एक युग का अवसान, एक विरासत का अमरत्व
राजस्थानी संस्कृति के अमर साधक के. सी. मालू कुछ व्यक्तित्व केवल अपने जीवनकाल तक सीमित नहीं रहते, वे अपने समय की सांस्कृतिक चेतना बन जाते हैं। उनके जाने के बाद भी उनकी साधना समाज की स्मृतियों, संस्कारों और परंपराओं में जीवित रहती है। राजस्थानी लोकसंगीत, भाषा, साहित्य और संस्कृति के ऐसे ही युगपुरुष थे केसरी … Read more