स्वदेशी महोत्सवः दूसरे दिन परवान पर रही रौनक

आमजन ने की खरीदारी, शुक्रवार को महिलाएं करेंगी स्वदेशी की बात, ‘महापुरूष’ बनेंगे बच्चे
DSC_8579बीकानेर, 12 अक्टूबर। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा राजकीय फोर्ट स्कूल मैदान में चल रहे पांच दिवसीय ‘स्वदेशी महोत्सव’ के दूसरे दिन मेले की रौनक परवान पर रही। शहरवासियों ने मेले में स्वदेशी उत्पादों की जमकर खरीदारी की, तो दूसरी ओर कबड्डी के लीग मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जोर-आजमाइश की। देर शाम आयोजित कवि सम्मेलन में शहर के कवियों ने कविताओ के माध्यम से स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने की अपील की।
पांच दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रमों की शुरूआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। महोत्सव के दौरान लगाई गई स्वदेशी स्टाॅल्स पर आमजन तवा, हांडी, कटोरी, गिलास, थाली, भगोना, दीपक, परात और प्लेट आदि की खरीदारी की। उन्नति फाउण्डेशन के कृष्ण कांत व्यास ने मिट्टी के बर्तनों की वैज्ञानिकता के बारे में जानकारी दी। वहीं कशीदाकारी किए हुए कपड़े, लकड़ी के खिलौने, नस्य घी, स्वदेशी गोनाइल, देशी मसाले आदि भी आमजन के आकर्षण के केन्द्र रहे।
शुक्रवार को महिलाएं करेंगी स्वदेशी प्रोत्साहन पर मंथन
महोत्सव महिला प्रभारी सुनीता गुर्जर ने बताया कि महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार को सायं 5ः30 बजे महिलाएं स्वदेशी प्रोत्साहन के विषय पर मंथन करेंगी। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अलवर की नारी उत्थान समिति की प्रभारी उमा रतनू होंगी। अध्यक्षता भारत स्काउट एवं गाइड की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. विमला मेघवाल करेंगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय डूंगर महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. बेला भनोता मौजूद रहेंगी।
‘महापुरूष बनो प्रतियोगिता’ में बच्चे दिखाएंगे प्रतिभा
शुक्रवार को ही मेला स्थल पर स्कूली बच्चों की महापुरूष बनो प्रतियोगिता आयोजित होगी। गुर्जर ने बताया कि इस प्रतियोगिता के लिए लगभग 80 बच्चों की प्रविष्ठियां प्राप्त हुई हैं। प्रतियोगिता का आयोजन संगोष्ठी के तुरंत बाद होगा। प्रतियोगिता के विजेताओं को 15 अक्टूबर को समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
कुश्ती में दिखाया दमखम
महोत्सव के दौरान गुरूवार को आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में तीन टीमों ने मुकाबले जीते। खेल प्रभारी केसरीचंद पुरोहित ने बताया कि दूसरे दिन के खेलों में वीर तेजा क्लब ने भैंरूनाथ क्लब को, महादेव क्लब ने मातेश्वरी क्लब को, पंतजलि युवा भारत ने जम्भेश्वर क्लब को मात दी। निर्णायक की भूमिका महेन्द्र व्यास ने निभाई। शुक्रवार को भी विभिन्न मुकाबले होंगे।
कविताओं के माध्यम से दिया स्वदेशी का संदेश
महोत्सव के दौरान गुरूवार को आयेाजित कवि सम्मेलन में विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवि सम्मेलन प्रभारी विजय धमीजा ने बताया कि वरिष्ठ व्यंग्य कवि गौरी शंकर ‘मघुकर’ ने ‘विदेशी कंपनियों में खलबली, विदेशी सामान की होली जली’ गीत के माध्यम से दाद बटोरी। संजय आचार्य ‘वरूण’ ने ‘मंदिर में घंटी बजी, उधर गूंजी अजान’ के माध्यम से साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल प्रस्तुत की। जुगल पुरोहित ने ‘स्वदेशी मंगलम, स्वदेशी चीज मंगलम, हेडगेवार जी की सीख मंगलम्’ प्रस्तुत की। बाबूलाल छंगाणी ने ‘छाछ राबड़ी ने चाय सलटाय गी, लुगाया भिड़वाय दिया भायां नैं, सूना कर दिया टीवी सबनै, भुल्या लोग हथायां नैं’ के माध्यम से जमकर तालियां बटोरीं। कवि लीलाधर सोनी ‘पगड़ी म्हारी संसद भवन में गजब बणाई पहचान’ की प्रभावमयी प्रस्तुति दी। समारोह में मंच के विभाग संयोजक अनिल शुक्ला बतौर अतिथि मौजूद थे।
पंचगव्य विद्यार्थियों का होगा दीक्षांत समारोह
महोत्सव के चैथे दिन पंचगव्य विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह होगा। पंचगव्य गुरूकुल द्वारा आयोजित इस समारोह के तहत शनिवार को दिन भर कार्यक्रम होंगे। इनमें प्रातः 5ः30 बजे से 7 बजे तक गौ योग प्राणायाम, प्रातः 8ः30 बजे से पंचगव्य नए शोध एवं प्रयोग विषय पर सत्र होगा। प्रातः 10ः30 बजे से 12 बजे तक गौ आधारित परम्परागत व्यवस्था एवं चिकित्सा, दोपहर 1 बजे वर्तमान समय में चिकित्सा में पंचगव्य की भूमिका, दोपहर 3ः30 बजे से गौशाला प्रबंधन एवं स्वावलम्बन आज की जरूरत, सायं 5ः30 बजे से पंचगव्य से स्वास्थ्य और सशक्त भारत का निर्माण, सायं 7 से 8 बजे तक पंचगव्य चिकित्सा के विद्यार्थियों का दीक्षांत एवं अनुभव के संबंध में विचार विमर्श होगा।
काठमांडु के आरियाल कर रहे हैं पंचगव्य पर रिसर्च
महोत्सव के काठमांडु के सूरज आरियल विशेष रूप से आए हैं। पेशे से फार्मासिस्ट आरियाल ने बताया कि उनकी माता का शूगर लेवल हाई रहता था। उन्होंने लगातार एलोपैथी के माध्यम से उनका इलाज करवाया। दवाइयां लेने के दौरान तो शूगर लेवल ठीक रहता लेकिन बाद में यह पुनः बढ़ जाता। इससे वे परेशान रहने लगे। बाद में उन्होंने स्वदेशी के प्रखर प्रवक्ता राजीव भाई दीक्षित का आॅडियो सुना। इसमें पंचगव्य के माध्यम से शूगर के इलाज की जानकारी दी गई थी। इससे प्रभावित होकर आरियाल ने इस पद्धति को अपनाया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों से उनकी माताजी का शूगर लेवल बिना दवाइयों के नाॅर्मल है। वे काठमांडु में पंचगव्य आधारित क्लिनिक शीघ्र ही खोलने वाले हैं।

Print Friendly

Choose your typing language Ajmer Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>