक मुश्किल … Read more

निजता के किले का ध्वस्त होना

व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदत्त सबसे अनमोल और महत्वपूर्ण अधिकार है। निजता वह अधिकार है जो किसी व्यक्ति की स्वायतता और गरिमा की रक्षा के लिये जरूरी है। वास्तव में यह कई अन्य महत्त्वपूर्ण अधिकारों की आधारशिला है। लेकिन इनदिनों व्यक्तिगत स्वतंत्रता के हनन की घटनाओं से आम आदमी डरा हुआ है। बात … Read more

श्रध्दा सुमन चढ़ाएं हम

भारत माँ के ध्वज को हमने , लहू देकर फहराया है । राष्ट्रगान जन गण मन सबके , होठों पर तब आया है । जीते जी दीवार चुन गए , हँसते- हँसते फाँसी पर । अंगारों पर चलकर हमने , वंदे मातरम गाया है । सारा जीवन होम कर दिया , आज़ादी की वेदी पर … Read more

नाग पंचमी के झूले

बात शायद उस समय की होगी जब ब्लेक एंड व्हाइट टीवी की जगह सब बी.पी. एल. के कलर टीवी ले रहे थे और साथ में रिमोट जैसा नया यंत्र भी उपलब्ध हो रहा था। ” बाल्यावस्था की स्वर्णिम स्मृतियों से”। खण्डवा शहर में त्योहारों के मौसम श्रावण में कई प्रकार के मेले लगते थे जैसे … Read more

आरक्षण के ”जिन्न“ को बोतल से बाहर न निकालें

महाराष्ट्र में आरक्षण की मांग को लेकर मराठा आंदोलन की आग जैसे-जैसे तेज होती जा रही है, एक गंभीर संकट की स्थिति बनती जा रही है। मराठा आरक्षण आंदोलन की मांग को लेकर खुदकुशी एवं आत्मदाह करने की संख्या तो बढ़ ही रही है, मराठा समुदाय के लोग मुंबई में जेल भरो आंदोलन कर रहे … Read more

सह लिए तो सही , नहीं तो नालायक …!!

जी हां … यह हर उस संवेदनशील व्यक्ति की विडंबना है जो गलत होते देख नहीं पाता। लेकिन मुश्किल यह कि विरोध करना भी हर किसी के बूते की बात नहीं। क्योंकि समाज का सीधा नियम है कि सह लिया तो सही नहीं तो नालायक…। बाल विवाह और मृत्युभोज समेत तमाम ऐसी सामाजिक बुराइयां थी, … Read more