
गहरी स्वास ले ओर छोड़े ओर कल्पना करे की आप पूरी तरह से relaxed हैं.
याद रखे की ख़ुशी आप के भीतर ही है, आप को सिर्फ अपने दिमाग, मन को रिलैक्स और शांत रखना होगा,आप सदेव relaxed रहे तो आप खुद हमेशा ख़ुशी का अनुभव करंगे.
दिन का प्रारम्भ सकारात्मक सोच के साथ करे, यानी यह सोंचे की ख़ुशी मेरा अधिकार है, मै दिन भर खुश रहुँगा एवं मेरा भाग्य भी मेरे साथ रहेगा.
जब कभी कोई अनहोनी घटना घट भी जाये तब भी अपने को सकारात्मक सोच पर केन्द्रित करे एवं अपने आप को समझाए की मेरे साथ इससे भी बुरा हो सकता था.
जीवन मे ख़ुशी नियम/अनुशासन, अनुकुलता, सामंजस्य के मध्य संतुलन रखने से ही प्राप्त हो सकती है.
यह बात सभी पर लागु होती है, चाहे वो अमीर हो गरीब, पुरुष हो या स्त्री की ख़ुशी तब ही मिलती है जब हम जो काम करते है हम उस काम से प्यार करे या वो काम करे जो हमें प्यारा है.
यह सही है की जब आप को अपनी इच्छा अनुसार वस्तु/ सफलता मिल जाती है तो उस समय आपकी ख़ुशी अपने चरम/शिखर पर होती है.
शांत एवं निर्लिप्त दिमाग/मन जीवन मे खुशीयों के सारे दरवाजे खोल देता है
ख़ुशी प्राप्त करने के लिए हमेशा आशावादी रहे ,निराशा को कभी भी अपनी सोच के नजदीक नहीं आने दे, घनघोर अंधकार मे भी प्रकाश की किरणें की खोज करे.
जब कभी कोई मुशकेल आ जाये तो उस पर से ध्यान हटाने के लिए अपने मित्रो से मिले,सिनेमा देखे,संगीत सुने, ध्यान (mededtiate ) करे, बच्चो एवं परिवार के साथ समय बिताये.
याद रखे की अगर अग्रज अपनो से छोटे को स्नेह और प्यार देंगे तो छोटे भी आप को जरुर सम्मान देंगे और आप का आदर भी करंगे.
बच्चो को उनके हिसाब से जीने का मोका दे, आप उन्हें सलाह तभी दे जब वे आप से सलाह मांगे.
आपसी संबंध को सफल बनाने के लिए आप को उन्हें लगातार स्नेह/ प्यार देना होगा, सम्मान भी देना होगा
अपने शरीर की सुने, स्वस्थ रहने के लिए लंच करने से पहले अपने कार्य स्थल और मेज –chair को भी साफ करे, शरीर को स्वस्थ रखे, स्वास्थ्यवेर्धक भोजन करे,बीमारी की अनदेखी नहीं करे
जो बीत गया सो बीत गया,भूत काल मे नहीं जिए, आने वाले कल की चिंता नहीं करे, सिर्फ अपने वर्तमान मे जिये और उसका आनंद ले.
दिन का कुछ समय अवश्य ध्यान, (meditation ) मे बिताये
जब आप क्रोधित हो तो अपने आप से कहे की ऐसा करने से मै अपने आप से ही लड़ाई कर रहा हू है और खुद अपना नुकशान कर रहे हू.
अपने जीवन मे डर/ भय के स्थान पर प्यार/ स्नेह को महत्व दे
अपने पड़ोसी से नियमित बात चित करे,उनका सुख- दुःख मे साथ दे इससे आप की खुशी ओर बड जायेगी
खुशी प्राप्त करने का एक सूत्र यह भी है की बिना किसी चाहत के दुसरे के अच्छे काम की जरुर बडाइ/प्रशसा करे. अपने आप से वादा करे की आप हमेशा खुश रहेगे एवं दूसरो को भी खुश रखने के लिए कार्य करंगे
विश्वास करे की आप के बोल/ वाँनी सिर्फ आप के मन की बुधीमत्ता को ही दर्शाती है, अत अपने वचनों को मधुर बनाये, कटू भाषा नहीं बोले. मधुर वचन अमृत के समान होते है किन्तु कटु वचन जहर से भी ज्यादा खतरनाक़ होते है.
याद रखे की लालच आप के लाभ/फायदे एवं आप की सम्पती को बढा भी दे, किन्तु यह भी यह तय है की अधिक सम्पति आपके लालच ओर आकांशा को जरुर बढा देती है,यह जरुरी नहीं है की अधिक सम्पती आप को हर हाल मे खुश ही रखेगी .
अगर आप अपनी असफलता /दुःख को सहजता से स्वीकार नहीं करंगे तो आप को जरुर निराशा मिलेगी और आप दुखी भी रहंगे.
अगर आप अन्यो/ दुसरो को भी यह विश्वास दिलाते है की वे भी ख़ुशी पाने के हकदार है और उनमे सफलता/ खुशी प्राप्त करने की काबलियत भी है तो निशच्च्य माने की आप को भी खुशी मिलेगी.
याद रखे उदासी कभी भी स्थाई नहीं होती है और यह जल्दी ही चली जाती है.
परेशानीयों का मुकाबला करने के दो ही रास्ते है या तो आप परेशानीयों को बदल दे या आप अपने आप को बदल कर परेशानीयों का मुकाबला करे.
आशा ( hope ) का जीवन काल अंनंत होता है जब की निराशा/ असफलता का जीवन काल सिमीत होता है.
जीवन मे कभी भी किसी के साथ भेद भाव करने की सोच नहीं रखे, कभी भी किसी की उपेक्षा नहीं करे.
आत्मा/ अंतरमन की , आप की सारी भौतिक एवं मानसिक बीमारियों को ख़त्म करने की ताकत रखती है.
गरीब आदमी भूख मिटाने के लिए रोटी की तलाश मे रहता है, वहीं अमीर आदमी अपने भोजन को को पचाने के उपाय खोजता है और अस्वस्थ भी रहता है.
याद रखे,किताबे पढना एवं अध्यन करना हम सभी के लिए सबसे अच्छा ओर सबसे सस्ता मनोरंजन है
अपनी क्षमता से ज्यादा काम नहीं करे क्यों की ज्यादा थकने से दिमाग ही नहीं मशीन भी अपना काम करना बंद कर देती है
अपने जीवन मे अधिक और अधिक से अधिक प्राप्त करने की मनोवर्ती का त्याग करे.
जो आप के पास है उससे आप सदेव खुश रहे
जो आप के पास है उसे त्यागने की जरुरत नहीं है, किन्तु जरुरत है उस चाह/वस्तु को त्यागने की है जो आप के पास नहीं है.
हमेशा अच्छा सोचे अच्छा बोले, अच्छा सुने, अच्छा देखे.
जीवन मे कभी भी किसी से कोई भी अपेक्षा नहीं रखे.
नेकी करके उसे भूल जाएँ.
परम आनंद प्राप्त करने के लिए अपनी fantasies का त्याग करे
Dr.J .K. Garg
Retd. Joint Director, College Education.
2-Ga-16, Vaishali Nagar Ajmer