भाईयों ने बहन को दिया उसका अधिकार

मृतक काश्तकार की पुत्राी विमला को 25 वर्ष बाद मिला न्याय
अजमेर, 03 जुलाई। जिले के केकडी उपखण्ड की ग्राम पंचायत खवास में आयोजित राजस्व लोक अदालत शिविर विमला देवी के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया, उसको अपने पिता की जमीन में खातेदारी का हक मिल गया। विमला के भाईयों ने आपसी रजामंदी से बहन को खातेदारी का हक देने की सहमति दी।
उपखण्ड अधिकारी श्री जगदीश नारायण बैरवा के अनुसार ग्राम पंचायत खवास में खातेदार श्रीलाल की मृत्यु 25 वर्ष पूर्व हो गई थी लेकिन विरासत के नामान्तरकरण के समय मृतक के तीन पुत्रा भंवरलाल, सत्यनारायण, रामनारायण एवं विधवा पत्नी रामप्यारी का नाम ही खातेदारी में दर्ज किया गया। पुत्राी विमलादेवी का नाम दर्ज नही हो सका था।
श्री बैरवा के अनुसार पुत्राी विमलादेवी ने अपने हक को प्राप्त करने के लिए उपखण्ड न्यायालय केकडी में वाद दायर किया हुआ था। जिसके आधार पर आज ग्राम पंचायत खवास में आयोजित राजस्व लोक अदालत शिविर में प्रतिवादी भाईयों को समझाईश के द्वारा बताया गया कि पुत्रा व पु़त्राी में कोई भेद नही होता है, विमला देवी को उसका अधिकार मिलना चाहिए जिस पर विमला देवी के तीनों भाईयों ने आपसी मनमुटाव को भुलाकर पिता की संपत्ति में बहन को हक देने की रजामंदी दे दी। इस प्रकार 25 वर्षों बाद भाई-बहन एकजुट हो गये और विमलादेवी को पिता की भूमि में खातेदारी का हक भी मिल गया।

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