प्रधानमंत्री के आह्वान् के अन्तर्गत स्वच्छता अभियान का शुभारंभ

DSC_0007राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केन्द्र, तबीजी, अजमेर के वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मचारियों एवं प्रषासनिक कर्मचारियों द्वारा देष के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत एक जन आदोलंन के आहवान् के तहत आज दिनांक 25 सितम्बर, 2014 को दोपहर बाद राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केन्द्र, तबीजी से शुरू होकर कृषि विज्ञान केन्द्र, तबीजी, अजमेर से ब्यावर को जाने वाली मुख्य सड़क के दोनों तरफ बड़े पैमाने पर उग रहें खरपतवारों जिसमें प्रमुख तौर पर गाजर घास जैसें खरपतवार को लक्ष्य मानकर स्वच्छ भारत अभियान का शुभांरम्भ किया। समस्त कर्मचारियों ने कठिन परिश्रम का परिचय देते हुये लगभग दो घण्टे के समय का श्रम दान किया तथा इस अभियान के तहत सड़क के दोनो तरफ भारी संख्या में खड़े गाजर घास जैसे घातक खरपतवारों को उखाड़कर खत्ते में डाला। इस अभियान से शुरू करने से पूर्व केन्द्र के निदेषक, डॉ. बलराज सिंह ने इस अभियान के महत्व एवं इसके अर्न्तगत आने वाले कार्यकलापों के विषय में समस्त कर्मचारियों को पूरी जानकारी दी। अभियान के शुभारंम्भ से पूर्व निदेषक महोदय ने गाजर घास, कटहली एवं अन्य घातक नुकसान करने वाले खरपतवारों के विषय में समस्त कर्मचारियों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज  गाजर घास जैसें खरपतवार पूरी देष में विभिन्न प्रकार की जलवायु होते हुये बड़े पैमाने पर पैर पसार रहें हैं। उन्होनें बताया कि गाजर घास जोकि 1960 व 1970 के दषक के बीच में बाहर से आया हुआ एक बहुत घातक खरपतवार है, जिसनें देष के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ें पैमाने पर उगना प्रारंभ किया है। इस खरपतवार के कारण चर्म रोग तथा इसमें आने वाले फूलों में उपलब्ध परागकणों के कारण बच्चों में अस्थमा जैसी गंभीर समस्यायें पैदा हो रही हैं तथा देष की आम जनता को इस खरपतवार की सम्पूर्ण जानकारी का अभाव है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इस खरपतवार ने बड़े पैमाने पर पैर पसार लिये हैं। अतः यह अत्यन्त आवष्यक है कि हमारे शहरों में रहने वाले आम नागरिक तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसान गाजर घास जैसे खरपतवारों से होने वाले नुकसान को समझें तथा ऐसे खरपतवारों को माननीय प्रधानमंत्री की स्वच्छ भारत एक जन आदांेलन  के आहवान् के अन्तर्गत उन्मूलन का संकल्प करें। इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि आम जीवन में स्वच्छता रखने के क्या-क्या लाभ होते हैं तथा जिन स्थानों पर गंदगी होती हैं उसके कारण कितनी समस्यायें पैदा होती है। केन्द्र के समस्त कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि आने वाले तीन महीनों के अर्न्तगत वो सभी संस्थान के ईद-गिर्द स्थित विभिन्न गांवों में इस तरीके का स्वच्छता अभियान चलायेंगे। ज्ञात रहें कि पिछले वर्ष 1 जनवरी से राष्ट्रीय बीजीय मसाला अनुसंधान केन्द्र, तबीजी का पूरा परिसर पूर्णतः गाजर घास, कटहली एवं अन्य घातक खरपतवार मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया हैं। तथा सरकारी संस्थानों में यह केन्द्र अधिकतम स्वच्छता रखने का एक उदाहरण है।
Dr. Balraj Singh

 

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