नई दिल्ली / दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अरविंद केजरीवाल ने रामलीला मैदान में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अब अगर कोई काम करने के बदले ऑफिसर रिश्वत मांगे तो मना करने के बजाय उससे सेटिंग कर लेना और इसकी जानकारी एक फोन नंबर, जो दो दिन में सार्वजनिक किया जाएगा, पर दे दें। उन्होंने कहा कि घूस लेने वाले अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा जाएगा। उन्होंने रामलीला मैदान में मौजूद लोगों को रिश्वत न देने और न लेने की कसम खिलाई। इसके बाद उन्होंने गाना गाया, ‘इंसान का इंसान से हो भाईचारा…’ और लोगों को कहा कि वह भी उनके साथ गाएं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘देश के लोग निराश हो चुके थे, लेकिन इस बार दिल्ली के विधानसभा चुनाव में हमने दिखा दिया कि ईमानदारी से भी राजनीति की जा सकती है।’ उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि इसी रामलीला मैदान से आंदोलन की शुरुआत हुई थी और आम लोगों ने मिलकर सियासत की तस्वीर बदलने की ठानी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सदन में बहुमत साबित नहीं हो पाता है, तो कोई बात नहीं। बहुमत पास हो या फेल हो, हम सत्ता के लिए नहीं आए हैं। अगले चुनाव में जनता आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत से जिताएगी। उन्होंने आने वाली चुनौतियों को जिक्र करते हुए कहा कि भ्रष्ट ताकतें तरह-तरह की बाधाएं खड़ी करेंगी, उससे पार पाना होगा। आम लोग देश और समाज को मिलकर बदलेंगे।
अपने पार्टी के नेताओं और मंत्रियों को चेताते हुए केजरीवाल ने कहा कि कभी भी हमारे मन में घमंड नहीं होना चाहिए। कहीं ऐसा न हो जाए कि किसी और पार्टी को हमारा घमंड तोड़ने के लिए आगे आना पड़ा।
आम आदमी पार्टी संयोजक और दिल्ली के नए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को शपथ लेने के बाद कहा- आज ऐतिहासिक दिन है, यह जीत कुदरती करिश्मा लगती है। अभी बहुत लंबी लड़ाई लड़नी है और हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है। दिल्ली के 1.5 करोड़ लोग मिलकर सरकार चलाएंगे। अन्ना की चर्चा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अन्ना राजनीति को कीचड़ कहते थे, मैंने अन्ना को समझाया कि इस कीचड़ को साफ करने के लिए इसमें घुसना ही होगा। मौजूदा राजनीतिक हालात पर बोले हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा खराब है, क्योंकि राजनीति खराब है, सड़क खराब है, हम गंदी राजनीति को साफ करने निकले हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की बढ़ी हुई आशाओं से डर लगता है। केजरीवाल ने कहा कि मुझे लोग अफसरशाही से सतर्क रहने को कहते थे, लेकिन मैं कई अफसरों से मिला हूं, सारे अफसर भ्रष्ट नहीं हैं और कुछ भ्रष्ट लोगों को छोड़ दें तो सभी देश सेवा करना चाहते हैं। अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए केजरीवाल ने कहा- अपने विधायकों और मंत्रियों से कहना चाहता हूं कि कभी हमारे मन में घमंड नहीं आना चाहिए। कभी घमंड न करना दोस्तों, कभी ऐसा ना हो कि हमें घमंड हो जाए और हमारा घमंड तोड़ने के लिए किसी दूसरी पार्टी को आना पड़े। कार्यकर्ताओं से भी अपील है कि वे पहले की तरह ही जनता की सेवा में लगे रहें और सबसे विनम्रता से मिलें। सेवा भाव सबसे ऊपर रखना है, हम मंत्री बनने नहीं आए थे, सेवा करने आए थे। केजरीवाल ने आगे कहा, सच्चाई का रास्ता कांटों भरा है और हमें कई चुनौतियों का सामना करने को तैयार रहना है। हमने भ्रष्टाचारी और सांप्रदायिक ताकतों को ललकारा है। ये ताकतें चुप नहीं रहने वाली हैं, मुझे कई खबरें मिल रही हैं जिनका यहां जिक्र करना ठीक नहीं है। केजरीवाल ने कहा- अन्य सभी पार्टी के नेताओं से अपील करता हूं कि क्या आप लोगों को वाकई लगता है कि जो हम कर रहे हैं वह सच्चे मन से कर रहे हैं और देश के लिए कर रहे हैं, तो आप अपनी पार्टी को भूल जाना और दिल से लोगों की सेवा में, देश की सेवा में जुट जाना।
जानिए, किसे मिला, कौन सा विभाग
- अरविंद केजरीवाल : गृह, बिजली, विजिलेंस, वित्त, योजना क्रियान्वयन
- मनीष सिसोदिया : पीडब्ल्यूडी, शिक्षा, शहरी विकास
- राखी बिड़ला : महिला और बाल विकास
- सौरभ भारद्वाज : परिवहन
- सत्येंद्र जैन : स्वास्थ्य, इंडस्ट्री
- गिरीश सोनी : श्रम रोजगार, एससी एसटी,
- सोमनाथ भारती : खाद्य आपूर्ति, टूरिज्म, आर्ट एंड कल्चर