U-टर्न की सरकार के विरोध में राहुल गाँधी ने धरना दिया

rahul 5नई दिल्ली. केंद्र सरकार पर अपने वादों से यू-टर्न लेने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में धरना दिया। यह पहली बार था, जब राहुल खुद पार्टी सांसदों के साथ किसी प्रदर्शन में शरीक हुए थे। उनके साथ धरने में मौजूद सांसदों ने कांग्रेस द्वारा सोमवार को जारी बुकलेट लेकर ‘यू-टर्न सरकार नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले गांधी मूर्ति के सामने किए गए इस प्रदर्शन में राहुल के अलावा कमलनाथ, अंबिकासोनी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, दीपेंद्र हुड्डा, प्रमोद तिवारी, अश्विनी कुमार सहित सभी कांग्रेस सांसद मौजूद थे। धरने के दौरान राहुल ने कहा, “कालेधन पर यू-टर्न, सीएजी पर, भ्रष्टाचार पर यू-टर्न, इस सरकार ने हर मुद्दे पर यू-टर्न लिया है।” उन्होंने कहा, “सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया, जो उसने कहा था। ऐसे सरकार कैसे चलेगी। यू-टर्न सरकार नहीं चलेगी।”

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने सोमवार को ही 33 पेज की एक बुकलेट जारी करते हुए मोदी सरकार पर 180 दिनों में 25 बार यू-टर्न लेने का आरोप लगाया था। कांग्रेस प्रवक्ता अजय माकन ने कहा था कि बीजेपी ने सिर्फ झूठे वादे किए थे और उसका मकसद सत्ता हथियाना था, जबकि उसने अपने चुनावी घोषणा पत्र का एक भी वादा अब तक पूरा नहीं किया है। माकन ने कहा था कि छह माह में इस सरकार ने आज तक कुल 25 वादों में पलटी मारी है। उनका कहना था कि 180 दिन में सरकार हर सप्ताह अपने छह से सात वादों से पलटती रही है। उन्होंने भाजपा की सरकार को यू-टर्न सरकार करार दिया और कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने जिस तरह से अपने वादों से पलटने की रफ्तार बनाई है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि एनडीए की 2004 तक चली सरकार अपने निर्णय बदलने के लिए मशहूर रही थी और यह सरकार अपने वादों से यू-टर्न लेने वाली साबित हो रही है। उनका आरोप था कि भाजपा जब सत्ता से बाहर होती है और उसे सत्ता में आना होता है तो वह वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसकी परिभाषा ही बदल जाती है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जनता को सपने दिखाने वाली भाजपा नेताओं को समझ लेना चाहिए कि जनता की याददाश्त कमजोर नहीं होती है। उसे मालूम है कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले किस तरह से उसे गुमराह करने का प्रयास किया।
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