त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज

भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह … Read more

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष : जनचेतना से लोकतंत्र तक

–बाबूलाल नागा 30 मई 1826 को जब पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने कोलकाता से हिंदी के पहले समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन शुरू किया, तब शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यह छोटा-सा प्रयास आने वाले समय में करोड़ों लोगों की आवाज बन जाएगा। वर्ष 2026 हिंदी पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक पड़ाव है, क्योंकि यह केवल 200 वर्षों का उत्सव नहीं, बल्कि लोकतंत्र, जनसंघर्ष … Read more

बकरा ईद इसका महत्व क्या है

बकरा ईद (ईद-उल-अजहा) इस्लाम धर्म को मानने वालो का प्रमुख पर्व है जो त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है । यह पर्व पैगंबर इब्राहिम द्वारा अपने पुत्र हज़रत इस्माइल की अल्लाह की राह में दी जाने वाली सर्वोच्च कुर्बानी की याद में मनाया जाता है ।बकरा ईद से जुड़ी बातें … Read more

चोर चुप ही रहता तो कम पिटता..

चोर चुप ही रहता तो कम पिटता..यह लतीफा इस समय उन लोगों के लिए बड़ा मौजू बैठता है तो इन दिनों की महंगाई और आर्थिक बदहाली का अजब-गजब तर्कों से बचाव कर रहे हैं और अपना बिना बात मखौल उड़वा रहे हैं। बहुत संभव है उन्हें मंहगाई से होने वाली दुर्गति का अहसास ना हो। … Read more

क्या आम आदमी विकास से बाहर छूट रहा है?

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद नए भारत के निर्माण के जिन आधार स्तंभों की कल्पना की गई थी, उनमें शिक्षा और चिकित्सा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी। यह माना गया था कि यदि देश के नागरिक शिक्षित, स्वस्थ और जागरूक होंगे तो लोकतंत्र मजबूत होगा, सामाजिक असमानताएं कम होंगी और राष्ट्र विकास के पथ पर … Read more

क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक शैली को लेकर बहस तेज

भाजयुमो की नई प्रदेश कार्यकारिणी पर उठे सवाल जयपुर। राजस्थान भाजपा युवा मोर्चा की नई 63 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होते ही संगठन और राजनीतिक हलकों में क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और कार्यकर्ता उपेक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा द्वारा घोषित इस टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, मीडिया, आईटी … Read more

नेहरू एक गर्वोक्ति

   आज भारत के पहले प्रधानमंत्री प जवाहरलाल नेहरू की पुण्य तिथि है।        उन्हें याद करते हुए मैं राजनीति से इतर एक दृष्टा  या पथ प्रदर्शक के रूप में देखता हूँ। अपनी कल्पना की उड़ान को जब देश की आजादी के मुहाने पर खड़ा करता हूँ तो भीतर तक सिहरन उठ जाती … Read more

क्या एआई मानवता के महाविनाश का कारण बनेगी?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं रह गई है, बल्कि वह मानव सभ्यता के भविष्य का निर्णायक मोड़ बनती जा रही है। जिस गति से यह तकनीक विकसित हुई है, उसने दुनिया को आश्चर्यचकित भी किया है और चिंतित भी। अभी तक विज्ञान और तकनीक मनुष्य के हाथों में उपकरण थे, … Read more

प्यार-प्यार में फर्क क्यों ?

–श्रीमती संतोष शर्मा स्वतंत्र पत्रकार साकेत नगर         ढाई अक्षर के प्रेम शब्द में वह शक्ति है जिससे दो आत्माओं का पवित्र मिलन होता है। जो प्यार करने वाले दो दिलों को हमेशा हमेशा के लिए एक दूसरे से बांध देता है। यह प्रेम दो आत्माओं में अपनापन होने पर स्वतः ही पैदा होता है। प्रेम … Read more

विपक्ष से सत्ता पक्ष में आने के लिये संगठित होकर शंखनाद तो करना ही होगा

अजमेर कांग्रेस :-पूरे राजस्थान प्रदेश की कांग्रेस और उसमें अजमेर की कांग्रेस हमेशा से ही एक अहम भूमिका मैं अपना वर्चस्व अपनी अलग पहचान प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी बनाए हुए हैं, कार्यशील है, प्रगतिशील है भले ही 20-25 वर्षों से तो लगातार अजमेर के दोनों विधानसभा क्षेत्र हारते आ रहै है। लोकसभा … Read more

यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म

किसी भी सभ्यता की वास्तविक पहचान उसकी ऊँची इमारतों, चमकती सड़कों, आर्थिक प्रगति या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों, माता-पिता और निर्बल वर्ग के प्रति कितना संवेदनशील है। लेकिन आज का सबसे पीड़ादायक प्रश्न यही है कि जिस भारत ने “मातृ देवो भवः, पितृ देवो … Read more

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