शिक्षा से समाज को मिलती है दिशा – भदेल

मदनगंज-किशनगढ़। महिला एवं बाल विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) अनिता भदेल ने कहा कि शिक्षा समाज को दिशा देने का कार्य करती है व शिक्षक उसकी महत्वपूर्ण धूरी होता है। सरकार के पास प्रत्येक समस्या का समाधान शिक्षा, शिक्षक व विद्यालय से होकर जाता है ऐसे में शिक्षक समुदाय का दायित्व बनता है कि वे अपनी पूर्ण क्षमता से दायित्व का निर्वहन कर राष्ट्रीय विकास में भागीदारी निभायें। शिक्षकों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाये जाने को लेकर उनका मानना था कि इसे स्व प्रेरणा से ही लागू किया जा सकता है। सम्मेलन के दौरान निकलकर सामने आयी शैक्षिक समस्याऐं यथा वेतन विसंगतियां, नियमीत डीपीसी, वेतन स्थिरीकरण सहित अन्य मांगों के यथा समय निस्तारण का मुख्यंमत्री के साथ मिलकर समाधान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि शिक्षक पूर्ण क्षमता व कृतव्य से अपने काम को अंजाम दे तभी भारत फिर से विश्व में जगत गुरू का दर्जा हासिल कर सकेगा।प्रधानमंत्री मोदी के स्वछता अभियान का उल्लेख करते हुए राज्य मंत्री भदेल ने कहा कि विद्यालय में इसे निरन्तर जारी रखा जाना चाहिये। स्वंय के विभाग के बारे में बोलते हुए उन्होने कहा कि आगंनबाडी केन्द्रो में ऐसे बालकों को तैयार करें जो स्वस्थ भारत के निर्माण में सहायक सिद्व हो। समारोह की अध्यक्षता करते हुए शिक्षक संघ प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद शर्मा ने शिक्षक सम्मेलनों का उददेश्य शिक्षक अधिकारों के साथ साथ कृतव्य निर्वहन को भी बतलाया। उन्होने शिक्षक व शिक्षार्थि दोनो के मध्य गहरा तादम्य स्थापित करने पर जोर दिया। बतौर स्वागताध्यक्ष सभापति नगर परिषद गुणमाला पाटनी ने दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन में उभरकर सामने आयी समस्याओं के मंथन व समाधान पर जोर दिया। संयोजक व संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रामावतार शर्मा ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराते हुए स्वागत किया। कार्यक्रम में किशनगढ़ मार्बल एसोसियेशन अध्यक्ष सुरेश टांक बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। कार्यक्रम में संघ के सरंक्षक नानक कुन्दनानी ने शिक्षकों से सीधी बात करते हुए शिक्षकों की समस्याओं के चिन्तन मनन पर कहते हुए बताया कि सरकार को सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाऐं बढ़ानी चाहिये व उच्च माध्यमिक कक्षाओं को पढाने के लिये योग्य शिक्षकों को व्याख्याता के पदों पर प्रमोट करना चाहिये। कार्यक्रम में भाजपा नेता महेन्द्र पाटनी, कैलाश अग्रवाल (अकंल)लक्ष्मी नारायण सोनगरा, जिला शिक्षा अधिकारी दीपक जौहरी, ब्लाक शिक्षा अधिकारी गोकुल चन्द सिंघल, वी डी बुनकर सहित बडी संख्या में शिक्षाविद व शिक्षक गण उपस्थित थे। इससे पूर्व मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई। कार्यक्रम के अन्त में जिला मंत्री महेन्द्र लखारा ने सम्मेलन में सहयोग देने वाले सभी का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन किया जाकर अगला शैक्षिक सम्मेलन जयपुर में आयोजित किये जाने की घोषणा की गई। मंच संचालन अरविन्द पारीक ने किया।
समस्याओं पर हुआ मंथन
सम्मेलन के दूसरे दिन चले प्रातकालीन सत्र में संघ से जुडे वरिष्ठ पदाधिकारीयों ने शिक्षकों से जुडी तमाम समस्याओं पर विचार विमर्श व मंथन कर मार्ग दर्शन प्रदान किया। सत्र में वेतन विसंगतिया, डीपीसी, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नियुक्ति, शिक्षकों की नई भर्ती, रिक्त पदो की पूर्ति सहित अनेक मागों पर विचार कर उनके समाधान के लिये सरकारी स्तर पर प्रयास का प्रस्ताव पारित किया गया।
ये थे उपस्थित
सम्मेलन में संघ के संरक्षक नानक कुन्दनानी, सन्तोष कुमार सुराना, राज नारायण शर्मा, श्याम सुन्दर शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद शर्मा, उपाध्यक्ष रामावतार शर्मा, प्रदेश मंहामंत्री देवलाल गोचर, प्रदेश मंत्री रवि आचार्य, महावीर प्रसाद सिंघल, जिला अध्यक्ष बिरदी चन्द वैष्णव, मंहामंत्री महेन्द्र लखारा, धनश्याम शर्मा, सुभाष वर्मा, पवन कुमावत, अरविन्द पारीक, अशोक गोयल, महिला प्रदेश उपाध्यक्ष यशोदा दशोरा, नत्थाराम रिणवां, दिनेश शर्मा, सम्पत सिंह, अशोक शर्मा, रोहित वैष्णव सहित हजारों की संख्या में शिक्षक गण उपस्थित थे।
गुरूजन धर्म की साकार मूर्ति होती है- आचार्य वर्धमान
मदनगंज-किशनगढ़ नवम्बर (कासं)। आचार्य वर्धमान सागर महाराज ने शनिवार को जैन भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चातुर्मास श्रावक अपने मंगल के लिए करते है। सभी ने अनेक मंगल कार्य सम्पन कर पुण्य का संचय किया है। मंगल का अर्थ जो सुख को लाने वाला एवं पापों का पक्षालन करने वाला होता है। कषायों का नाश करने से मंगल प्रबल होता है। सबके पास विवेक रूपी कल्प वृक्ष है जिसका सदपयोग एवं दुरूपयोग करना स्वयं के हाथ में होता है। उन्होनें कहा कि धर्म की कोई प्रतिमा नहीं होती है। देव में धर्म दिखाई देता है, शास्त्र धर्म को बताने वाले है और गुरूजन धर्म की साकार मूर्ति होती है। धर्म मार्ग देशना देते हुए श्रावकों को धर्म मार्ग पर चलने को कहता है। हमें शरीर में बैठे हुए चैतन्य का ध्यान रखना होगा। शरीर का कुछ नहीं बिगडता है। आत्मा का जन्म मरण नही होता। विषय कषाय की प्रवत्ति हमारे चैतन्य को भंग कर सकती है। दु:ख का वेदन तो आत्म ज्ञान से होता है। मुनि अपूर्व सागर महाराज ने कहा कि चातुर्मास में गुरू सेवा, उपसना व ज्ञानार्जन एवं अहिंसा धर्म की रक्षा, धर्म का ज्ञान प्राप्त किया है। चातुर्मास चतुर बनने का महिना है। इसमें हमने धर्म मार्ग पर चलने की चतुराई मिली है। गुरूजनों के सान्निध्य में अपनी आत्मा का बोध होता है। सच्चे देव शास्त्र गुरू की भक्ति करने को बतातेे हुए कहा कि आस्था के बिना रास्ता नही मिलता। सम्यक दृष्टि आत्मा को जान लेता है। जीवन में अच्छे व बुरे के लिए स्वयं जिम्मेदार होते है। देव शास्त्र गुरू हमारे लिए अमृतधारा होती है। प्रात: श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा की गई। कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलित रतन लाल कैलाशचंद सेठी व मंगलाचरण अजीत बाकलीवाल ने किया। कार्यक्रम में शांतिकुमार गोधा, प्राणेश बज, भागचंद बोहरा ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना कत्र्ता विमल कुमार प्रेमचंद बडजात्या का समाज की ओर से सम्मान किया गया। तत्पश्चात आचार्यश्री ने मंगल कलश को विधि विधान पूर्वक बडजात्या परिवार को दिया और बैण्ड बाजों के साथ समाज के अनेक गणमान्यजनों की उपस्थित में मंगल कलश को बडजात्या परिवार के निवास स्थान पर स्थापित किया गया। इस अवसर बडजात्या परिवार के कन्हैयालाल, पन्नालाल, महावीर प्रसाद, शांतिलाल, कैलाशचंद, राजकुमार, निर्मल, पंकज, पवन, अक्षत व दिव्यम सहित समाज के अनेक गणमान्यजन मौजूद थे। दोपहर में आचार्यश्री ससंघ सान्निध्य में वर्षायोग समिति, मुनिसुव्रतनाथ पंचायत एवं सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा वर्षायोग एवं कल्पदु्रम महामण्डल विधान में सहयोग करने वाले कार्यकत्र्ताओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित कैलाशचंद सेठी व ताराचंद गंगवाल, मंगलाचरण अनिल गंगवाल व मंच संचालन अजीत बाकलीवाल ने किया।
क्षत्रिय फुलमालियान समाज का दीपावली स्नेह मिलन आज
मदनगंज-किशनगढ़ नवम्बर (कासं)। क्षत्रिय फुलमालियान सामूहिक विवाह समिति के तत्वावधान में रविवार को दीपावली स्नेह मिलन व जनरल मिटिंग का आयोजन शिवाजी नगर स्थित फुल मालियान समाज भवन में किया गया है। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए समिति के अध्यक्ष मूलचन्द गढवाल ने बताया कि रविवार को प्रात 11 बजे दीपावली स्नेह मिलन व साधारण मिटिंग का आयोजन किया गया है जिसमें समिति के सदस्यों सहित समाज के गणमान्य नागरीक भाग लेगें। सचिव लेखराज दगदी ने बताया कि समिति द्वारा आयोजित छठे सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए आय व्यय का लेखा जोखा भी सभी के सामने रखा जायेगा व आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी बनायी जायेगी।
-राजकुमार शर्मा