अजमेर शहर में पहली बार अनूठा गरबा महोत्सव

IMG_20141001_205852कोई व्हील चेयर पर तो कोई बैसाखी पर खड़े होकर डांडिया का आनन्द ले रहा था, तो कोई अभिभावकों व अध्यापकों के सहयोग से गरबा राउण्ड को पूरा करने का प्रयास कर रहा था। बच्चे गरबा के आनन्द में मग्न थे तो दर्षक इनके प्रयास को देख कर अचम्भित हो रहे थे। यह अद्भुत नजारा था पंचषील नगर अजमेर में राजस्थान महिला कल्याण मण्डल संस्था, चाचियावास द्वारा आयोजित विषेष गरबा महोत्सव का। कार्यक्रम में मानसिक मन्दता व शारीरिक चुनौति वाले बच्चों ने गरबा गानों पर जम कर डांडिया खेला। अभिभावक व अतिथियों ने भी साथ में झूम कर बच्चों के उत्साह को दुगुना किया।
संस्था के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी राकेष कुमार कौषिक ने बताया कि अजमेर षहर में पहली बार विषेष आवष्यकता वाले बच्चों के लिए गरबा महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें संस्था द्वारा संचालित मीनू मनो विकास मन्दिर इन्क्लूसिव स्कूल के मानसिक व शारीरिक रूप से चुनौती वाले लगभग 200 बच्चों व अभिभावकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में श्री वासुदेव देवनानी विधायक अजमेर ने मुख्य अतिथि के रूप में षिरकत करते हुए कहा कि अजमेर शहर में यह आयोजन बहुत ही अद्भुत कार्यक्रम है। शारीरिक व मानसिक रूप से चुनौती वाले बच्चों को उनकी अक्षमता व समाज में व्याप्त भ्रान्तियों के कारण इस तरह के आयोजनों में शामिल होने से वंचित रहना पड़ता है लेकिन संस्था के प्रयास से इस आयोजन में इन बच्चों को भी गरबा व डाडिंया खेलने का अवसर देकर बच्चों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने का प्रयास किया गया है जिससे समुदाय में सकारात्मक सन्देष जाएगा एवं विकलांगता के प्रति लोगों का नजरिया निष्चित रूप से सकारात्मक होगा।
पूर्व नगर परिषद उप सभापति एवं समाज सेवी श्री सोमरत्न आर्य ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानसिक मन्दता वाले बच्चों की अपनी अलग दुनिया होती है उसी में ये मग्न रहते है और बाकी लोग इनके क्रिया कलापों को नजर अन्दाज कर दिया करते है। श्री आर्य ने कहा कि इन बच्चों को प्यार दुलार व सहयोग दिया जाए तो ये भी सामान्य बच्चों के साथ कदम मिलाने की क्षमता रखते है।
पार्षद श्री महेन्द्र सिंह जादम ने अपने सम्बोधन में कहा की शहर में सैकड़ो जगह गरबा कार्यक्रम हो रहें है पर मीनू मनोविकास स्कूल के बच्चों व संस्था द्वारा यह विषेष कार्यक्रम बच्चों व अभिभावकों को खुषी तो देता ही है साथ ही समुदाय को इन बच्चों के प्रति संवेदनषील होकर सहयोग करने की प्रेरणा भी दे रहा है।
प्रमुख समाज सेवी श्री जोगेन्द्र सिंह दुआ ने बताया की उन्होने प्रत्यक्ष रूप से संस्था के साथ जुड़ कर बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए संस्था के कार्यकर्त्ताओं के द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं बच्चों में होने वाले सकारात्मक बदलाव को अनुभव किया है। श्री दुआ ने बताया कि संस्था के कार्यकारी सचिव श्री सागर मल कौषिक ने 2 बच्चों के साथ इस कार्यक्रम की शुरूआत की थी लेकिन उनके प्रयास से संस्था वर्तमान में अजमेर व अन्य जिलों के हजारों बच्चों को षिक्षण, प्रषिक्षण व पुनवर्सन हेतु अपना योगदान दे रही है।
संस्था के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी राकेष कुमार कौषिक ने बताया कि पंचषील अजमेर में 0 से 6 वर्ष की उम्र तक के विषेष आवष्यकता वाले बच्चों की पहचान व उनकी व्यवहार समस्यओं एवं शारीरिक चुनौतियों को गम्भीर होने से पहले ही उनके निदान हेतु शीघ्र हस्तक्षेपण केन्द्र बनाया जाना प्रस्तावित है जिसके लिए यू.आई.टी. अजमेर के द्वारा भूमि उपलब्ध करवाई गई है। भवन निर्माण के लिए दानदाताओं व भामाषाहों से सहयोग अपेक्षित है। वर्तमान में यह केन्द्र किराये के भवन में संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अन्त में संस्था की मुख्य कार्यकारी श्रीमति क्षमा आर. कौषिक ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में संस्था के भगवान सहाय शर्मा, नानूलाल प्रजापति, मधु मिश्रा, खुषबु सोनी, तरूण शर्मा, पद्मा चौहान, लक्ष्मण सिंह आदि ने सहयोग दिया।

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